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बुधवार, 20 जून 2018

मौसम के मिजाज से उड़ी किसानों की नींद

जौनपुर। मौसम का मिजाज देखकर किसानों की नींद उड़ गई है। लू के थपेड़ों ने जल्दी धान की रोपाई की मंशा पर पानी फेर दिया है। तमाम किसानों ने मई के अंतिम सप्ताह में ही धान की नर्सरी डाल दी थी। ऐसे किसानों की नर्सरी अब रोपाई लायक हो गई है। कुछ किसानों ने रोपाई का काम शुरू भी कर दिया था। लेकिन अचानक एक बार फिर भीषण तपिश के साथ ही लू चलने से ऐसे किसानों की चिता बढ़ गई है। लू के थपेड़ों से नर्सरी को बचाने में भी किसानों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। नर्सरी की शाम के समय लगातार सिचाई करनी पड़ रही है।  किसानों का कहना है कि अगर अभी रोपाई कर दी जाए तो अधिक तापमान होने के कारण जल्दी-जल्दी सिचाई करने के बाद भी पौधों के गल जाने की संभावना ज्यादा है।  किसानों का कहना है कि अगर जल्द ही मौसम नहीं बदला तो नर्सरी तैयार होने के बाद भी रोपाई का काम शुरू नहीं हो सकेगा। वैसे भी नहरों में पानी न आना, राजकीय नलकूपों की खराबी व डीजल की बढ़ती कीमतों ने फसलों की सिचाई काफी महंगी कर दी है। ज्ञात हो कि गर्मी व तेज धूप से जनजीवन बेहाल हो गया है। दिन पर दिन बढ़ रहे सूरज के पारे से जन-जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। जून का एक पखवारा खत्म होते ही सूर्य देव ने अपना प्रचंड रूप दिखाना शुरू कर दिया है। सुबह से ही सूरज की तपिश व चिलचिलाती धूप ने लोगों को घरों में बैठने को विवश कर दिया है। वही राहगीर मुंह पर गमछा व युवतियां चेहरे पर दुपट्टा बांध कर घर से निकली। लोग बाजार में तेज धूप से बचने के लिए छतरी का सहारा लेते नजर आए। उमस भरी गर्मी व लू के थपेड़ों को सहते हुए आवागमन करने वाले लोग परेशान है। गर्मी से बेहाल लोग ठंडे पानी व शरबत से अपनी प्यास बुझाते दिखे। पारा 45 डिग्री सेल्सियस रहा। पशुओं के सामने पेयजल का संकट पैदा हो गया है।

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