P U में ऑनलाइन चलेगा डिप्लोमा कोर्स
https://www.shirazehind.com/2018/12/p-u.html?m=0
जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में मंगलवार को विद्या
परिषद की बैठक हुई। इस दौरान डिप्लोमा कोर्स ऑनलाइन चालू करने, बीकॉम में
मौखिक परीक्षा पुन: बहाली किए जाने का निर्णय हुआ। इसके अलावा भी कई
महत्वपूर्ण बिंदुओं पर कमेटी की सहमति बनी।
भारत सरकार के निर्देश पर पूर्वांचल विश्वविद्यालय में ऑनलाइन डिप्लोमा कोर्सेज चलाए जाएंगे, इसके लिए कमेटी का गठन कर दिया गया। बीकॉम तृतीय वर्ष में मौखिकी परीक्षा समाप्त कर दी गई थी, जिसे शिक्षकों, छात्रों की मांग पर सदस्यों ने विचार करके पूर्व वर्षो की व्यवस्था को बहाल कर दिया। पीएचडी उपाधि तिथि में एकरूपता लाए जाने पर सहमति बनी। पूर्वांचल विश्वविद्यालय समेत प्रदेश के सभी विश्वविद्यालय में एक ही नियम, तिथि लागू किए जाने का फैसला हुआ। सदस्यों ने यह तय किया कि अशासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालय में योग्यता अनुसार व स्ववितपोषित कालेजों के योग्य शिक्षकों को पेपर सेटर बनाने के लिए समिति ने हरी झंडी दिया। दिव्यांग अध्ययन विभाग के संबंध में समिति ने कुलपति से विचार-विमर्श करते हुए यह तय किया कि चित्रकूट जैसे अन्य दिव्यांग संस्थानों से समझौता करके प्रवेश प्रक्रिया व परीक्षा की साझा व्यवस्था चलाई जाए। जिसमें छात्र मुफ्त में पढ़ाई कर सकेंगे। रसायन विज्ञान के शोध छात्र संजय कुमार मिश्र का निर्धारित अवधि से अधिक दस वर्ष व्यतीत हो जाने के मामले पर विस्तरण नहीं प्रदान किया। यह मामला आरडीसी के हवाले कर दिया गया। अशोक ¨सघल परंपरागत तकनीकी विज्ञान संस्थान चलाने पर सहमति बनी। जिसमें भू एवं योग विज्ञान, प्रकृतिक चिकित्सा जैसे कोर्स चलाए जाएंगे।
भारत सरकार के निर्देश पर पूर्वांचल विश्वविद्यालय में ऑनलाइन डिप्लोमा कोर्सेज चलाए जाएंगे, इसके लिए कमेटी का गठन कर दिया गया। बीकॉम तृतीय वर्ष में मौखिकी परीक्षा समाप्त कर दी गई थी, जिसे शिक्षकों, छात्रों की मांग पर सदस्यों ने विचार करके पूर्व वर्षो की व्यवस्था को बहाल कर दिया। पीएचडी उपाधि तिथि में एकरूपता लाए जाने पर सहमति बनी। पूर्वांचल विश्वविद्यालय समेत प्रदेश के सभी विश्वविद्यालय में एक ही नियम, तिथि लागू किए जाने का फैसला हुआ। सदस्यों ने यह तय किया कि अशासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालय में योग्यता अनुसार व स्ववितपोषित कालेजों के योग्य शिक्षकों को पेपर सेटर बनाने के लिए समिति ने हरी झंडी दिया। दिव्यांग अध्ययन विभाग के संबंध में समिति ने कुलपति से विचार-विमर्श करते हुए यह तय किया कि चित्रकूट जैसे अन्य दिव्यांग संस्थानों से समझौता करके प्रवेश प्रक्रिया व परीक्षा की साझा व्यवस्था चलाई जाए। जिसमें छात्र मुफ्त में पढ़ाई कर सकेंगे। रसायन विज्ञान के शोध छात्र संजय कुमार मिश्र का निर्धारित अवधि से अधिक दस वर्ष व्यतीत हो जाने के मामले पर विस्तरण नहीं प्रदान किया। यह मामला आरडीसी के हवाले कर दिया गया। अशोक ¨सघल परंपरागत तकनीकी विज्ञान संस्थान चलाने पर सहमति बनी। जिसमें भू एवं योग विज्ञान, प्रकृतिक चिकित्सा जैसे कोर्स चलाए जाएंगे।

