जनता में सरकार की छवि को लेकर उठे सवाल
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जौनपुर। एक साल पहले मुख्यमंत्री की कुर्सी संभालते ही योगी ने 35 प्रमुख घोषणाएं की थीं। जनता के हित में सभी योजनाएं ऐसी थीं जो पूरी तरह से धरातल पर उतरतीं तो यहां के हालात ही बदल जाते। मगर, सरकारी मशीनरी ने चंद आदेशों को छोड़कर बाकी मामलों में इस कदर लापरवाही बरती कि सरकार के एक साल पूरे होने पर भी चंद दिनों में पूरे होने वाले काम भी नहीं निपट पाए हैं। सिस्टम की खामी से योगी सरकार की कहीं न कहीं उपेक्षा हो रही है तो तमाम लोग अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं सरकार को लेकर व्यक्त कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि भ्रष्टाचार तेजी से बढ़ा है हालांकि गोकशी रोके जाने के मामले में सरकार की उम्मीदों पर पुलिस जरूर खरी उतरी है, लेकिन थानों से लेकर अफसरानों तक फरियादियों की सुनवाई सही से नहीं हो पा रही है। गरीबों को न्याय नहीं मिल रहा है, जनता की फरियादें सुनने के लिए अधिकारियों को निर्धारित वक्त तय किया गया था तो वह भी तय समय पर दफ्तरों में दिखाई नहीं देते हैं। इससे जनता में सरकार की छवि को लेकर तमाम सवाल उठने लगे हैं। शिकायतों की भरमार है यह बात अधिकारी भी स्वीकार कर रहे है। निस्तारण में लापरवाही और पक्षपात के आरोप लग रहे है। मामूली काम कराने के लिए भी अधिकारियों की गणेश परिक्रमा करने के लिए लोग विवश है।

