आम आदमी की पीड़ा उजागर करें पत्रकार : हसीब सिद्दीकी
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उ0प्र0 श्रमजीवी पत्रकार यूनियन द्वारा आयोजित दो दिवसीय पत्रकार प्रशिक्षण कार्यशाला शुरू
जौनपुर। उ0प्र0 श्रमजीवी पत्रकार यूनियन (सम्बद्ध आई0एफ0डब्लू0जे0) की जौनपुर इकाई के तत्वावधान में दो दिवसीय पत्रकार प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन सामुदायिक सभागार/पत्रकार भवन कलेक्ट्रेट के सभागार में शुरू हुआ। कार्यशाला का शुभारंभ मुख्य अतिथि सदर विधायक नदीम जावेद के साथ अन्य अतिथियों द्वारा सरस्वती के चित्र पर मार्ल्यापण एवं दीप प्रज्जवलन के साथ हुआ। अध्यक्षता यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष हसीब सिद्दीकी और संचालन कुवर यशवंत सिंह ने किया। विशिष्ट अतिथि वरिष्ठ पत्रकार पद्मकान्त शर्मा प्रभात (लखनऊ) एवं समूह सम्पादक कैलाश नाथ रहे। सरस्वती वंदना प्रियेश मिश्र ने प्रस्तुत किया। यूनियन के जिलाध्यक्ष विजय प्रकाश मिश्र ने अतिथियों और उपस्थित पत्रकारों का स्वागत करते हुए भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। कार्यक्रम अध्यक्ष यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष हसीब सिद्दीकी ने अपने सम्बोधन में पत्रकारों के अधिकार और कर्तव्य पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आम आदमी की पीडा पत्रकार की लेखनी में दिखनी चाहिए, पत्रकारों पर मालिकों की बन्दिश और मीडिया मैनेजमेंट घातक है। आपात काल इसका उदाहरण है, समाचार और विचार में घाल-मेल नही होना चाहिए। मीडिया जगत में आज सबकुछ आ गया है लेकिन उसकी ’आत्मा’ सच ओझल हो रही है। समाचारों में शब्दों का चयन उसके दूरगामी प्रभाव पर विचार जरूरी है। समूह सम्पादक कैलाश नाथ ने अपने सम्बोधन में कहा कि पत्रकार की पहचान उसकी लेखनी होनी चाहिए, पत्रकारों को सुनना उसपर मनन करना तब व्यक्त करना चाहिए। जनपद में तीन दिवसीय पत्रकार प्रशिक्षण कार्यशाला पर बल देते हुए उत्तर प्रदेश श्रमजीवी पत्रकार यूनियन की जौनपुर इकाई के प्रयासों की सरहना की। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सदर विधायक नदीम जावेद ने आजादी की लडाई में पत्रकारों के योगदान को नमन करते हुए सच को सच लिखने का आवाहन किया। उन्होंने कहा कि ’’ कलम न हो तो लहू तरजूमा नही होता, हमारे दौर में आसू-जुंबा नही होता, जहॉ भी होगा वहॉ रोशनी लुटायेगा, किसी चिराग का अपना मकां नही होता’’ उन्होंने सम्पादक कैलाश नाथ के पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए प्रशंसा किया। कार्यशाला के मुख्य प्रशिक्षक वरिष्ठ पत्रकार पद्मकान्त शर्मा प्रभात (लखनऊ) ने पत्रकारिता के इतिहास और वर्तमान का रेखाचित्र प्रस्तुत किया। आजादी की लडाई में मादरे वतन की हिफाजत के लिए कुर्बानी देने वाले पत्रकारों को नमन किया। तब आजादी दिलाने का मिशन था आज आजादी बचाने का मिशन है। पत्रकारों को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता होनी चाहिए लेकिन स्वछंदता नही। पत्रकारों को अपने लिए मर्यादा की सीमा रेखा अपने लिए स्वयं खिचनी होगी, स्थापित मूल्यों की रक्षा और आम आदमी की आवाज बनना होगा। उन्होंने कहा कि ’’कैसी मशाले ले के चले