वास्तविक पत्रकार जेल में अथवा पर्दे के पीछे हुआ गुम: यशवंत सिंह
हिन्दी पत्रकारिता के 200 साल हुए पूरे-------
-निष्पक्ष पत्रकारिता के मायने: सरकारों के सकारात्मक पहलू को भी आमजन तक पहुंचाकर सेतु बनना अहम भूमिका: मंत्री, गिरीश चंद्र यादव
हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूरे होने पर जौनपुर में गरजे भड़ास 4 मीडिया के संपादक, पत्रकारिता पर बढ़ते दबावों को बताया लोकतंत्र के लिए खतरा
जौनपुर। हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूरे होने के अवसर पर शनिवार को शहर के रघुवंशी होटल सभागार में आयोजित संगोष्ठी में भड़ास 4 मीडिया के संपादक यशवंत सिंह ने पत्रकारिता की वर्तमान स्थिति पर तीखा और बेबाक वक्तव्य देकर पूरे कार्यक्रम का केंद्र बिंदु बन गए। "सोशल मीडिया के बढ़ते वर्चस्व में वास्तविक पत्रकारों की भूमिका" विषय पर आयोजित इस गोष्ठी में उन्होंने कहा कि आज का निष्पक्ष और वास्तविक पत्रकार सबसे अधिक संकट में है।
यशवंत सिंह ने कहा कि "वर्तमान दौर में असली पत्रकार या तो जेल भेज दिया जाता है या फिर वह गुमनामी के अंधेरे में धकेल दिया जाता है।" उन्होंने कहा कि सरकारों का बढ़ता दबाव, मुकदमे, आर्थिक संकट और राजनीतिक ध्रुवीकरण पत्रकारिता की स्वतंत्रता को लगातार कमजोर कर रहे हैं। पत्रकारों का एक बड़ा वर्ग आज जीविका चलाने के लिए सत्ता के गुणगान में लगा है, जबकि दूसरा वर्ग विभिन्न राजनीतिक विचारधाराओं से जुड़े मीडिया संस्थानों का हिस्सा बनकर निष्पक्षता से दूर होता जा रहा है।
उन्होंने सोशल मीडिया के प्रभाव पर चिंता जताते हुए कहा कि आज राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर निष्पक्ष पत्रकारों को इतनी आक्रामकता से ट्रोल करते हैं कि उनके सामने या तो चुप रहने या मुकदमों और उत्पीड़न का सामना करने की स्थिति बन जाती है। उन्होंने कहा कि डिजिटल क्रांति के इस दौर में हर व्यक्ति खुद को पत्रकार घोषित कर रहा है, लेकिन पत्रकारिता के मूल्यों, भाषा की मर्यादा और संवैधानिक जिम्मेदारियों की समझ लगातार कमजोर होती जा रही है।
यशवंत सिंह ने कहा कि पत्रकारिता केवल सूचना देने का माध्यम नहीं, बल्कि लोकतंत्र की आत्मा है। यदि स्वतंत्र पत्रकारिता कमजोर होगी तो लोकतंत्र भी कमजोर होगा। उन्होंने युवा पत्रकारों से अपील की कि वे कठिन परिस्थितियों में भी सच और जनहित के पक्ष में खड़े रहने का साहस बनाए रखें।
कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सरकार के खेल एवं युवा कल्याण राज्य मंत्री गिरीश चंद्र यादव ने भी अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि निष्पक्ष पत्रकारिता का दायित्व केवल कमियों को उजागर करना नहीं बल्कि सरकार द्वारा किए जा रहे सकारात्मक कार्यों और विकास योजनाओं को भी जनता तक पहुंचाना है। पत्रकार समाज और सरकार के बीच महत्वपूर्ण सेतु की भूमिका निभाते हैं।
हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित इस भव्य समारोह में लोकतंत्र सेनानी एवं पूर्व विधायक सुरेंद्र प्रताप सिंह, पूर्व एमएलसी कुंवर वीरेंद्र प्रताप सिंह, शिक्षाविद् डॉ. जंग बहादुर सिंह, वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. सुभाष सिंह सहित अनेक गणमान्य लोगों ने अपने विचार व्यक्त किए।
समारोह के अंत में पत्रकारिता, शिक्षा, चिकित्सा, समाजसेवा और उद्यमिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तियों को सम्मानित किया गया। बड़ी संख्या में पत्रकार, सामाजिक कार्यकर्ता और बुद्धिजीवी कार्यक्रम में उपस्थित रहे।
यशवंत सिंह का यह बेबाक वक्तव्य पूरे आयोजन में चर्चा का विषय बना रहा और पत्रकारिता की वर्तमान चुनौतियों पर गंभीर विमर्श को नई दिशा दे गया।
कार्यक्रम के अंतिम चरण में पत्रकारों व विभिन्न क्षेत्रों की प्रतिभाओं का सम्मान हुआl सम्मानित होने वाले पत्रकारों में डॉ राम सिंगार शुक्ल गदेला,अब्दुल हक़ अंसारी व केदारनाथ सिंह प्रमुख रहे जो अपने जीवन के पांच दशक पत्रकारिता के लिए दिये जिन्होंने मीडिया के हर बदलाव में खुद को जिया। इसके अलावा वरिष्ठ पत्रकार सिराज ए हिन्द डाट काम के संस्थापक राजेश श्रीवास्तव, पंजाब केसरी के स्टेट ब्यूरो चीफ डॉ नासिर खान लखनऊ, तहलका के पूर्वांचल ब्यूरो चीफ संतोष सिंह, वाराणसी के प्रशांत त्रिपाठी, रुद्र प्रताप सिंह, जौनपुर के जावेद अहमद, मनोज उपाध्याय, आरिफ अंसारी, मिथिलेश सिंह गुड्डू, हसनैन कमर दीपू, राजन मिश्रा, राज सैनी, दिलीप शुक्ला,भूलेश्वर पुष्कर,रवि श्रीवास्तव राजन, मसूद अहमद,आमिर अब्बास, इमरान अब्बास विनोद विश्वकर्मा, सलमान शेख रहे।
विभिन्न क्षेत्रों की प्रतिभाओं में शिक्षा व पेट्रोलियम क्षेत्र में प्रदेश स्तर के उद्यमी प्रदीप सिंह सफायर , शिक्षक डॉ जंग बहादुर सिंह, डॉ मनोज कुमार सिंह, डॉ राजन तिवारी को शिक्षा एवं सामाजिक कार्यों के लिए, डॉ हबीबुल्लाह सीएमओ सेंट्रल तिहाड़ जेल दिल्ली, प्रख्यात सर्जन डॉ लालबहादुर सिद्धार्थ व कार्पोरेट हास्पिटल साल्वेशन के संचालक प्रतीक श्रीवास्तव को चिकित्सा एवं सामाजिक कार्यो के लिए, समाजसेवा के लिए जितेंद्र यादव व राजेंद्र कुमार डाटा पॉइंट, संजय सेठ को सामूहिक विवाह कराने के लिए, निखिलेश सिंह, राहिल शेख को सामाजिक कार्यो के लिए, होटल व अन्य उद्योग के लिए हर्षित सिंह रघुवंशी, चंद्र प्रकाश सिंह व वासु अग्रहरि युवा उद्यमी के लिए लिए सम्मानित हुए। सिद्धार्थ सिंह युवा सॉफ्टवेयर इंजीनियर आई टी के प्रेरणा स्रोत के लिए और ज़ूरीयत ज़हरा को सीबीएसई हाई स्कूल में 93% प्राप्त करने के लिए, जिले में स्वच्छता के लिए डीपीएम खुशबू यादव को सम्मान दिया गया।
इस मौके पर डॉक्टर तस्लीम फातिमा आज़ादर हुसैन नायाब हुसैन सोनू ,श्रीकांत सिंह सोलंकी सहित अन्य लोग मौजूद थे। संचालन सलमान शेख ने किया तथा आभार हसनैन क़मर दीपू ने प्रकट किया।

