शाखा प्रबंधक को कारण बताओ नोटिस, कम वसूली पर भड़के कलेक्टर

जौनपुर। कलेक्टर मनीष कुमार वर्मा की अध्यक्षता में सहकारी देयो की वसूली एवं मुख्य सचिव के एजेंडा बिंदुओं की समीक्षा बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में संपन्न हुई। 

 बैठक में कलेक्टर ने उत्तर प्रदेश सहकारी विकास बैंक के शाखा प्रबंधको को एनपीए वसूली में तेजी लाने हेतु निर्देशित किया गया। शाखा प्रबंधक मछलीशहर के अनुपस्थित रहने पर उनको कारण बताओ नोटिस जारी करने तथा वेतन बाधित करने हेतु निर्देशित किया गया। जिला सहकारी बैंक के संबंध में कम वसूली पर रोष व्यक्त करते हुए शून्य वसूली वाले प्रबंधको के विरुद्ध कार्यवाई हेतु निर्देशित किया गया। 
सभी एडीओ/एडीसीओ को वसूली में अपेक्षित सहयोग करते हुए वसूली में वृद्धि हेतु निर्देशित किया गया। डीडीएम नाबार्ड द्वारा अवगत कराया गया है कि एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड योजना (ए०आई०एफ०) केंद्र सरकार द्वारा कृषि अवसंरचना कोष की स्थापना की घोषणा की गई है। यह फंड फसल कटाई के बाद बुनियादी ढाँचा प्रबंधन एवं सामुदायिक कृषि परिसंपत्तियाँ हेतु में निवेश के लिये मध्यम एवं दीर्घकालिक ऋण वित्तपोषण की सुविधा प्रदान करेगी। सरकार द्वारा शुरू की गई इस योजना के माध्यम से किसान फसल की कटाई के बाद उसकी सही कीमत मिलने तक उसे सुरक्षित रख सकेंगे। योजना का उददेश्य - फसलों की कटाई के बाद अनाज के प्रबंधन हेतु अवसंरचना विकास करना। उपज बढ़ाने के लिये सामुदायिक कृषि परिसंपत्तियों हेतु धन उपलब्ध करा लिये गए ऋण पर सब्सिडी और बैंक गारंटी के माध्यम से किसानों और कृषि क्षेत्र से जुड़े उद्यमों को निवेश बढ़ाने और आधुनिक तकनीकों को अपनाने के लिये प्रोत्साहित करना। इस योजना का उद्देश्य कृषि क्षेत्र में आधारिक तंत्र को मजबूत करना है, जिससे देश के बड़े बाजारों तक की पहुँच सुनिश्चित की जा सके और साथ ही नवीन तकनीकों के माध्यम से फाइटोसैनेटिक मानदंडों को पूरा करते हुए अंतर्राष्ट्रीय बाजारों तक भारतीय किसानों की पहुंच बढ़ाई जा सके। योजना के प्रमुख बिन्दु - कृषि अवसंरचना कोष के तहत एक लाख करोड़ रुपए की वित्तपोषण की सुविधा दी गई है। इस योजना के तहत ऋण पर ब्याज में 3 प्रतिशत की छूट प्रदान की जाएगी साथ ही ऋण जारी करने वाली संस्था को 2 करोड़ रुपए तक के ऋण पर बैंक गारंटी सरकार द्वारा दी जाएगी। इस योजना के क्रियान्वयन के लिये अगले चार वर्षों के दौरान एक लाख करोड़ रुपए का ऋण प्रदान किया जाएगा। योजना के लाभार्थी - इस कृषि अवसंरचना कोष योजना के तहत बैंकों और वित्तीय संस्थान द्वारा किसानों स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) संयुक्त देयता समूहो, प्राथमिक कृषि ऋण समितियाँ, किसान उत्पादक संगठनों, बहुउद्देशीय सहकारी समितियों को कुल एक लाख करोड़ का ऋण दिया जाएगा। योजना की विशेषता - इस योजना के तहत टॉप अप प्रणाली के तहत दोहरे लाभ की सुविधा प्राप्त हो सकेगा, अर्थात यदि किसी पात्र व्यक्ति को पहले से ही किसी अन्य योजना के तहत सब्सिडी प्राप्त हो रही हो तब भी वह इस योजना का लाभ प्राप्त कर सकेगा। इस योजना के तहत 2 करोड़ तक के ऋण पर क्रेडिट गारंटी फंड ट्रस्ट फॉर माइक्रो एंड स्मॉल एंटरप्राइजेज के द्वारा गारंटी प्रदान की जाएगी साथ ही इस गारंटी के लिये ट्रस्ट का शुल्क केंद्र सरकार द्वारा वहन किया जाएगा। इसके तहत ऋण (अधिकतम 2 करोड़ रुपए तक) स्वीकृत होने से अगले 7 वर्षों तक सवयी प्राप्त होती रहेगी। इस योजना के तहत ऋण के पुनर्भुगतान पर अधिस्थगन न्यूनतम 6 महीने और अधिकतम 2 वर्ष के बीच हो सकता है जनपद की प्रगति जनपद में इस योजना के अन्तर्गत अब तक 17 आवेदन पत्र प्राप्त हुए है, जिसमें से 1 आवेदन पत्र स्वीकृत हुआ है एवं 16 लम्बित। बैठक में उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक और जिला सहकारी बैंक के समस्त शाखा प्रबंधक, सहायक विकास अधिकारी सहकारिता, अपर जिला सहकारी अधिकारी, ए0आर0 कोआपरेटिव उपस्थित रहे।

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