मन्दिरों में चढ़ने वाले महाप्रसाद में अपवित्रता बर्दास्त नहीं : विहिप
वहां केवल महाप्रसाद बनाने के मामले में ही हिंदू आस्थाओं के साथ खिलवाड़ नहीं किया गया अपितु हिंदुओं के द्वारा अत्यंत श्रद्धा भाव से अर्पित की गई देव राशि (चढ़ावा) के सरकारी अधिकारियों व राजनेताओं द्वारा दुरुपयोग के भी कष्टकारी समाचार मिलते रहते हैं। कई बार तो हिंदुओं के धर्म पर आघात कर हिंदुओं का धर्मांतरण करने वाली संस्थाओं को इस पवित्र राशि से अनुदान देने के समाचार भी मिलते रहे हैं। कई अन्य राज्य सरकारें भी मंदिरों की संपत्ति व आय का निरंतर दुरुपयोग करती रहती हैं तथा उनका उपयोग गैर हिंदू और हिंदू विरोधी कार्यो में करती रही है।
हमारे देश में संविधान के सर्वोपरि होने की दुहाई बार-बार दी जाती है परंतु दुर्भाग्य से हिंदुओं की आस्थाओं के केंद्र मंदिरों पर विभिन्न सरकारें अपना नियंत्रण स्थापित कर हिंदुओं की भावनाओं के साथ सबसे घृणित धोखाधड़ी संविधान की आड़ में ही कर रही हैं।अपने निहित स्वार्थ के कारण मंदिरों का अधिग्रहण कर वे संविधान की धारा 12, 25 व 26 का खुल्लम-खुल्ला उल्लंघन कर रही हैं।
क्या स्वतंत्रता प्राप्ति के 77 वर्ष बाद भी हिंदुओं को अपने मंदिरों का संचालन करने की अनुमति नहीं दी जा सकती? अल्पसंख्यकों को अपने धार्मिक संस्थान चलाने की अनुमति है परंतु हिंदू को यह संविधान सम्मत अधिकार क्यों नहीं दिया जा रहा? यह सर्व विदित है कि मुस्लिम आक्रमणकारियों ने मंदिरों को लूटा और नष्ट किया था।
तिरुपति बालाजी व अन्य स्थानों पर की जा रही अनियमितताओं के कारण अब हिंदू समाज का यह विश्वास हो गया है कि अपने मंदिरों को सरकारी नियंत्रण से मुक्त कराए बिना उनकी पवित्रता को पुनर्स्थापित नहीं किया जा सकता।
अतएव राज्य सरकार को उनके द्वारा नियंत्रित सभी हिंदू मंदिर अविलंब मुक्त करके हिंदू संतो व भक्तों को एक निश्चित व्यवस्था के अन्तर्गत सौंपने के लिए प्रेरित किए जाने की आवश्यकता है।
इस व्यवस्था का प्रारूप पूज्य संतों ने कई वर्षों के चिंतन मनन व चर्चा के बाद निर्धारित किया है। इस प्रारूप का सफलतापूर्वक उपयोग कई जगह किया भी जा रहा है। इस आशय से विश्व हिन्दू परिषद् समस्त हिन्दू समाज के साथ आज जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंप कर जिलाधिकारी के माध्यम से सरकार तक अपनी बात रखी है,इस प्रकार का ज्ञापन समूचे देश में दिया जा रहा है जिससे विधर्मी हमारे मन्दिर आस्था के साथ खिलवाड़ न कर सकें।उक्त अवसर पर विभाग अध्यक्ष उदयराज सिंह,मंत्री समरबहदुर सिंह,विभाग संयोजक बजरंग दल आशुतोष जी,जिलाअध्यक्ष विमल सिंह, मंत्री सुनील मौर्या,जिला संयोजक बजरंग दल गणेश मोदनवाल,सह संयोजक शिवम अग्रहरि,शंकर वन कुटी से संत राम बाबा जी ,विभाग संगठन मंत्री सत्येंद्र जी,आशीष मिश्रा,नगर संयोजक विनय बिंद,रामेश्वर सोनी, सह सयोजक शिवम मिश्रा, आजाद राय,सूरज राज आदि अनेक कार्यकर्ता एवं हिन्दू जनमानस उपस्थित रहे।

