बेटियों के प्रति बदलनी होगी समाज की सोच
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जौनपुर। माँ प्यारी देवी मेमोरियल फाउण्डेशन के तत्वाधान में अंतरराष्टड्ढ्रीय महिला दिवस के अवसर पर वाजिदपुर स्थित सिद्धार्थ हास्पिटल लेप्रोस्कोपिक एवं ट्रामा सेंटर में महिलाओं का निःशुल्क आपरेशन किया गया। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत इस दिन करीब दर्जनभर से अधिक महिलाओं के सभी प्रकार के आपरेशन के साथ-साथ उनकी जांचे और दवाएं भी निरूशुल्क दी गयी। सर्जन डा0 लाल बहादुर सिद्धार्थ ने कहा कि कई महिलाओं ने अपने अनुकरणीय कार्यों से मानवता के इतिहास पर अमिट छाप छोड़ी है। बेटियां किसी भी परिवार की आन, बान और शान होती हैं। बेटियां बोझ नहीं है, वह देश का नाम रौशन कर रही है। कन्या भ्रूण हत्या खत्म करने की दिशा में कार्य करना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है, वरना हम ना केवल वर्तमान पीढ़ी को नुकसान पहुंचा रहे हैं बल्कि भावी पीढियों के लिए खतरनाक संकट को निमंत्रण दे रहे हैं। कहा कि कन्या भूण हत्या सबसे खतरनाक मुद्दा है। घर की सास को आगे बढ़कर कन्या भूण हत्या की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए। बेटियों के प्रति समाज की सोच बदलनी होगी। सरकार को चाहिए कि वह बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना को और विस्तार दे ताकि लड़कियों और लड़कों का अनुपात आसानी से समान रूप से हो सके। उन्होंने कहा कि जिस दिन नारी अपनी शक्ति पहचान लेगी उस दिन से वह खुद शक्तिशाली हो जाएंगी। इस अवसर पर डा0 सत्य प्रकाश मोदनवाल, डा0 बिनोद यादव, राजेन्द्र प्रसाद, अच्छेलाल, धर्मेन्द्र कुमार आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

