एमएलसी चुनाव में होगा त्रिकोणीय मुकाबला या फिर...?
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अंकित जायसवाल
जौनपुर। जनपद की राजनीति अब गरमा गयी है, क्योंकि विधान परिषद सदस्य के चुनाव में मुकाबला रोमांचक हो गया है। अभी तक तो कुछ भी स्पष्ट नहीं था लेकिन अब लड़ाई टक्कर की हो गयी है। ऐसा माना जा रहा है कि भाजपा ने अपने प्रत्याशी की घोषणा करके सपा प्रत्याशी को संकट में डाल दिया है। इधर सपा भी इस बात से खुश नजर आ रही है कि अब उसकी जीत में कोई रोड़ा नहीं बनने वाला है लेकिन बसपा प्रत्याशी जो साफ-सुथरी छवि के हैं, को जिताने में पूर्व सांसद एड़ी चोटी लगाये हुये हैं। फिलहाल जो भी हो, 3 मार्च को होने वाले चुनाव में त्रिकोणीय मुकाबला होगा, क्योंकि बसपा, भाजपा व सपा के अलावा कोई भी दूर-दूर तक दिखायी देता नजर नहीं आ रहा है। गौरतलब हो कि एमएलसी के इस चुनाव में इस बार मुकाबला रोमांचक हो गया है। प्रदेश में सत्तारूढ़ सरकार इस सीट को अपने कब्जे में लेने के लिये सभी कार्यकर्ताओं को कड़ी मेहनत करने का आदेश दे चुकी है, वहीं बसपा ने भी इस सीट को पुनः काबिज होने के लिये एक ईमानदार व मिलनसार व्यक्ति को अपना प्रत्याशी घोषित किया है। इस प्रत्याशी को टिकट दिलाने में कहीं न कहीं पूर्व सांसद धनंजय सिंह का हाथ माना जा रहा है। पूर्व सांसद व बसपा प्रत्याशी बृजेश सिंह प्रिंशू एक-दूसरे के करीबी हैं। इस चुनाव में बसपा के खाते में यह सीट देने के लिये पूर्व सांसद एड़ी चोटी लगा दिये हैं। इधर भाजपा ने अपना प्रत्याशी घोषित करके सपा व बसपा के मंसूबे पर पानी फेर दिया। भाजपा प्रत्याशी की घोषणा ने कहीं न कहीं बसपा प्रत्याशी को संकट में डाल दिया है। राजनीतिज्ञों की मानें तो इस सीट को अब न भाजपा अपने खाते में कर पायेगी, न बसपा और न ही और कोई दल यह सीट सिर्फ सपा के खाते में जाने वाला है। कुछ चुनाव विश्लेषकों का यह भी मानना हैं कि इस बार के चुनाव में त्रिकोणीय मुकाबला होगा और चैंकाने वाले परिणाम आयेंगे। अब देखना यह है कि आगामी 3 मार्च को होने वाले इस चुनाव में कमल खिलता है या फिर हाथी को पछाड़कर साइकिल आगे जायेगी या हाथी सबको रौंदती हुई ह मैदान मारेगी।
जौनपुर। जनपद की राजनीति अब गरमा गयी है, क्योंकि विधान परिषद सदस्य के चुनाव में मुकाबला रोमांचक हो गया है। अभी तक तो कुछ भी स्पष्ट नहीं था लेकिन अब लड़ाई टक्कर की हो गयी है। ऐसा माना जा रहा है कि भाजपा ने अपने प्रत्याशी की घोषणा करके सपा प्रत्याशी को संकट में डाल दिया है। इधर सपा भी इस बात से खुश नजर आ रही है कि अब उसकी जीत में कोई रोड़ा नहीं बनने वाला है लेकिन बसपा प्रत्याशी जो साफ-सुथरी छवि के हैं, को जिताने में पूर्व सांसद एड़ी चोटी लगाये हुये हैं। फिलहाल जो भी हो, 3 मार्च को होने वाले चुनाव में त्रिकोणीय मुकाबला होगा, क्योंकि बसपा, भाजपा व सपा के अलावा कोई भी दूर-दूर तक दिखायी देता नजर नहीं आ रहा है। गौरतलब हो कि एमएलसी के इस चुनाव में इस बार मुकाबला रोमांचक हो गया है। प्रदेश में सत्तारूढ़ सरकार इस सीट को अपने कब्जे में लेने के लिये सभी कार्यकर्ताओं को कड़ी मेहनत करने का आदेश दे चुकी है, वहीं बसपा ने भी इस सीट को पुनः काबिज होने के लिये एक ईमानदार व मिलनसार व्यक्ति को अपना प्रत्याशी घोषित किया है। इस प्रत्याशी को टिकट दिलाने में कहीं न कहीं पूर्व सांसद धनंजय सिंह का हाथ माना जा रहा है। पूर्व सांसद व बसपा प्रत्याशी बृजेश सिंह प्रिंशू एक-दूसरे के करीबी हैं। इस चुनाव में बसपा के खाते में यह सीट देने के लिये पूर्व सांसद एड़ी चोटी लगा दिये हैं। इधर भाजपा ने अपना प्रत्याशी घोषित करके सपा व बसपा के मंसूबे पर पानी फेर दिया। भाजपा प्रत्याशी की घोषणा ने कहीं न कहीं बसपा प्रत्याशी को संकट में डाल दिया है। राजनीतिज्ञों की मानें तो इस सीट को अब न भाजपा अपने खाते में कर पायेगी, न बसपा और न ही और कोई दल यह सीट सिर्फ सपा के खाते में जाने वाला है। कुछ चुनाव विश्लेषकों का यह भी मानना हैं कि इस बार के चुनाव में त्रिकोणीय मुकाबला होगा और चैंकाने वाले परिणाम आयेंगे। अब देखना यह है कि आगामी 3 मार्च को होने वाले इस चुनाव में कमल खिलता है या फिर हाथी को पछाड़कर साइकिल आगे जायेगी या हाथी सबको रौंदती हुई ह मैदान मारेगी।

