बाइक से एआरटीओ कार्यालय पहुंचे ज्वाइंट मजिस्ट्रेट , बाबू ने आम अभ्यार्थी समझकर भेजा दलाल के पास

जौनपुर। भ्रष्टाचार के आरोपो से घिरा एआरटीओ विभाग की कारस्तानी जानने के लिए ज्वाइंट मजिस्ट्रेट  एसडीएम सदर एक लेखपाल के साथ बाइक से अपना ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के बहाने सीधे लाइसेंस पटल पर पहुंच गए । उन्होंने वहां पर तैनात कर्मचारी से ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की प्रक्रिया पूछा तो वह कर्मचारी उन्हें आम जनता समझकर दुत्कारते हुए बाहर दुकानों पर बैठे दलाल के पास जाने को कहा। इतना सुनते ही एसडीएम का पारा सातवे आसमान पर पहुंच गया ,उन्होंने तत्काल लाइन बाजार थाने की पुलिस को मौके पर बुलवाकर मेन गेट बंद कराकर कैम्पस में मौजूद लोगों की चेकिंग और पूछताछ शुरू कर दी । दो संदिग्ध लोगों को पुलिस हिरासत में भेज दिया। 

इस दरम्यान पूरे विभाग में हड़कम्प मच गया । दलाल डेंटल कालेज की तरफ से बाहर भाग निकले , कर्मचारी भी दुबक गए । एसडीएम ने उन्हें बाहर भेजने वाले कर्मचारी को तत्काल इस पटल से हटाने का आदेश दिया। पूरे चेकिंग के दरम्यान एआरटीओ अपना और अपने कर्मचारियों का दामन पाक साफ बताते हुए विभाग में व्याप्त गड़बड़ झाले का आरोप दुकानदारों और दलालो के सिर पर मढ़ दिया। 

ज्वाइंट मजिस्टेªट ने बताया कि लगातार शिकायत मिल रही थी कि एआरटीओं कार्यालय में दलाली बढ़ गयी है। इसकी जानकारी लेने के मैं खुद बाइक से आम आदमी तरह एआरटीओं कार्यालय गया वहां पर मैने देखा कि बाबू दलाल के माध्यम से ही कार्य कर रहे है। पूरी हकीकत जानने के बाद मैने पुलिस बुलाकर मेन गेट को बंद कराकर चेकिंग शुरू किया तो तमाम लोग दूसरी गेट से भाग गये कुछ लोगों को पकड़कर जांच पड़ताल किया जा रहा है। मुझे भी एक बाबू ने बाहर दुकान पर दलाल के पास जाने को कहा था उसके खिलाफ भी कार्यवाही करने के लिए आरटीओं को आदेश दिया है। इस विभाग को दलालों से मुक्त कराने के लिए इस तरह की कार्रवाई जारी रहेगा। 


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  1. कार्य तो बहुत अच्छा है,कार्य बहुत अच्छा किया है आपने पर देखते हैं भ्रष्टाचार से लिप्त इस देश में,इस विभाग में यह कार्य कितना कारगर होता है देखते हैं सुधर जाए तो अच्छा ही है वरना यह कितनी बार चलता है फिर ऐसे ही हो जाता है

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  2. बहुत ही सराहनीय कार्य आईएएस महोदय का इसतरह पुलिस विभाग की भी जांच होनी चाहिए

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  3. इन दलालो के चक्कर में मेरा भी डी एल अभी तक नहीं बन पाया लर्निंग तक ही रह गया। करीब दस साल से चार पाँच बार कोसिस कर चुका हूँ, गाड़ी चलाने में डर लगता है कि कहीं डी. एल. के नाते फाईन ना भरना पड़े।।

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  4. sDM साहब जौनपुर की जनता की तरफ से मै आपको to much thanks ।

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