एक दिन में बदल जाएगा आपका दांत, नहीं करना होगा तीन महीने का इंतजार
https://www.shirazehind.com/2015/11/blog-post_60.html
लखनऊ।
हृदय, कूल्हे के बाद अब बारी है दांतों की। दांतों को गिरने से बचाने के
लिए दांतों का प्रत्यारोपन काफी प्रचलित होता जा रहा है। इसमें खुशखबरी यह
है कि अभी तक दांत प्रत्यारोपण के लिए मरीजों को तीन महीने तक इंतजार करना
पड़ता था, लेकिन दांतों का प्रत्यारोपण अब एक दिन में संभव हो गया है।
तीन महीने के लंबे इस दौरान में मरीज को उन्हें खाने-पीने में काफी कठिनाई होती है। पर, अब ऐसा नहीं होगा। नए दांत प्रत्यारोपित किए जाने के बाद से ही मरीज खाना पीना शुरू कर सकेंगे। केजीएमयू के दंत रोग विशेषज्ञ डॉ. उमा शंकर पाल के मुताबिक दांत प्रत्यारोपण यूनिट ने नवीन तकनीक डेंटल इम्प्लांटोलॉजी विकसित की है।
इसमें मरीज के दांत जबड़ों की हड्डी में महज दो घंटे में ही फिक्स कर दिए जाते हैं। इस तकनीक में दांत लगाने की प्रक्रिया के बाद उसी एक दिन के अंदर ही मरीज को छुट्टी दे दी जाती है। जबकि पहले जबड़ों में दांत लगाने के लिए तीन माह तक लग जाते थे। इससे मरीज को भी खासा लाभ मिलता है। वह दांत प्रत्यारोपण के बाद कुछ ही घंटों बाद घर जा सकता है। सामान्य तरीके से खानपान कर सकेगा।
तीन महीने के लंबे इस दौरान में मरीज को उन्हें खाने-पीने में काफी कठिनाई होती है। पर, अब ऐसा नहीं होगा। नए दांत प्रत्यारोपित किए जाने के बाद से ही मरीज खाना पीना शुरू कर सकेंगे। केजीएमयू के दंत रोग विशेषज्ञ डॉ. उमा शंकर पाल के मुताबिक दांत प्रत्यारोपण यूनिट ने नवीन तकनीक डेंटल इम्प्लांटोलॉजी विकसित की है।
इसमें मरीज के दांत जबड़ों की हड्डी में महज दो घंटे में ही फिक्स कर दिए जाते हैं। इस तकनीक में दांत लगाने की प्रक्रिया के बाद उसी एक दिन के अंदर ही मरीज को छुट्टी दे दी जाती है। जबकि पहले जबड़ों में दांत लगाने के लिए तीन माह तक लग जाते थे। इससे मरीज को भी खासा लाभ मिलता है। वह दांत प्रत्यारोपण के बाद कुछ ही घंटों बाद घर जा सकता है। सामान्य तरीके से खानपान कर सकेगा।