तीरगी में आप, जो रोशनी थी वो भी सलामत नही रही’’ मिशन से प्रोफेशन हो गयी है पत्रकारिता, आत्म नियंत्रण और नैतिकता का पालन जरूरी है दूसरों की छवि बनाने में अपनी छवि विगडने न दे पत्रकार, पत्रकारिता एक युद्ध है जिसे जितना ही होगा। न्यूज में व्यूज न हो। पेशे के प्रति ईमानदारी पीड़ित व शोषित के प्रति पक्षधरता व सच को सच लिखने का जज्बा पैदा करना होगा। कार्यशाला में किशोर न्याय बोर्ड के अध्यक्ष संजय उपाध्याय ने पत्रकारों की दिशा और दशा पर प्रकाश डाला एवं अनेक पत्रकारो ने कार्यशाला में अपने विचार व्यक्त किये। यूनियन के महामंत्री संतोष सोन्थालिया ने अभ्यगतों के प्रति आभार व्यक्त किया और जानकारी दी कि दूसरे दिवस 27 नवम्बर 2016 रविवार को 11 बजे से प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित है। इस अवसर पर उपाध्यक्ष जाफर एहसन जाफरी, कैलाश नाथ मिश्र, प्रेम प्रकाश मिश्र, रियाजुल हक, डा0 अखिलेश मिश्र, अनिल सिंह कप्तान, महामंत्री सिविल कोर्ट जौनपुर, डा0 राकेश मिश्र, शम्सी अजीज, डा0 यशवंत गुप्ता, शैलेन्द्र यादव, जुबेर अहमद, चन्द्रमणि पाण्डेय, प्रियेश मिश्र, रविन्द्र श्रीवास्तव, मो0 असलम, बीडी मिश्रा, पीयूष पाण्डेय, राजेश श्रीवास्तव, अजीत सिंह टप्पू, जावेद अहमद, सन्तोष श्रीवास्तव, रामचन्द्र नागर, विरेन्द्र गुप्ता, अरूण यादव, अरविन्द उपाध्याय, डा0 अजहर एहसन जाफरी, दीपक मिश्र, मो0 असलम, मोहर्रम अली, प्रमोद कुमार पाण्डेय, मंगला प्रसाद तिवारी, त्रिभुवन उपाध्याय, छोटे लाल सिंह, समर बहादुर सिंह, प्र0 सूचना अधिकारी के के त्रिपाठी, लेखाकार कंचन सिंह, लल्लन यादव, श्रीमती निगार फात्मा, सुमित सिंह सहित बडी संख्या में पत्रकारगण एवं बुद्धजीवी उपस्थित रहे।
जौनपुर। उ0प्र0 श्रमजीवी पत्रकार यूनियन (सम्बद्ध आई0एफ0डब्लू0जे0) की जौनपुर इकाई के तत्वावधान में दो दिवसीय पत्रकार प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन सामुदायिक सभागार/पत्रकार भवन कलेक्ट्रेट के सभागार में शुरू हुआ। कार्यशाला का शुभारंभ मुख्य अतिथि सदर विधायक नदीम जावेद के साथ अन्य अतिथियों द्वारा सरस्वती के चित्र पर मार्ल्यापण एवं दीप प्रज्जवलन के साथ हुआ। अध्यक्षता यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष हसीब सिद्दीकी और संचालन कुवर यशवंत सिंह ने किया। विशिष्ट अतिथि वरिष्ठ पत्रकार पद्मकान्त शर्मा प्रभात (लखनऊ) एवं समूह सम्पादक कैलाश नाथ रहे। सरस्वती वंदना प्रियेश मिश्र ने प्रस्तुत किया। यूनियन के जिलाध्यक्ष विजय प्रकाश मिश्र ने अतिथियों और उपस्थित पत्रकारों का स्वागत करते हुए भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। कार्यक्रम अध्यक्ष यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष हसीब सिद्दीकी ने अपने सम्बोधन में पत्रकारों के अधिकार और कर्तव्य पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आम आदमी की पीडा पत्रकार की लेखनी में दिखनी चाहिए, पत्रकारों पर मालिकों की बन्दिश और मीडिया मैनेजमेंट घातक है। आपात काल इसका उदाहरण है, समाचार और विचार में घाल-मेल नही होना चाहिए। मीडिया जगत में आज सबकुछ आ गया है लेकिन उसकी ’आत्मा’ सच ओझल हो रही है। समाचारों में शब्दों का चयन उसके दूरगामी प्रभाव पर विचार जरूरी है। समूह सम्पादक कैलाश नाथ ने अपने सम्बोधन में कहा कि पत्रकार की पहचान उसकी लेखनी होनी चाहिए, पत्रकारों को सुनना उसपर मनन करना तब व्यक्त करना चाहिए। जनपद में तीन दिवसीय पत्रकार प्रशिक्षण कार्यशाला पर बल देते हुए उत्तर प्रदेश श्रमजीवी पत्रकार यूनियन की जौनपुर इकाई के प्रयासों की सरहना की। