जौनपुर। राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) ग्राम्य विकास, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग उ0प्र0 डा0 महेन्द्र सिंह आज 11ः30 बजे स्व0 राजकेशर सिंह पूर्व सांसद की तीसरी पुण्यतिथि टी0डी0 महिला महाविद्यालय के हाल में सम्मलित हुए। राज्यमत्री ने कहा कि स्व0 राजकेशर सिंह एक सफल समाजसेवी, राजनेता, प्रशासक तथा शिक्षा प्रेमी होने के साथ-साथ एक धर्मनिष्ठ, आध्यात्म प्रेरित, ईश्वर तथा अन्य दैवीय शक्तियों के प्रति भक्तिभाव से परिपूर्ण सहज, सरल एवं उदार हृदय के महामानव थे। गरीबों, अनाथों, पीड़ित तथा दुखीः व्यक्तियों के प्रति अत्यन्त संवेदनशील थे। ये गुण उन्हें अपनी मॉ से मिली थी। ये अपने माता-पिता के प्रति सदैव श्रद्धावान एवं समपर्ति थे। स्व0 राजकेशर सिंह का जन्म जौनपुर के पश्चिमांचल में स्थित बेसहूपुर गांव में 14 नवम्बर 1930 ई0 को एक सम्पन्न मध्यमवर्गीय परिवार में हुआ था। अंक विज्ञान की दृष्टि से यह तिथि अतीव सार्थक सिद्ध हुई क्योंकि ये एक साधारण मानव का जन्म नहीं था, अपितु जौनपुर के गगन में एक उज्जवल नक्षत्र का उदय था। उन्होंने आये हुए सभी सम्मानित लोगो का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जौनपुर से मेरा रिस्ता बहुत पुराना है। बाबू जी से मैं बहुत बार मिला हॅू, पूज्यनीय स्व0 राजकेशर सिंह को नमन करता हॅू। 1977 में जब वे 282 सीटे जीतकर योगदान दिये। 16 जून 2015 के बीच का समय देखे तो 84 वर्ष 5 माह 2 दिन का समय बहुत होता है। उन्होंने ने 2 अरब, 66 करोड़ 24 लाख 16 हजार सेकेण्ड राष्ट्र के प्रति समर्पित किया है। उन्होंने कहा कि ज्ञान, भक्ति, कर्म योग देखना है तो स्व0 राजकेशर सिंह को देखे। उन्होंने कहा कि न कोई खाली हाथ आता है और न कोई खाली हाथ लेकर जायेगा, वह अपना भाग्य लेकर आया है और अपना कर्म लेकर जायेगा और हमे हिसाब देना होगा। जन्म ही मृत्यु का करण है। उन्होंने कहा कि स्व. सिंह जी का व्यक्तिव ऐसा था कि जब कोई एक बार देख ले तो उनको भूल नही पाता था। उनके श्रीचरणों में बारम्बार नमन करते हुए उनकों प्रणाम करता हॅू। इस अवसर पर माननीय राज्य मंत्री नगर विकास आभाव सहायता एवं पुनर्वास उत्तर प्रदेश गिरीश चंद यादव ने कहा कि बाबू राजकेशर सिंह जी एक सरल, सहज व्यक्ति के धनी व्यक्ति थे। 1977 में लोक सभा के सदस्य हुए। उनका सभी कार्यकर्ता से लगाव हुआ करता था। उन्होंने आग्रह किया कि उनके सपने को पूरा करने में कदम उठायेंगे तो उनकी अच्छी श्रृद्धाजलि होगी। बाबू जी के चरणों में श्रृद्धा सुमन अर्पित करता हूॅ। पूर्व प्राचार्य डा0 लाल साहब सिंह ने कहा कि स्व. राजकेशर सिंह अपने व्यक्तित्व एवं कृतित्व से आज भी जीवित है और उनकी कर्तव्य निष्ठा भावी पीढ़ी के लिए सदैव प्रेरणास्त्रोत रहेगी। अनेक कुलपति, प्रोफेसर शिक्षाविद, विद्धान व्यक्ति तथा शैक्षाणिक संस्थानों के निदेशकों से उनके आत्मीय संबंध थे जिनका लाभ सदैव शिक्षण संस्थाओं को मिलता रहा। इस अवसर पर जफराबाद विधायक डा0 हरेन्द्र प्रताप सिंह, टी0डी0 कालेज के प्रबन्धक अशोक कुमार सिंह, बीजेपी के पूर्व सांसद विद्या सागर सोनकर, बदलापुर सल्तनत बहादुर महाविद्यालय के पूर्व प्राचार्य डा0 लाल साहब सिंह, प्रोफेसर एस के सिंह, पूर्व आईजी बद्री प्रसाद, पूर्व कुलपति डा0 क्रीति सिंह, वरिष्ठ पत्रकार/भारतीय जनता पार्टी नेता ओमप्रकाश सिंह, भाजपा नेता राजेश श्रीवास्तव ’’बच्चा भईया’’, बीआरपी कालेज के सुभाष सिंह तथा जौनपुर के सभी सम्मानित बंधु उपस्थित रहे। इस अवसर पर संचालन बी0एच0यू0 प्रो0 आर0एन0 त्रिपाठी ने किया।

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