कुलपति के सहारे चल रहा है पूर्वाचंल विश्वविद्यालय
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जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वाचंल विश्वविद्यालय इन दिनो केवल कुलपति के सहारे चल रहा है। प्रशासनिक अधिकारियों के न रहने से कामकाज प्रभावित हो रहा है। सामने दीक्षांत समारोह है कालेज सम्बध्दता की जांच और परीक्षा जैसी बड़ी चुनौतियां है। सब कुछ जानने के बाद भी शासन पूरी तरह से मौन है। उधर इस मामले को शासन का मामला बताकर कुलपति भी अपना पल्ला झाड़ रहे है।
वीर बहादुर सिंह पूर्वाचंल विश्वविद्यालय से वर्तमान समय में 656 कालेज सम्बध्द है। जिसमे पांच लाख से अधिक छात्र-छात्राएं पढ़ाई कर रहे है। इन छात्रो के प्रवेश से लेकर परीक्षा फार्मो की जांच परीक्षा मूल्याकंन परिणाम निकालना किसी विश्वविद्यालय के लिए बड़ा काम है। ऐसे में पूर्वाचंल विश्वविद्यालय अधिकारी विहिन हो गया है यहां दो वर्ष पहले कुलपति प्रो0 पीयूष रंजन अग्रवाल ने कार्यभार ग्रहण करने के बाद से अधिकारियों की समस्त पद रिक्त चल रहा है। इनके साथ एक रजिस्ट्रार वीके सिन्हा रहे जिनका एक वर्ष पूर्व स्थानांतरण हो गया। इसके बाद वीके पाण्डेय का भी तबादला कर डिप्टी रजिस्ट्रार डा0 देवराज को प्रोन्नति देकर शासन से यहां कुलसचिव पद पर भेजा गया। वह भी इस समय अवकाश पर चल रहे है। यहां एक परीक्षा नियंत्रक तीन उप कुल सचिव 6 सहायक कुल सचिव के पद खाली है। कुल मिलाकर दस अधिकारियों के पद खाली है। और कुल सचिव छुट्टी पर है जिससे समस्त जिम्मेदारी कुलपति पर आ गयी है। हर कार्य से जुड़ी फाईलो में पुछताछ के लिए हर अधीक्षक व लिपिक को सीधे कुलपति से सम्पर्क करना पड़ता है। जिससे सारा कामकाज प्रभावित हो गया है। आगामी 13 फरवरी को दीक्षांत समारोह है और नैक टीम आकर मूल्याकंन करेगी। इसके बाद परीक्षा की तैयारी सम्बद्यित तमाम मामले है जिससे पारपाना अकेले कुलपति के बस की बात नही होगी।
वीर बहादुर सिंह पूर्वाचंल विश्वविद्यालय से वर्तमान समय में 656 कालेज सम्बध्द है। जिसमे पांच लाख से अधिक छात्र-छात्राएं पढ़ाई कर रहे है। इन छात्रो के प्रवेश से लेकर परीक्षा फार्मो की जांच परीक्षा मूल्याकंन परिणाम निकालना किसी विश्वविद्यालय के लिए बड़ा काम है। ऐसे में पूर्वाचंल विश्वविद्यालय अधिकारी विहिन हो गया है यहां दो वर्ष पहले कुलपति प्रो0 पीयूष रंजन अग्रवाल ने कार्यभार ग्रहण करने के बाद से अधिकारियों की समस्त पद रिक्त चल रहा है। इनके साथ एक रजिस्ट्रार वीके सिन्हा रहे जिनका एक वर्ष पूर्व स्थानांतरण हो गया। इसके बाद वीके पाण्डेय का भी तबादला कर डिप्टी रजिस्ट्रार डा0 देवराज को प्रोन्नति देकर शासन से यहां कुलसचिव पद पर भेजा गया। वह भी इस समय अवकाश पर चल रहे है। यहां एक परीक्षा नियंत्रक तीन उप कुल सचिव 6 सहायक कुल सचिव के पद खाली है। कुल मिलाकर दस अधिकारियों के पद खाली है। और कुल सचिव छुट्टी पर है जिससे समस्त जिम्मेदारी कुलपति पर आ गयी है। हर कार्य से जुड़ी फाईलो में पुछताछ के लिए हर अधीक्षक व लिपिक को सीधे कुलपति से सम्पर्क करना पड़ता है। जिससे सारा कामकाज प्रभावित हो गया है। आगामी 13 फरवरी को दीक्षांत समारोह है और नैक टीम आकर मूल्याकंन करेगी। इसके बाद परीक्षा की तैयारी सम्बद्यित तमाम मामले है जिससे पारपाना अकेले कुलपति के बस की बात नही होगी।

