रेलकर्मी ने किया तीन महीने के बच्चे को किडनैप, 23 हजार रुपए का था कर्जदार
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चन्दौली। मुगलसराय स्टेशन से बीते 21 अक्टूबर को किडनैप हुए
तीन महीने के मासूम का मामला जीआरपी ने सुलझा लिया है। किडनैप करने वाला और
कोई नहीं बल्कि रेलकर्मी ही निकला। आरोपी मुगलसराय रेलवे में संटमैन के पद
पर तैनात है। 23 हजार रुपए कर्ज चुकाने के लिए आरोपी ने इस वारदात को
अंजाम दिया।
जीआरपी के क्षेत्रधिकारी शेष नाथ यादव ने शुक्रवार को मामले का खुलासा
करते हुए बताया कि आरोपी का नाम रेलकर्मी (शंटमैन) शफीकउद्दीन अंसारी है।
वह दुलहीपुर निवासी है। आरोपी पर 23 हजार का कर्ज था, जिसे वह चुका नहीं पा
रहा था। इस बीच उसे पता चला कि कांशीराम आवास गोधना निवासी ऑटो-विक्रम
मालिक अबकार अहमद को एक दुधमुंहा बच्चे की तलाश है। बच्चे के बदले अबरार
कीमत देने के लिए तैयार था। डील के तहत अंसारी बच्चे की तलाश में जुट गया।
उन्होंने बताया कि 20 अक्टूबर सैयदराजा कोतवाली क्षेत्र के जेठमलपुर
गांव निवासिनी किरन देवी अपनी साथियों के साथ विंध्याचल दर्शन करने गईं
थीं। रात में वापस लौटते समय सैयदराजा के लिए कोई ट्रेन नहीं मिलने पर सभी
महिलाएं मुगलसराय स्टेशन के प्लेटफार्म संख्या 6 पर सो गईं। इस बीच अंसारी
की नजर किरन देवी के मासूम पर पड़ी। मौका देखते ही वह मासूम को लेकर चंपत
हो गया, मामला जब मीडिया में आने लगा तो अबरार ने बच्चा लेने से मना कर
दिया। अंसारी बच्चे को लेकर अपने घर चला गया। उसने मोहल्ले में यह खबर
फैला दी कि किसी को बच्चा चाहिए तो वह 50 हजार में दे सकता है। यह खबर
मानों आग की तरह फैली।
बीते गुरुवार को जीआरपी सूचना के आधार पर सिविल ड्रेस में अंसारी से
बच्चे का सौदा करने पहुंची। बच्चे को कब्जे में लेने के बाद आरोपी को
हिरासत में ले लिया गया है। पुलिस अब बच्चा खरीदने का प्रस्ताव रखने वाले
अबरार की तलाश में दबिश डाल रही है। बताया जा रहा है कि पूर्व मध्य रेल
मंडल मुगलसराय के डीजल शेड में कार्यरत रेलकर्मी अंसारी फिलहाल अपने
दुलहीपुर स्थित मकान में रहता है। उसने शास्त्री कॉलोनी में रेलवे द्वारा
क्वार्टर नंबर 1079 भी एलॉट करा रखा है, जिसे उसने किराये पर दिया है।

