शिक्षकों ने मूल्यांकन केन्द्रों पर तालाबंदी कर बैठे धरने पर, नही खुलने दिया कोठार का ताला
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जौनपुर। कोषागार
से सम्मानजनक मानदेय, सेवा नियमावली सहित विभिन्न मांगों को लेकर शनिवार
को यू.पी. बोर्ड के कांपियों के मूल्यांकन कार्य का बहिष्कार किया।
वित्तविहीन शिक्षक मूल्यांकन केन्द्रों पर दरी विछाकर सभा कर कोठार का ताला
नही खुलने दिया। उनका दावा है कि जनपद में एक भी कांपियों का मूल्यांकन
कार्य नही हुआ। बहिष्कार में अन्य शिक्षक संगठनों का भी समर्थन मिला।
वित्तविहीन
शिक्षकों के साथ जनपद में गठित संयुक्त संघर्ष समिति द्वारा मूल्यांकन
केन्द्रों पर सुबह 9 बजे से ही प्रभारियों के साथ मुख्य द्वार बैनर व तख्ती
पर लिखे नारों के साथ दरी विछाकर बैठ गए। मूल्यांकन करने आये शिक्षकों से
कांपियों के मूल्यांकन न करने व बहिष्कार में सहयोग करने की बात करते हुए
शिक्षक नेताओं ने संघर्ष समिति के सदस्यों के साथ कोठार रूम के पास पहुंचकर
नारेबाजी करते हुए तालाबंदी कर धरने पर बैठ गए। जनक कुमारी इण्टर कालेज
में सभा कर निर्णय लिया गया कि जब तक मानदेय सहित विभिन्न मांगों की मांग
को सरकार मान नही लेगी तब तक मूल्यांकन कार्य न करेंगे न करने देंगे। बैठक
की अध्यक्षता कर रहे माध्यमिक वित्तविहीन शिक्षक महासभा के प्रांतीय प्रधान
महासचिव अखिलेश सिंह ने कहा कि जिले के शिक्षक इसी तरह से संगठित होकर
संघर्ष करते रहेंगे तो अप्रैल माह के प्रथम सप्ताह में ही वित्तविहीन
शिक्षकों के खाते में सम्मान जनक मानदेय देने के लिए सरकार को विवश होना
पड़ेगा। कार्यवाहक प्रदेश अध्यक्ष छोटे लाल यादव ने कहा कि सरकार की कोरी
धमकियों से वित्तविहीन शिक्षक डरने वाला नही है। जब तक हमारी सभी मांगे
पूरी नही हो जायेगी तब तक जिले के वित्तविहीन शिक्षक न तो मूल्यांकन करेंगे
न करने देंगे। जिलाध्यक्ष राजेश मिश्र, मंगरू राम मौर्य, श्रधेय गुप्ता, अमित दुबे, प्रमोद श्रीवास्तव, डा. उदय सिंह,
बीर सिंह, सुधाकर सिंह, अतुल सिंह मुन्ना, प्रमोद सिंह
डा.
पंकज सिंह, नन्हकऊ गुप्ता, सुनील कुमार शुक्ला, रमेश वर्मा, देवानंद पटेल,
श्यामधर मिश्रा,अमित दुबे, अनिल कुमार शुक्ला, विकास सिंह, विवेकानंद
मिश्र, अंकुर द्विवेदी, पंकज सिंह, जय प्रकाश यादव आदि ने अपना विचार
ब्यक्त किया। संचालन जिला महामंत्री शरद कुमार सिंह ने किया।

