तहसील क्षेत्र के कई गांव बाढ़ की चपेट में, अनेक ग्रामीणों ने घर छोड़ा
रिपोर्ट - संजय शुक्ल
केराकत (जौनपुर)। तहसील क्षेत्र में गोमती नदी में जलस्तर बढ़ने की वजह से कई गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। केराकत और चंदवक क्षेत्र के कई गांव इसकी चपेट में हैं. इसमें बीरभंपुर, बरमलपुर, बलुआ, चंदवक, बरइच समेत कई गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। केराकत क्षेत्र में गोमती नदी के किनारे जलस्तर बढ़ने से श्मशान घाट डूब गए हैं। इस वजह से अब श्मशान घाट पर दाह संस्कार भी नहीं हो पा रहा है। पास के सुरक्षित स्थानों पर दाह संस्कार हो रहे हैं।
बीरभानपुर गांव के रहने वाले दयाराम गौड़ की मां की सड़क हादसे में सात दिनों पहले मौत हो गई। परिवार ठीक से तेरहवीं भी नहीं कर पाया। तबतक बाढ़ ने दोहरी मार दे दी। घर में पानी घुसने से सारा सामान डूब गया। परिवार समेत दयाराम अब तिरपाल और तीन शेड डालकर रहने को मजबूर हैं। उनका आरोप है कि पांच दिन बीतने के बाद भी जिले का कोई प्रशासनिक अधिकारी उनकी हाल खबर लेने नहीं पहुंचा।
करीब एक महीने पहले दयाराम की 8 साल की बेटी की सांप काटने की वजह से मौत हो चुकी है। घर में रखा आनाज, गृहस्थी का सामान अब डूब गया है ।खाने पीने में काफी दिक्कतें हो रही है। नमक, प्याज और रोटी खाकर लोग खुद और बच्चों का पेट पाल रहे हैं। राजू प्रसाद की पत्नी आरती ने बताया कि उनके तीन बच्चे हैं। घर में बाढ़ का पानी का घुसने से घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। सांप बिच्छू जिसे जहरीले जानवर निकल रहे हैं। परिवार के लोग काफी डरे हुए हैं। बाढ़ की वजह से उनके बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं।
बाढ़ में करीब कई एकड़ की फसल भी डूबकर बर्बाद हो गई है, लेकिन प्रशासन की तरफ से किसी तरह की मदद नहीं की गई। प्रशासन की अनदेखी की वजह से उनकी मुश्किलें और बढ़ गई हैं। लोग घर छोड़कर तिरपाल डालकर सुरक्षित स्थानों पर अस्थाई रुप से रहने को मजबूर हैं।

