सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा का खबर प्रकाशन करने वाले पत्रकार पर मुकदमा

जौनपुर। लेखपाल व कानून गो की मिलीभगत से बंजर खाते की भूमि पर भू-माफियाओं द्वारा अवैध कब्जा करने की खबर को प्रकाशित करने वाले पत्रकार के ऊपर लेखपाल द्वारा गलत तरीके से मुकदमा दर्ज करा दिया गया है जिससे पत्रकारों में काफी आक्रोश है। जौनपुर के पत्रकार इस मामले में जिलाधिकारी से मुलाकात करके पत्रकार को न्याय दिलाने एंव भ्रष्ट लेखपाल और कानून गो के विरुद्ध कार्रवाई की मांग करेंगे।

मामला बरसठी थाना क्षेत्र के सरसरा माफी गांव का है। पत्रकार अनुपम कुमार ने लेखपाल अजय पाल व कानून गो जगदीश सरोज की मिलीभगत से सरकारी भूमि पर दिनेश मौर्या द्वारा टीनसेट व बाउंड्रीवॉल बनाकर अवैध कब्जा करने की खबर को प्रमुखता से प्रकाशित करवाया था। खबर का प्रकाशन होने के बाद पूरे विभाग में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में लेखपाल, कानून गो, नायब तहसीलदार सहित कई अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचकर जांच किया तो अवैध कब्जे की बात सही पाई गई। उच्च अधिकारियों ने हल्का लेखपाल अजय पाल को आदेशित किया कि सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा करने वाले दिनेश मौर्या के साथ अन्य कब्जा धारियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया जाए। भू-माफियाओं का सहयोग करने का आरोप लगने के बाद अपनी नौकरी से हाथ धोते-धोते बाल-बाल बचे। हल्का लेखपाल और कानूनगों को पुनः एक अवसर मिल गया और पत्रकार को सबक सिखाने के लिए हल्का लेखपाल ने पुलिस को दिए तहरीर में पत्रकार अनुपम कुमार का नाम डाल दिया। आश्चर्य की बात यह है कि हल्का लेखपाल अजय पाल ने सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा कर रहे दिनेश मौर्या का नाम तहरीर में डाला ही नहीं जिससे वह बच गया। हल्का लेखपाल ने शिकायतकर्ता मनोज को भी सबक सिखाने के लिए मनोज के साथ उनके परिवार के लोगों का नाम भी एफआईआर में डलवा दिया है जबकि उक्त बंजर खाते की भूमि में मनोज के नाम से दो डिसमिल आबादी दर्ज है। लेखपाल के इस घिनौने कृत्य से पूरे गांव में आक्रोश है और गांव वाले जिलाधिकारी सहित मुख्यमंत्री से लेखपाल और कानून गो की भ्रष्टाचार की शिकायत करने की बात कह रहे हैं।
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सरकारी भूमि को कब्जा करने के लिये हल्का लेखपाल एवं दिनेश मौर्या ने बनायी थी योजना
जौनपुर। बरसठी थाना क्षेत्र के सरसरा माफी गांव में बंजर खाते की भूमि पर अवैध कब्जा करने के लिए दिनेश मौर्या तथा हल्का लेखपाल अजय पाल ने मिलकर पहले से ही एक योजना बनाई थी। शिकायतकर्ता मनोज ने बताया कि योजना के तहत दिनेश मौर्या द्वारा एक प्रार्थना पत्र दिया गया। उक्त प्रार्थना पत्र की जांच हल्का लेखपाल को मिली थी। हल्का लेखपाल अजय पाल ने 27 जून को जांच रिपोर्ट में दिनेश मौर्या के नाम से आबादी दर्ज होने का रिपोर्ट लगा दिया। उसके बाद दिनेश मौर्या ने 18 जुलाई को एक और प्रार्थना पत्र एसडीएम मड़ियाहूं को दिया। प्रार्थना पत्र में दिनेश मौर्या ने बताया कि आराजी नंबर 213 में हमारी आबादी है और पुराना मड़हा है जो टूट गया है। उसे बदलकर नया टीनसेट रखना चाह रहा हूं। लेखपाल की रिपोर्ट के आधार पर दिनेश मौर्या ने एसडीएम को गुमराह करके आदेश करा लिया। उक्त आदेश के आधार पर दिनेश मौर्या आराजी नंबर 213 बंजर खाते की भूमि पर अवैध तरीके से टीन सेट रखकर और बाउंड्रीवॉल बनाकर कब्जा करने लगा। निर्माण कार्य को रूकवाने के लिए मनोज थाने पर गया तो पुलिस ने मनोज को वही रिपोर्ट दिखाया जिसमें हल्का लेखपाल अजय पाल ने दिनेश मौर्या के नाम से आबादी दर्ज होने की रिपोर्ट लगाई थी। लेखपाल द्वारा लगाई गई रिपोर्ट को देखकर मनोज के पैरो तले जमीन खिसक गई।
पुलिस ने रिपोर्ट की एक प्रति मनोज को भी दिया है। मनोज सरकारी जमीन पर हो रहे अवैध निर्माण कार्य को रूकवाने के लिए लेखपाल व कानून गो से लाख प्रयास किया परंतु निर्माण कार्य नहीं रुका। लेखपाल व कानून गो द्वारा मनोज को ऐसा कोई सरकारी अभिलेख नहीं दिया गया जिसमें दिनेश मौर्या के नाम से आबादी दर्ज हो। मनोज ने बताया कि आराजी नंबर 213 लगभग 37 डिसमिल बंजर खाते की भूमि है। उक्त भूमि में 2 डिसमिल मनोज पुत्र नंद लाल तथा 2 डिसमिल सौरभ पुत्र दिनेश के नाम से आबादी दर्ज है। इसके अलावा और किसी के नाम से सरकारी अभिलेख में आबादी दर्ज नहीं है। दिनेश मौर्या ने लेखपाल को मिलाकर अपने नाम से आबादी दर्ज होने का एक फर्जी कागजात तैयार किया है उसी फर्जी कागजात के बल पर वह सरकारी भूमि को अवैध तरीके से कब्जा कर रहा था। मनोज ने यह भी बताया कि सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा की खबर समाचार पत्रों में जब से प्रकाशित हुआ है, उसके बाद से ही निर्माण कार्य अभी तक रुका हुआ है। शिकायतकर्ता मनोज ने प्रशासन से मांग किया कि उच्च अधिकारियों को गुमराह करने वाले भ्रष्ट लेखपाल व कानून गो के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए और निर्दोषों के साथ न्याय होना चाहिए।

