वाह रे स्वास्थ विभाग मरीजो को लेटा दिया जमीन पर
https://www.shirazehind.com/2016/02/blog-post_540.html?m=0
जौनपुर। केन्द्र व प्रदेश सरकार जननी सुरक्षा को लेकर लाख दंभ भरे लेकिन हमारी सरकारी मशीनरियां हर मोर्चो पर उसे विफल करने में लगी रहती है। ताजा मामला देखने को मिला है. मडि़याहूं सामुदायिक स्वास्थ केन्द्र में यहां महिलाओ का नसबंदी करके भेड़ बकरियों की तरह जमीन पर लेटा दिया जाता है। इस कड़ाके ठण्ड में जहां लोग गर्म विस्तर पर ठिठुरते रहते है ऐसे में ये महिलाएं कैसे जमीन का ठण्ड बरदास्त करती है। इस बात की जानकारी मीडिया के माध्यम से मिलने के बाद खुद सीएमओ आश्चर्य चकित हो गये। उन्होने इस मामले की जांच खुद करने पहुंचे गये है।
जमीन पर महिलाओ की लेटी हुई ये तस्वीरे जौनपुर जिले मडि़याहूं सामुदयिक स्वास्थ केन्द्र की है। इन महिलाओ को कड़के ठण्ड में जमीन पर लेटाने का कार्य कोई और नही बल्की भगवान का दूसरा रूप कहे जाने वाले डाक्टरो ने किया है। दर असल ये महिलाए यहां पर नसबंदी कराने आयी थी। डाक्टरो ने नशबंदी करने के बाद जमीन पर ही लेटा दिया। जबकि इस योजना में तहत प्राविधान है कि अगर नसबंदी कराने वाली महिलाओ की संख्या अधिक है तो टेंट हाउस से चारपाई और गद्दे हायर किया जाय। लेकिन यहां तो मामला उल्टा है यहां नसबंदी कराने आयी महिलाओ को चारपाई मुहैया दूर कराना तो दूर की बात उल्टे इंजेक्शन लगाने के नाम पर पचास पचास रूपये वसूल किया ।
मीडिया द्वारा इस बात की जानकारी मिलते ही मुख्य चिकित्साधिकारी खुद सामुदायिक स्वास्थ केन्द्र पहुंच गये। सीएमओ ने कहा कि जब मै यह बात सुना तो आश्चर्य चकित रह गया। फिलहाल सीएमओ साहब अभी इस केन्द्र के डाक्टरो द्वारा बतायी जा गयी बाते को सही मान रहे है।
जमीन पर महिलाओ की लेटी हुई ये तस्वीरे जौनपुर जिले मडि़याहूं सामुदयिक स्वास्थ केन्द्र की है। इन महिलाओ को कड़के ठण्ड में जमीन पर लेटाने का कार्य कोई और नही बल्की भगवान का दूसरा रूप कहे जाने वाले डाक्टरो ने किया है। दर असल ये महिलाए यहां पर नसबंदी कराने आयी थी। डाक्टरो ने नशबंदी करने के बाद जमीन पर ही लेटा दिया। जबकि इस योजना में तहत प्राविधान है कि अगर नसबंदी कराने वाली महिलाओ की संख्या अधिक है तो टेंट हाउस से चारपाई और गद्दे हायर किया जाय। लेकिन यहां तो मामला उल्टा है यहां नसबंदी कराने आयी महिलाओ को चारपाई मुहैया दूर कराना तो दूर की बात उल्टे इंजेक्शन लगाने के नाम पर पचास पचास रूपये वसूल किया ।
मीडिया द्वारा इस बात की जानकारी मिलते ही मुख्य चिकित्साधिकारी खुद सामुदायिक स्वास्थ केन्द्र पहुंच गये। सीएमओ ने कहा कि जब मै यह बात सुना तो आश्चर्य चकित रह गया। फिलहाल सीएमओ साहब अभी इस केन्द्र के डाक्टरो द्वारा बतायी जा गयी बाते को सही मान रहे है।