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सदर विधायक नदीम जावेद ने आजादी की लडाई में पत्रकारों के योगदान को नमन करते हुए सच को सच लिखने का आवाहन किया। उन्होंने कहा कि ’’ कलम न हो तो लहू तरजूमा नही होता, हमारे दौर में आसू-जुंबा नही होता, जहॉ भी होगा वहॉ रोशनी लुटायेगा, किसी चिराग का अपना मकां नही होता’’ उन्होंने सम्पादक कैलाश नाथ के पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए प्रशंसा किया। कार्यशाला के मुख्य प्रशिक्षक वरिष्ठ पत्रकार पद्मकान्त शर्मा प्रभात (लखनऊ) ने पत्रकारिता के इतिहास और वर्तमान का रेखाचित्र प्रस्तुत किया। आजादी की लडाई में मादरे वतन की हिफाजत के लिए कुर्बानी देने वाले पत्रकारों को नमन किया। तब आजादी दिलाने का मिशन था आज आजादी बचाने का मिशन है। पत्रकारों को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता होनी चाहिए लेकिन स्वछंदता नही। पत्रकारों को अपने लिए मर्यादा की सीमा रेखा अपने लिए स्वयं खिचनी होगी, स्थापित मूल्यों की रक्षा और आम आदमी की आवाज बनना होगा। उन्होंने कहा कि ’’कैसी मशाले ले के चले तीरगी में आप, जो रोशनी थी वो भी सलामत नही रही’’ मिशन से प्रोफेशन हो गयी है पत्रकारिता, आत्म नियंत्रण और नैतिकता का पालन जरूरी है दूसरों की छवि बनाने में अपनी छवि विगडने न दे पत्रकार, पत्रकारिता एक युद्ध है जिसे जितना ही होगा। न्यूज में व्यूज न हो। पेशे के प्रति ईमानदारी पीड़ित व शोषित के प्रति पक्षधरता व सच को सच लिखने का जज्बा पैदा करना होगा। कार्यशाला में किशोर न्याय बोर्ड के अध्यक्ष संजय उपाध्याय ने पत्रकारों की दिशा और दशा पर प्रकाश डाला एवं अनेक पत्रकारो ने कार्यशाला में अपने विचार व्यक्त किये। यूनियन के महामंत्री संतोष सोन्थालिया ने अभ्यगतों के प्रति आभार व्यक्त किया और जानकारी दी कि दूसरे दिवस 27 नवम्बर 2016 रविवार को 11 बजे से प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित है। इस अवसर पर उपाध्यक्ष जाफर एहसन जाफरी, कैलाश नाथ मिश्र, प्रेम प्रकाश मिश्र, रियाजुल हक, डा0 अखिलेश मिश्र, अनिल सिंह कप्तान, महामंत्री सिविल कोर्ट जौनपुर, डा0 राकेश मिश्र, शम्सी अजीज, डा0 यशवंत गुप्ता, शैलेन्द्र यादव, जुबेर अहमद, चन्द्रमणि पाण्डेय, प्रियेश मिश्र, रविन्द्र श्रीवास्तव, मो0 असलम, बीडी मिश्रा, पीयूष पाण्डेय, राजेश श्रीवास्तव, अजीत सिंह टप्पू, जावेद अहमद, सन्तोष श्रीवास्तव, रामचन्द्र नागर, विरेन्द्र गुप्ता, अरूण यादव, अरविन्द उपाध्याय, डा0 अजहर एहसन जाफरी, दीपक मिश्र, मो0 असलम, मोहर्रम अली, प्रमोद कुमार पाण्डेय, मंगला प्रसाद तिवारी, त्रिभुवन उपाध्याय, छोटे लाल सिंह, समर बहादुर सिंह, प्र0 सूचना अधिकारी के के त्रिपाठी, लेखाकार कंचन सिंह, लल्लन यादव, श्रीमती निगार फात्मा, सुमित सिंह सहित बडी संख्या में पत्रकारगण एवं बुद्धजीवी उपस्थित रहे।