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दिनेश मौर्या ने सरकारी हैण्डपम्प को भी बाउण्ड्रीवाल के अन्दर घेर लिया
जौनपुर। बरसठी थाना क्षेत्र के सरसरा माफी गांव में दिनेश मौर्या सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा तो कर ही रहे हैं। साथ में  सरकारी हैंडपंप को भी बाउंड्रीवॉल के अंदर घेर लिए हैं जिससे गांव वालों को पानी की समस्या से अब जूझना पड़ रहा है। सरकारी हैंडपंप पर कब्जा हो जाने से गांव के लोग दूर-दराज से पानी लाने को मजबूर है। बाउंड्रीवाल हो जाने के बाद दबंग दिनेश मौर्या सार्वजनिक सरकारी हैंडपंप से किसी को पानी नहीं लेने दे रहे हैं और गांव वाले दूर'दराज से पानी लाने को मजबूर है।

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मीडिया के सवालों में फंसे लेखपाल ने काट दिया था फोन
जौनपुर। बरसठी सरसरा माफी गांव में सरकारी जमीन पर हो रहे अवैध कब्जा के मामले में उसी समय पत्रकार ने जब हल्का लेखपाल से बात करने की कोशिश किया तो पहले वह सवालों का गोलमोल जवाब दे रहे थे। जब बातों में फंसने लगे तो उन्होंने फोन काट दिया। हल्का लेखपाल अजय पाल से पहला सवाल था कि बंजर खाते की जमीन पर कुछ लोंगों द्वारा अवैध कब्जा करने की सूचना है। क्या है सही मामला। जवाब— हल्का लेखपाल ने बताया कि नंद लाल और दिनेश के नाम से आबादी दर्ज है। नंद लाल चाहता है कि दिनेश वहां निर्माण न करें। दूसरा सवाल— सरकारी अभिलेख में सौरभ और मनोज के नाम से आबादी दर्ज है और दोनों लोग अपने जगह पर भूमि पर काबिज हैं। दिनेश मौर्या के नाम से तो आबादी नहीं दर्ज है तो  दिनेश मौर्या आराजी नंबर 213 में कैसे कब्जा कर रहे है। जवाब— झल्लाहट के साथ आबादी की जमीन में पैमाइश करने का अधिकार मेरे पास नहीं है, इसलिए वहां समस्या हो रही है। सवाल— आप आबादी की 4 डिसमिल जमीन को छोडकर बची बंजर खाते की सरकारी जमीन का पैमाइश तो कर ही सकते हैं जिससे दूध का दूध पानी का पानी हो जाएगा। सवालों का जबाब देने की जगह हल्का लेखपाल द्वारा फोन काट दिया गया। कानून गो जगदीश सरोज से जानकारी लेने का प्रयास किया गया तो वह पूरे मामले की जांच करने की बात कर रहे थे। उसी समय पूरी बातचीत के बाद यह साफ हो गया था कि  लेखपाल अजय पाल व कानून गो जगदीश सरोज पर गांव वालों ने भू-माफियाओं से सांठ—गांठ करने का जो आरोप लगाया था, वह आरोप पूरी तरह से सही है।

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बिना पैमाइश व निशानदेही के ही 7 लोगों के विरुद्ध हो गया मुकदमा
जौनपुर। बरसठी थाना क्षेत्र के सरसरा माफी गांव में लेखपाल की तहरीर पर पुलिस ने करीब 7 लोगों के विरुद्ध सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा करने का मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। उक्त गांव निवासी नंद लाल ने बताया कि सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा करने का मुद्दा हमी लोगों द्वारा उठाया गया था और हमी लोगों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर दिया गया है। सरकारी जमीन पर भू-माफियाओं द्वारा अवैध कब्जा की खबर बीते 28 जुलाई को जैसे ही प्रकाशित हुआ, उसी दिन दोपहर तक कई अधिकारी मौके पर आ गए और पूरी जमीन का जायजा लेने के बाद लेखपाल को पैमाइश करके निशानदेही करके एफआईआर कराने का आदेश देकर चले गए। हल्का लेखपाल अजय पाल ने मौके कोई पैमाइश नहीं की और न ही कोई निशानदेही किया। खबर की खिसियाहट से लेखपाल ने हम लोगों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करा दिया है जबकि सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा कर रहे दिनेश मौर्या के विरुद्ध लेखपाल ने मुकदमा नहीं दर्ज कराया। लेखपाल शुरू से ही दिनेश मौर्या के साथ मिला हुआ था, इसीलिए दिनेश मौर्या के विरुद्ध कार्रवाई नहीं कर रहा था जिसके बाद हम लोगों ने यह मुद्दा उठाया था। नंद लाल की मांग है कि उच्च अधिकारी इस मामले की जांच करें जिससे निर्दोषों के साथ न्याय हो और भ्रष्ट लेखपाल व कानून गो के विरुद्ध कार्रवाई हो।

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