ग्रामीण मजदूरों के साथ अन्याय, मनरेगा कानून बहाल हो : राकेश सिंह
जौनपुर। केंद्र सरकार द्वारा समाप्त किए गए महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) को पुनः लागू किए जाने की मांग को लेकर जिला उपाध्यक्ष राकेश सिंह डब्बू के नेतृत्व में ब्लॉक कांग्रेस कमेटी सिकरारा की ओर से एक ज्ञापन सौंपा गया। यह ज्ञापन खंड विकास अधिकारी, विकास खंड सिकरारा के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति को प्रेषित किया गया।
ज्ञापन में कहा गया है कि पूर्व की यूपीए सरकार के कार्यकाल में तत्कालीन प्रधानमंत्री स्व. डॉ. मनमोहन सिंह के नेतृत्व में ग्रामीण मजदूरों, गरीबों और महिलाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मनरेगा कानून लागू किया गया था। इस योजना के अंतर्गत वर्ष में सौ दिन का रोजगार सुनिश्चित किया जाता था, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में पलायन पर रोक लगी और मजदूरों को आर्थिक संबल मिला।
राकेश सिंह ने आरोप लगाया गया है कि वर्तमान केंद्र सरकार ने मनरेगा कानून को कमजोर कर अथवा समाप्त कर ग्रामीण मजदूरों के अधिकारों का हनन किया है। इससे गरीब, मजदूर, ग्रामीण और महिलाएं सबसे अधिक प्रभावित हो रही हैं। इसे राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के नाम का अपमान भी बताया गया।
ब्लॉक कांग्रेस कमेटी सिकरारा ने मांग की है कि मजदूरों और ग्रामीण गरीबों के हित को ध्यान में रखते हुए मनरेगा कानून को पुनः बहाल किया जाए, जिससे उन्हें पुनः रोजगार और सम्मानपूर्वक जीवनयापन का अवसर मिल सके।
इस मौके पर ब्लॉक अध्यक्ष प्रवेश निषाद, देवराज पांडेय, शैलेन्द्र यादव, राकेश निषाद, राजीव निषाद, दिनेश पांडेय, अरुण शुक्ला समेत तमाम कांग्रेसी नेता मौजूद रहे।

