कंप्यूटर से भी तेज गति से काम करता है जौनपुर के इस बच्चे का दिमाग
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जौनपुर। सातवीं कक्षा के मेधावी छात्र तन्मय श्रीवास्तव की प्रतिभा से
परिचित होने के बाद आप दांतों तले उंगली दबाए बिना नहीं रह सकेंगे। तन्मय
का दिमाग कंप्यूटर से भी तेज गति से काम करता है। अंतरराष्ट्रीय रूबिक्स
क्यूब पहेली जिसे सुलझाने में लोगों को घंटों दिमाग खपाना होता है उसे
तन्मय पलक झपकते ही महज 51 सेकेंड में निबटा देते हैं। विलक्षण प्रतिभा के
धनी इस बालक को कई अन्य विधाओं में भी महारत प्राप्त है।
शहर के हुसेनाबाद नई कॉलोनी निवासी भारतीय स्टेट बैंक के अवकाश प्राप्त
उप प्रबंधक नरेंद्र मोहन श्रीवास्तव के पौत्र तन्मय ने पढ़ाई के साथ-साथ
तबला वादन व गायन का हुनर रखते हैं। दोनों कलाओं में प्रथमा की परीक्षा
उत्तीर्ण कर चुके हैं। तन्मय सुंदर लेखन यानी कैलीग्राफी में भी सिद्धहस्त
हैं। नई-नई डिजाइन बनाना उनका शौक है। नई चीजें सीखने की ललक हमेशा उनके मन
में रहती है। तन्मय ने ताश के पत्तों की जादूगरी भी सीख रखी है। तन्मय
विश्व ख्याति प्राप्त जादूगरों की ताश के ट्रिक को भी आसानी से पकड़ लेते
हैं। साधारण ताश के पत्ते को भी 60 से 70 फीट तक फेंक लेना तन्मय के बाएं
हाथ का खेल है। उनके पास गजब की भाषण कला भी है। इनके सफलता के पांच नियम
के भाषण लोगों द्वारा काफी पसंद किए जाते हैं। तन्मय को पुस्तकें खरीदने का
बड़ा शौक है। उन्होंने अपनी लाइब्रेरी बना रखी है। उनके तीन सौ से अधिक
पुस्तकों के संग्रह में चाणक्य नीति, पंचतंत्र व विभिन्न वैज्ञानिकों की
प्रसिद्ध जीवनी आदि है।होनहार तन्मय ने अपना यू ट्यूब चैनल भी बना रखा है। इसमें शिराज-ए- हिन्द जौनपुर के शाही किला सहित पुरातात्विक महत्व की इमारतों, लखनऊ के साइंस सेंटर व भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम (इकाना) लखनऊ के बारे में वीडियोज बना रखा है। इतना ही नहीं तन्मय खुद स्क्रिप्ट लिखने के साथ ही साथ शू¨टग व एडीटिंग करते हैं। तन्मय का सपना सिविल सेवा के जरिए देश व समाज की सेवा करना है। तन्मय के पिता पवन कुमार श्रीवास्तव विख्यात मेमोरी ट्रेनर जबकि मां राजस्व विभाग में अधिकारी हैं।

