जौनपुर। नेवढि़या थाना पुलिस ने सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर साढ़े
तीन लाख रुपये की ठगी के मामले में दो महिलाओं सहित चार आरोपितों को
गिरफ्तार कर चालान कर दिया।
चंदवक थाना क्षेत्र के मुरखापुर गांव निवासी धर्मेंद्र खरवार ने थाने में कुछ महीने पूर्व तहरीर दी थी। आरोप लगाया था कि सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर नेवढि़या थाना के तिलंगा गांव की अर्चना भारती ने उससे साढ़े तीन लाख रुपये लिए थे। पैसा देने के कुछ महीनों पश्चात अर्चना भारती ने उसे फूड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एफ.सी.आई.) का नियुक्ति प्रमाण पत्र दिया। धर्मेंद्र जब नियुक्ति पत्र लेकर संबंधित विभाग में कार्यभार संभालने पहुंचा तो वहां से नियुक्ति पत्र फर्जी होने का पता चला। आरोप है कि धर्मेंद्र अर्चना के घर तिलंगा गांव पहुंचकर रुपये वापस मांगने लगा तो अर्चना भारती और उसके परिजनों ने उसे दुष्कर्म के फर्जी मुकदमे में फंसाने और जान से मारने की धमकी दी। पुलिस तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर छानबीन में जुटी थी। रविवार को मुखबिर की सूचना पर थानाध्यक्ष विनोद यादव ने आरोपितों अर्चना भारती, हरिशंकर जैसवार, शकुंतला देवी, व दिलीप जैसवार गिरफ्तार कर चालान कर दिया।
चंदवक थाना क्षेत्र के मुरखापुर गांव निवासी धर्मेंद्र खरवार ने थाने में कुछ महीने पूर्व तहरीर दी थी। आरोप लगाया था कि सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर नेवढि़या थाना के तिलंगा गांव की अर्चना भारती ने उससे साढ़े तीन लाख रुपये लिए थे। पैसा देने के कुछ महीनों पश्चात अर्चना भारती ने उसे फूड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एफ.सी.आई.) का नियुक्ति प्रमाण पत्र दिया। धर्मेंद्र जब नियुक्ति पत्र लेकर संबंधित विभाग में कार्यभार संभालने पहुंचा तो वहां से नियुक्ति पत्र फर्जी होने का पता चला। आरोप है कि धर्मेंद्र अर्चना के घर तिलंगा गांव पहुंचकर रुपये वापस मांगने लगा तो अर्चना भारती और उसके परिजनों ने उसे दुष्कर्म के फर्जी मुकदमे में फंसाने और जान से मारने की धमकी दी। पुलिस तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर छानबीन में जुटी थी। रविवार को मुखबिर की सूचना पर थानाध्यक्ष विनोद यादव ने आरोपितों अर्चना भारती, हरिशंकर जैसवार, शकुंतला देवी, व दिलीप जैसवार गिरफ्तार कर चालान कर दिया।
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