जागरूकता के लिये आयोजित किया जाता है विधिक साक्षरता शिविरः अपर जिला जज
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जौनपुर। कलेक्ट्रेट सभागार में सोमवार को विधिक साक्षरता दिवस का आयोजन तहसील सदर में हुआ जहां अपर जिला जज बुद्धिराम यादव ने बताया कि उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम 1987 के अन्तर्गत निम्न प्रकार से विधिक सेवाएं प्रदान करायी जा रही हैं जिसमें गरीब व आम व्यक्तियों के लिये न्याय शुल्क सहित वकील की फीस सहित अन्य सभी आवश्यक वाद व्यय प्राधिकरण द्वारा वहन किये जाते हैं। उन्होंने बताया कि विधिक अधिकारों एवं सेवाओं की जागरूकता के लिये विधिक साक्षरता शिविरों का आयोजन किया जाता है। परामर्श एवं सुलह समझौता केन्द्रों मंे संधिकर्ता दल द्वारा पारिवारिक विवादों को सुलह समझौता के आधार पर समाप्त कराये जाने के सतत् प्रयास किये जाते हैं। अन्य सभी प्रकार के वादों में सुलह समझौता द्वारा शीघ्र न्याय दिलाया जाता है। उन्होंने कहा कि निःशुल्क विधिक सहायता प्राप्त भी कराया जाता है। साथ ही विवाद रहित प्रदेश बनाने में सबके सहयोग की अपेक्षा किया है। अपर सिविल जज सीनियर डिवीजन धनंजय मिश्र ने बताया कि लैगिंक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम पीओसीएसओ 2012 के तहत बच्चों के समुचित विकास हेतु यह कानून 18 वर्ष से कम आयु के सभी बच्चों को लैंगिक हमले, लैंगिक उत्पीड़न और अश्लील सहित्य से संरक्षण प्रदान करता है। लैंगिक दुव्र्यवहार को उनके तीव्रता के अनुसार 5 विभिन्न श्रेणी प्रवेशन लैंगिक हमला, गुरूतर प्रवेशन लैंगिक हमला, लैंगिक हमला, गुरूतर लैंगिक हमला, लैंगिक उत्पीड़न में बांटा गया है जिसमें किसी बच्चे का उपयोग किसी भी माध्यम से अश्लील सामग्री के तैयार किये जाने में प्रकाशन, प्रसारण इत्यादि पूर्णतया निषिद्ध है। इसी क्रम में तहसीलदार सदर केएन तिवारी ने राजस्व वादों के बारे में विस्तार से जानकारी दिया। कार्यक्रम का सफल संचालन डा. दिलीप सिंह सन्धिकर्ता लोक अदालत ने करते हुये अपना बहुमूल्य सुझाव दिया। इस अवसर पर तहसील सदर के कर्मचारी आदि उपस्थित रहे।
