केराकत कस्बे की सड़कों की दशा बदहाल
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जौनपुर। एक ओर तो सरकार नगर पंचायतों के विकास और कायाकल्प की दिशा में नित्य नये आयाम जोड़ती जा रही है। वहीं जिले का केराकत नगर पंचायत दुर्दशा का शिकार बना है। कहने मात्र को तो केराकत आदर्श नगर पंचायत है, लेकिन इसकी जमीनी हकीकत से रूबरू होने पर इसकी बदहाली नजर आती है। आदर्श नगर पंचायत का ऐसा कोई मार्ग नहीं बचा है जो अपनी बदहाली की कहानी न कहता हो। नगर की सड़कों का हाल यह है कि उन्हें देख कर कहना मुश्किल हो जाता है कि सड़क में गढ़ड़े है या गढ़ड़े में सड़क। ज्ञात हो कि सिहौली चैराहे से लेकर नरहन संकट मोचन तक और पुराने चैराहे से लेकर नये चैराहे होते हुए स्टेशन को जाने वाले मार्ग की दशा दयनीय है। इसी प्रकार गालावार्ड से मेन सड़क को जोड़ने वाली सड़क की दशा भी किसी से छिपी नहीं है। अन्य मार्गो और कई गलियों का भी बुरा हाल है। जिनकी जर्जरता और दयनीय दशा को देख लोगों में आक्रोष साफ छलकने लगता है। ठेकेदारों की मनमानी और राजनीतिक खंीचातानी के चलते नगर पंचायत केराकत का जो विकास होना चाहिए वह नहीं हो पा रहा है। विकास परक योजनाएं भ्रष्टाचार और गुटबाजी की भेंट चढ़ कर रह जा रही है जिसका खामियाजा नागरिकों को भुगतना पड़ जा रहा है। विकास कार्यो का हाल यह है कि निर्माण कार्य प्रारंभ होते ही इसमेें व्याप्त खामियां दिखाई देने लगती है, लेकिन इस ओर न तो स्थानीय प्रशासन की नजरे जाती है और ना ही जिला प्रशासन की जिससे ठेकेदारों की मलाई कट रही है तो वहीं इसमें लिप्त लोगों की भी मौज कट रही है। प्रबुद्व जनों की माने तो यदि पिछले कुछ सालों के कार्यो की निष्पक्ष ढंग से जांच करा दी जाये तो खुदबखुद सच्चाई सामने आ जायेगी और भ्रष्टाचार, कमीशनखोरी सामने आ जायेगी कि कितना धन विकास कार्यो में खर्च हो पा रहा है।

