स्कूल के बजाय खेतों में पहुंच रहे बच्चे
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जौनपुर। शिक्षा विभाग एक ओर जहां विद्यालयों में बच्चों की संख्या बढ़ाने के लिए प्रयासरत है। वही स्कूलों में पहुंचने वाले बच्चे कम होते जा रहे है। इसकी वजह बतायी जा रही है ये बच्चे अब अपने खेतों में काम करने के लिए पहुंच जा रहे है। जिससे वे इन दिनों स्कूल नहीं पहुंच पा रहे हैं। स्कूलों में बच्चों की संख्या कम रही हैै। बारिश हो जाने से धान की फसल रोपने के लिए स्कूली बच्चे बाल मजदूरी कर रहे हैं। ग्रामीण इलाके के स्कूलों में बच्चों की संख्या कम बतायी जा रही है। खेतों में पानी भरने से किसान अतिशीघ्र धान की रोपाई का हर संभव प्रयास कर रहे हैं। इसके लिए वे बच्चों को भी खेतों में लगा दे रहे है। अभिभावकों का कहना है कि बच्चों का पालन पोषण खेती के माध्यम से होता है। इसके लिए परिवार के सभी सदस्य खेतों में काम करते हैं। कम बच्चों की संख्या देखकर विभाग सक्रिय हो गया है। बच्चों को स्कूल लाने के लिए शिक्षा मित्र गांवों के घरों में दस्तक दे रहे हैं। उनका कहना है कि बच्चों को स्कूल लाने के लिए उन्हे काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। जिससे उन्हे दो गुनी मेहनत करनी पड़ रही है। स्कूलों में बच्चों को पढ़ाना और स्कूल से घर लाना कठिन हो रहा है।

