हरिबंश सिंह का सपना हुआ साकार , धनंजय फिर बने किंग मेकर
https://www.shirazehind.com/2018/03/blog-post_415.html?m=0
जौनपुर। पहले अविश्वास प्रस्ताव लाए जाने के वक्त सियासी जोर आजमाइश
करने वाले दिग्गज नेता अब उपचुनाव में अपनी ताकत झोंके हुए थे। कहने को तीन
ब्लाकों में प्रमुख पद के लिए संपन्न उपचुनाव को सियासी जगत में
अपेक्षाकृत छोटा चुनाव माना जाता रहा लेकिन जीत-हार के ताने-बाने में
अलग-अलग खेमों से दिग्गज नेताओं ने खूब दिलचस्पी दिखाई। इस लिहाज से माना
जाता रहा कि इस 'छोटे' चुनाव में 'बड़ों' की प्रतिष्ठा दांव पर लगी रही।
खुटहन में अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान के दौरान भारी उपद्रव के बाद अब उपचुनाव पर सभी की नजर रही। यहां से प्रतापगढ़ के सांसद हरिवंश सिंह की पुत्रवधू नीलम सिंह सपाई खेमे से दो-दो हाथ करने को चुनाव मैदान में उतरीं। अंतत: उन्हें भारी जीत हासिल हुई। विधायक रमेश मिश्र की भी यहां सक्रिय भूमिका रही।
इसी प्रकार सिकरारा के उप चुनाव में सपाई धुरंधर पार्टी प्रत्याशी विनय यादव के पक्ष में मजबूती से लामबंद रहे लेकिन यहां निर्दल प्रत्याशी समरनाथ यादव बाजी मारने में कामयाब रहे। निर्दलीय समरनाथ यादव को मिली बड़ी जीत का श्रेय पूर्व सांसद धनंजय सिंह , एमएलसी बृजेश कुमार सिंह 'प्रिंशू ' की सक्रियता को दिया जा रहा है।
बक्शा के विजेता बने भाजपा प्रत्याशी सजल सिंह की दावेदारी को विधायक रमेश मिश्रा, पार्टी जिलाध्यक्ष सुशील कुमार उपाध्याय व अन्य बड़े नेताओं की सक्रियता से मजबूती मिली। परिणाम स्वरूप यहां भी सपा को हार का सामना करना पड़ा। इन ब्लाकों में हुए उप चुनाव में सपा खेमे से विधायक पारसनाथ यादव, शैलेंद्र यादव ललई, जिला पंचायत अध्यक्ष राज बहादुर यादव, जिलाध्यक्ष लाल बहादुर यादव अपने-अपने स्तर से सक्रिय रहे।
खुटहन में अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान के दौरान भारी उपद्रव के बाद अब उपचुनाव पर सभी की नजर रही। यहां से प्रतापगढ़ के सांसद हरिवंश सिंह की पुत्रवधू नीलम सिंह सपाई खेमे से दो-दो हाथ करने को चुनाव मैदान में उतरीं। अंतत: उन्हें भारी जीत हासिल हुई। विधायक रमेश मिश्र की भी यहां सक्रिय भूमिका रही।
इसी प्रकार सिकरारा के उप चुनाव में सपाई धुरंधर पार्टी प्रत्याशी विनय यादव के पक्ष में मजबूती से लामबंद रहे लेकिन यहां निर्दल प्रत्याशी समरनाथ यादव बाजी मारने में कामयाब रहे। निर्दलीय समरनाथ यादव को मिली बड़ी जीत का श्रेय पूर्व सांसद धनंजय सिंह , एमएलसी बृजेश कुमार सिंह 'प्रिंशू ' की सक्रियता को दिया जा रहा है।
बक्शा के विजेता बने भाजपा प्रत्याशी सजल सिंह की दावेदारी को विधायक रमेश मिश्रा, पार्टी जिलाध्यक्ष सुशील कुमार उपाध्याय व अन्य बड़े नेताओं की सक्रियता से मजबूती मिली। परिणाम स्वरूप यहां भी सपा को हार का सामना करना पड़ा। इन ब्लाकों में हुए उप चुनाव में सपा खेमे से विधायक पारसनाथ यादव, शैलेंद्र यादव ललई, जिला पंचायत अध्यक्ष राज बहादुर यादव, जिलाध्यक्ष लाल बहादुर यादव अपने-अपने स्तर से सक्रिय रहे।

