जौनपुर। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जिले के सरायख्वाजा पुलिस का अमानवीय मामला प्रकाश में आया है। क्षेत्र के चिरैयाडीह गांव से बालक को हिरासत में लेकर पूछताछ के नाम पर प्रताड़ित किया जा रहा है। उक्त बालक का भाई गांव प्रेमिका के साथ एक सप्ताह पूर्व भाग गया है। बताते है कि चिरैयाडीह गांव में गुरुवार को अपराह्न पुलिस बहादुर गौतम के घर पहुंची। सीधे घर में घुसकर कर जबरन तलाशी ली। इस दौरान महिलाओं को अपशब्दों से नवाजा। पुलिस ने घर के एक एक सदस्यों से गांव की प्रेमिका के साथ भागे बहादुर के बेटे के बारे में पूछताछ करती रही। मौके पर बहादुर भी नहीं मिला। गुस्साई पुलिस ने सोये दस वर्षीय भीम को उठाकर जीप में लाद लिया और कहा कि जब तक सिरफिरा आशिक थाने नहीं आयेगा तब तक बालक को नहीं छोड़ेगे । बालक थाने में चीखता चिल्लाता रहा लेकिन पुलिस को उसपर रहम नहीं आया। ज्ञात हो कि भीम का बड़ा भाई गांव में एक लड़की से चक्कर चल रहा था। दोनों एक बार पूर्व भी घर से भाग चुके थे लेकिन फिर घर वापस आ गये थे। एक सप्ताह पूर्व प्रेमी युगल शादी के लिए जिद किये लेकिन जब परिवार नहीं राजी हुआ तो घर छोड़ कर भाग गये लेकिन पुलिस अब नाबालिग भीम को थाने में रखकर प्रताड़ित कर रही है जिसका कोई अपराध नहीं है।
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