कान्हा के जन्मोत्सव पर उल्लास में डूबा उत्तर प्रदेश
https://www.shirazehind.com/2015/09/blog-post_81.html?m=0
भगवान श्रीकृष्ण की जन्माष्टमी पर आज उनके जन्म स्थान मथुरा ही नहीं
समूचे उत्तर प्रदेश में उल्लास का माहौल है। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर पूरी
सृष्टि के रचयिता और जगत पालक कृष्ण कन्हैया के जन्म की खुशियों से
सुबह-सुबह मंदिरों में अभिषेक होने लगे।
मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर संत-महंतों ने भगवान के समक्ष पुष्पांजलि अर्पित कर मानवता के कल्याण की कामना की तो वृंदावन के शाहजी मंदिर में दिन में ही कान्हा का जन्म उत्सव मनाया गया। इस मौके पर हजारों भक्तों की भीड़ मौजूद रही। सुबह से ही विभिन्न साधनों से जन्मस्थान की ओर श्रद्धालुओं का रेला चला आ रहा है तो ब्रजवासी भंडारों के माध्यम से उनकी सेवा में लगे हुए हैं। देश और दुनिया से आए श्रद्धालु के जत्थे ब्रज की गलियों को लबालब किए हुए हैं। मंदिरों पर दर्शन की होड लगी हुई है।
श्रीकृष्ण जन्मस्थान के भागवत भवन में आज भगवान कृष्ण की प्रतिमा के समक्ष पुष्पांजलि कार्यक्रम मनाया गया। अयोध्या की मणिराम छावनी के महंत नृत्य गोपाल दास महाराज और गुरु शरणानंद महाराज ने प्रभु की पुष्पांजलि की तो समूचा भवन कान्हा के जयकारों से गूंज उठा। इस मौके पर मंत्रों से विधि विधान पूर्वक पुष्पांजलि की गई तो लीलाओं के माध्यम से उनके जन्म की कथा सुनाई जा रही थी। हजारों श्रद्धालु पंडाल में जमे हुए थे। द्वारिकाधीश मंदिर में सुबह मंगला आरती से ही भक्तों की भीड़ लगी है। अब तक राजभोग के दर्शन हो चुके हैं, लेकिन भक्तों की भीड़ कम होने का नाम नहीं ले रही। भक्तों के अलग-अलग मंडली भजन-कीर्तन में व्यस्त हैं।
कान्हा के जन्मोत्सव पर श्रीकृष्ण जन्मस्थान के चारों मार्गों पर कालीन और कारपेट बिछाया गया है और श्रद्धालु इनसे कीर्तन करते भजन गाते गुजर रहे हैं। रेलवे जंक्शन और कैंट रेलवे स्टेशन समेत बसों और निजी वाहनों से श्रद्धालुओं के पहुंचने का क्रम बना हुआ है। नगर भर में सेवा भावी लोग भंडारों के माध्यम से आने वालों को भोजन और व्रत उपवास की सामग्री वितरित कर रहे हैं। यहां पर जगह-जगह भंडारों पर भारी भीड़ लगी हुई है। आज सुबह चार बजे से ही विश्राम घाट पर श्रद्धालु बड़ी संख्या में यमुना स्नान और पूजन को पहुंचे। विश्राम घाट से लेकर प्रयाग घाट तक स्नान करने वालों की भीड़ लगी हुई थी। तमाम लोग नौका विहार का आनंद ले रहे थे।
मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर संत-महंतों ने भगवान के समक्ष पुष्पांजलि अर्पित कर मानवता के कल्याण की कामना की तो वृंदावन के शाहजी मंदिर में दिन में ही कान्हा का जन्म उत्सव मनाया गया। इस मौके पर हजारों भक्तों की भीड़ मौजूद रही। सुबह से ही विभिन्न साधनों से जन्मस्थान की ओर श्रद्धालुओं का रेला चला आ रहा है तो ब्रजवासी भंडारों के माध्यम से उनकी सेवा में लगे हुए हैं। देश और दुनिया से आए श्रद्धालु के जत्थे ब्रज की गलियों को लबालब किए हुए हैं। मंदिरों पर दर्शन की होड लगी हुई है।
श्रीकृष्ण जन्मस्थान के भागवत भवन में आज भगवान कृष्ण की प्रतिमा के समक्ष पुष्पांजलि कार्यक्रम मनाया गया। अयोध्या की मणिराम छावनी के महंत नृत्य गोपाल दास महाराज और गुरु शरणानंद महाराज ने प्रभु की पुष्पांजलि की तो समूचा भवन कान्हा के जयकारों से गूंज उठा। इस मौके पर मंत्रों से विधि विधान पूर्वक पुष्पांजलि की गई तो लीलाओं के माध्यम से उनके जन्म की कथा सुनाई जा रही थी। हजारों श्रद्धालु पंडाल में जमे हुए थे। द्वारिकाधीश मंदिर में सुबह मंगला आरती से ही भक्तों की भीड़ लगी है। अब तक राजभोग के दर्शन हो चुके हैं, लेकिन भक्तों की भीड़ कम होने का नाम नहीं ले रही। भक्तों के अलग-अलग मंडली भजन-कीर्तन में व्यस्त हैं।
कान्हा के जन्मोत्सव पर श्रीकृष्ण जन्मस्थान के चारों मार्गों पर कालीन और कारपेट बिछाया गया है और श्रद्धालु इनसे कीर्तन करते भजन गाते गुजर रहे हैं। रेलवे जंक्शन और कैंट रेलवे स्टेशन समेत बसों और निजी वाहनों से श्रद्धालुओं के पहुंचने का क्रम बना हुआ है। नगर भर में सेवा भावी लोग भंडारों के माध्यम से आने वालों को भोजन और व्रत उपवास की सामग्री वितरित कर रहे हैं। यहां पर जगह-जगह भंडारों पर भारी भीड़ लगी हुई है। आज सुबह चार बजे से ही विश्राम घाट पर श्रद्धालु बड़ी संख्या में यमुना स्नान और पूजन को पहुंचे। विश्राम घाट से लेकर प्रयाग घाट तक स्नान करने वालों की भीड़ लगी हुई थी। तमाम लोग नौका विहार का आनंद ले रहे थे।

