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गुरुवार, 19 मार्च 2026

तरावीह में कुरआन मुकम्मल, नूरानी मस्जिद में अमन-भाईचारे की दुआ

 

जौनपुर। रमज़ान माह के पवित्र अवसर पर शहर के अब्बासी मोहल्ला, आदमपुर तुर्की बघैला स्थित नूरानी मस्जिद में तरावीह की नमाज़ के दौरान कुरआन-ए-पाक मुकम्मल होने पर अकीदतमंदों ने देश में अमन, शांति और भाईचारे के लिए खास दुआएं मांगीं। इस मौके पर मस्जिद परिसर में बड़ी संख्या में रोज़ेदारों की मौजूदगी रही।

नूरानी मस्जिद में तरावीह की नमाज़ क़ियाम कराने वाले हाफ़िज़ मोहम्मद सुबहान (निवासी खेतासराय, जौनपुर) ने 29 दिनों में कुरआन शरीफ मुकम्मल कराया। इस दौरान सैकड़ों नमाज़ियों ने नियमित रूप से तरावीह में शिरकत की। कुरआन मुकम्मल होने के बाद मस्जिद कमेटी की ओर से हाफ़िज़ मोहम्मद सुबहान की गुलपोशी कर उनका सम्मान किया गया।

इस अवसर पर हाफ़िज़ मोहम्मद सुबहान ने रमज़ान की अहमियत पर प्रकाश डालते हुए कहा कि रोज़ा केवल खाने-पीने से परहेज़ करने का नाम नहीं, बल्कि इंसान के पूरे जिस्म और व्यवहार का रोज़ा होना चाहिए। तभी रोज़ा मुकम्मल और कबूल होता है। उन्होंने बताया कि तरावीह रमज़ान का चांद दिखाई देने से शुरू होती है और ईद का चांद नजर आने तक जारी रहती है।

कार्यक्रम में मौजूद मास्टर जान मोहम्मद ने कहा कि दुनियावी तालीम के साथ दीनी तालीम भी बेहद ज़रूरी है। वहीं डॉ. अब्बासी ने कहा कि रोज़ा और नमाज़ के साथ ज़कात व फ़ितरा अदा कर गरीबों और जरूरतमंदों की मदद करना हर सक्षम व्यक्ति की जिम्मेदारी है।

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