आँखें अनमोल , इसके प्रति जागरूक रहें

 जौनपुर।  दृष्टि दिवस के अन्तिम दिन रूहट्टा में नेत्र जांच शिविर लगाया गया जिसमें लगभग 148 लोगो की आंखों की जांच की गई जिनमे से 12 लोगो की आखो मे मोतियाबिन्द आपरेशन हेतु चिन्हित किया गया। आंखों की जांच डा0 अमित पांडेय ने किया ।  डा0 अमित पाण्डेय ने कहा कि आंखों में विभिन्न प्रकार के रोग जैसे धूप में चलना, ठंडी हवा का प्रभाव, नींद न आना, समय पर न सोना, रात में जागना, उल्टी को रोक लेना, आंखों में धूल पड़ जाना, आंखों में धूल और धुआं लगना, सिर तथा आंखों में चोट लगना, अधिक देर तक पढ़ना या आंखें गड़ाकर लिखना, धूप में चलने के बाद ठंडे पानी से स्नान कर लेना आदि कारणों से तरह-तरह के आँखों मे रोग हो जाते हैं।  उन्होने लक्षण बताते हुए कहा कि आंखें कीचड़ फेंकने लगती हैं और लाल पड़ जाती हैं , कई बार सूजन भी आ जाती है,  आँखों में कांटे की तरह खड़कन होती है । बार-बार पानी आता है , दर्द भी होता है । कभी-कभी आंखों के कारण सिर में भी दर्द हो जाता है। इसलिए अपनी आँखो व दृष्टि की रक्षा करे, क्योंकि आँखें अनमोल है।  डा0 क्षितिज शर्मा ने कहा कि कभी कभी नेत्र धीरे धीरे अपनी समंजन क्षमता खो देते हैं, जिसके कारण व्यक्ति वस्तुओं को आराम से सुस्पष्ट नहीं देख पाता है। नेत्र में अपवर्तन दोषों के कारण दृष्टि धुँधली हो जाती है, इसे नेत्र दोष कहते हैं। जैसे निकट दृष्टि दोष व दीर्घ दृष्टि दोष   तथा कभी कभी अधिक आयु के कुछ व्यक्तियों के नेत्र का क्रिस्टलीय लेंस दूधिया तथा धुँधला हो जाता है। इस स्थिति को मोतियाबिन्द कहते हैं। मोतियाबिन्द के कारण नेत्र की दृष्टि में कमी हो या पूर्ण रूप से दृष्टि क्षय हो जाता है। मोतियाबिन्द का इलाज शल्य चिकित्सा के द्वारा किया जाता है।   मोहम्मद मुस्तफा, अशोक मौर्य, परमजीत सिंह, संजय सिंघानिया, अश्वनी बैंकर, डा शिवान्नद अग्रहरी, अक्षरा शर्मा, शत्रुघन मौर्य, संजय श्रीवास्तव, सुरेश चन्द्र गुप्ता आर पी सिंह आदि लोग उपस्थित रहे।

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