गरीबो के घर पड़े है रोटी के लाले , अमिरो को मिल रहा है सरकारी अनाज : श्वेता राय
https://www.shirazehind.com/2016/03/blog-post_463.html?m=0
बरसठी (जौनपुर) भूख से लड़ने के लिए दुनिया के सबसे बडे कार्यक्रम
"राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून" के उत्तर प्रदेश में फेल होने से कांग्रेस
कार्यकर्ताओं में काफी रोष व्याप्त है।
इस सम्बंध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं की एक महत्वपूर्ण बैठक जौनपुर की प्रभारी व कांग्रेस की प्रदेश सचिव श्वेता राय के नेतृत्व में कांग्रेस नेता विपिन दुबे के बरसठी बाजार स्थित आवास पर हुई। बैठक में श्रीमती श्वेता राय ने प्रदेश सरकार को आड़े हांथो लेते हुए खाद्य सुरक्षा कानून को जनहित में इमानदारी से कार्यान्वयन कराने की माँग की।उन्होंने कहा कि खाद्य सुरक्षा अधिनियम लागू होने के बावजूद गरीबों के घर रोटी के लाले पड़ रहे हैं। संपन्न लोगों के घरों में सरकारी अनाज का उठान हो रहा है। साजिश के तहत अल्पसंख्यक वर्ग के लाभार्थियो का नाम सूची से काटा गया है और इसे देखने और रोकने वाला कोई नहीं है।
श्रीमती राय ने कहा कि, कांग्रेस नेतृत्व वाली यूपीए सरकार द्वारा इस ऐतिहासिक राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा विधेयक को 2013 में संसद में इस आशय से पारित किया गया था कि देश की अभावग्रस्त, गरीब अबादी को भारी सब्सिड़ी वाला खाद्यान्न अधिकार के तौर पर प्रदान किया जा सके।ताकि इस देश में किसी को भी भूखा न रहना पड़े। परन्तु उत्तर प्रदेश में सपा सरकार की नाकामी से यह योजना पूरी तरह से फेल नजर आ रही है।"
" उन्होंने कहा कि, पहले तो यूपी सरकार ने तमाम हीला-हवाली के बाद इसे पारित होने के 3 साल बाद लागू भी किया तो आनन-फानन में बिना तैयारी के ही लागू कर दिया लेकिन कानून के तहत इसके नियमों पर ध्यान नहीं दिया गया, इससे आज भी लोगों को योजना के तहत अनाज नहीं मिल पा रहा है। अधिकांश अपात्रों के नाम सूची में शामिल कर लिए गए हैं, जबकि पात्रों के नाम सूची से गायब हैं। गरीबों के लिए सरकार द्वारा चलाई गई खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ अमीर ले रहे हैं।"
"उन्होंने कहा कि, कांग्रेस के नेतृत्व वाली संप्रग सरकार ने खाद्य सुरक्षा कानून तैयार किया था।पहले तो राज्य सरकार ने इसे लागू करने में आनाकानी कीं, फिर फंड की कमी की दुहाई देती रहीं।और जब लागू भी की तो झूठा श्रेय लेने में लगी है।"
"अंत में उन्होंने कहा कि, प्रदेश सरकार किसी भी योजना का क्रियान्वयन ठीक ढंग से नहीं कर रही है। गरीबों के हक के साथ खिलवाड़ किसी कीमत पर बर्दास्त नहीं होगा। मुख्यमंत्री अपनी झूठी वाहवाही लूटना बंद करें। इस योजना को इमानदारी से लागू किया जाए, योजना से कोई भी पात्र वंचित न हो वरना कांग्रेस पार्टी गरीबों के हक के लिए सड़क से सदन तक लड़ाई लड़ने पर बाध्य होगी।"बैठक का संचालन कोआर्डिनेटर आर सी पाण्डेय ने किया।इस अवसर पर अजय कुमार,राजकुमार, तालुकदार दुबे,गिरीश दत्त, डॉ विमल कुमार,मोहर्रम अली,आदि लोग उपस्थित रहे।
इस सम्बंध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं की एक महत्वपूर्ण बैठक जौनपुर की प्रभारी व कांग्रेस की प्रदेश सचिव श्वेता राय के नेतृत्व में कांग्रेस नेता विपिन दुबे के बरसठी बाजार स्थित आवास पर हुई। बैठक में श्रीमती श्वेता राय ने प्रदेश सरकार को आड़े हांथो लेते हुए खाद्य सुरक्षा कानून को जनहित में इमानदारी से कार्यान्वयन कराने की माँग की।उन्होंने कहा कि खाद्य सुरक्षा अधिनियम लागू होने के बावजूद गरीबों के घर रोटी के लाले पड़ रहे हैं। संपन्न लोगों के घरों में सरकारी अनाज का उठान हो रहा है। साजिश के तहत अल्पसंख्यक वर्ग के लाभार्थियो का नाम सूची से काटा गया है और इसे देखने और रोकने वाला कोई नहीं है।
श्रीमती राय ने कहा कि, कांग्रेस नेतृत्व वाली यूपीए सरकार द्वारा इस ऐतिहासिक राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा विधेयक को 2013 में संसद में इस आशय से पारित किया गया था कि देश की अभावग्रस्त, गरीब अबादी को भारी सब्सिड़ी वाला खाद्यान्न अधिकार के तौर पर प्रदान किया जा सके।ताकि इस देश में किसी को भी भूखा न रहना पड़े। परन्तु उत्तर प्रदेश में सपा सरकार की नाकामी से यह योजना पूरी तरह से फेल नजर आ रही है।"
" उन्होंने कहा कि, पहले तो यूपी सरकार ने तमाम हीला-हवाली के बाद इसे पारित होने के 3 साल बाद लागू भी किया तो आनन-फानन में बिना तैयारी के ही लागू कर दिया लेकिन कानून के तहत इसके नियमों पर ध्यान नहीं दिया गया, इससे आज भी लोगों को योजना के तहत अनाज नहीं मिल पा रहा है। अधिकांश अपात्रों के नाम सूची में शामिल कर लिए गए हैं, जबकि पात्रों के नाम सूची से गायब हैं। गरीबों के लिए सरकार द्वारा चलाई गई खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ अमीर ले रहे हैं।"
"उन्होंने कहा कि, कांग्रेस के नेतृत्व वाली संप्रग सरकार ने खाद्य सुरक्षा कानून तैयार किया था।पहले तो राज्य सरकार ने इसे लागू करने में आनाकानी कीं, फिर फंड की कमी की दुहाई देती रहीं।और जब लागू भी की तो झूठा श्रेय लेने में लगी है।"
"अंत में उन्होंने कहा कि, प्रदेश सरकार किसी भी योजना का क्रियान्वयन ठीक ढंग से नहीं कर रही है। गरीबों के हक के साथ खिलवाड़ किसी कीमत पर बर्दास्त नहीं होगा। मुख्यमंत्री अपनी झूठी वाहवाही लूटना बंद करें। इस योजना को इमानदारी से लागू किया जाए, योजना से कोई भी पात्र वंचित न हो वरना कांग्रेस पार्टी गरीबों के हक के लिए सड़क से सदन तक लड़ाई लड़ने पर बाध्य होगी।"बैठक का संचालन कोआर्डिनेटर आर सी पाण्डेय ने किया।इस अवसर पर अजय कुमार,राजकुमार, तालुकदार दुबे,गिरीश दत्त, डॉ विमल कुमार,मोहर्रम अली,आदि लोग उपस्थित रहे।

