प्रभारी चिकित्साधिकारी को मिली सविंदा खत्म करने की चेतावनी

जौनपुर। मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय सभागार में मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) साईं तेजा सीलम की अध्यक्षता में संचारी रोग नियंत्रण अभियान की समीक्षा बैठक हुई।

            इस दौरान उन्होंने पिछली बैठक में अनुपस्थित रहने पर कटघरा के प्रभारी चिकित्साधिकारी (एमओआईसी) डॉ देवेंद्र प्रताप सिंह को भविष्य में बैठक में नहीं आने पर संविदा खत्म करने की चेतावनी दी।
           उन्होंने कहा कि डेंगू संभावित तथा एनएस-1 जांच में धनात्मक पाए गए डेंगू के मरीजों की केस बेस्ड एक्टिविटी की जाएगी। जिस घर में डेंगू के मरीज का पता चलेगा उस घर के चारों तरफ 50 घरों में मच्छरों के स्रोत विनष्टीकरण का कार्य किया जाएगा। बुखार के मरीजों का सर्वे होगा और जागरूकता फैलाई जाएगी। वहां पर ग्राम पंचायत एंटीलार्वा का छिड़काव और फागिंग कराएगा जबकि शहरी क्षेत्र में यह काम नगर पालिका कराएगी। यह सारी एक्टिविटी करके शासन से मिली गूगल सीट पर फीड कर देना है। बैठक में शुक्रवार तक जिले में कुल 394 डेंगू के पुष्ट रोगी होने का पता चला। बताया गया कि जिला अस्पताल में 18 डेंगू के मरीज भर्ती हैं।
            उन्होंने बख्शा ब्लाक के कौली तथा रामपुर के सहरा में फैल्सीफेरम मलेरिया के मरीज मिलने के कारणों के बारे में जाना। पता चला कि दोनों ही मामलों में मरीज मूल रूप से यहां के नहीं थे। एक भदोही से और दूसरा वाराणसी से संक्रमित होकर आया था।
           उन्होंने इंटीग्रेटेड हेल्थ इनफार्मेशन प्लेटफार्म (आईएचआईपी) पोर्टल पर फीडिंग कम होने के कारणों के बारे में पूछताछ की और संक्रामक बीमारियों के मरीजों की पोर्टल पर शत-प्रतिशत इंट्री करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि मरीज धनात्मक हों या न हों। डेंगू, मलेरिया, हेपेटाइटिस बी, एचआईवी/एड्स, क्षयरोग आदि के मरीजों का नाम, पूरा पता के साथ सही मोबाइल नम्बर अंकित करें ताकि संक्रमित व्यक्ति की आसानी से खोज कर आवश्यकतानुसार कार्रवाई की जा सके और बीमारी फैलने से रोका जा सके। संक्रमित व्यक्ति के सम्पर्क में आने वालों तथा अन्य लक्षणयुक्त लोगों को चिह्नित कर उनकी सैम्पलिंग कराई जा सके। मरीज का पता चलते ही वह किस राज्य से है, राज्य में जिले, तहसील और गांव से है, संबंधित कालम अच्छी तरह से भरकर आईएचआईपी पोर्टल पर दर्ज किया जाए। उन्होंने निजी चिकित्सालयों को भी संक्रामक बीमारियों के मरीजों का विवरण आईएचआईपी पोर्टल पर फीड करने का निर्देश दिया।
           उन्होंने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) पर हर महीने कम से कम 30 लाभार्थियों को आयुष्मान भारत योजना में भर्ती कराने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जिन गांवों में आयुष्मान भारत योजना के कम कार्ड बने हैं तथा शहरी क्षेत्रों में भी आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए विशेष कैम्प लगाया जाए। हर ब्लॉक के जिन गांवों में बहुत कम लोगों के आयुष्मान कार्ड बने हैं, वहां लगातार तीन दिन तक कैम्प लगाकर शत-प्रतिशत संतृप्त किया जाए। उन्होंने इसके लिए लाभार्थियों के घर जाकर कार्ड बनाने को कहा। कम आयुष्मान कार्ड बनने पर शाहगंज, केराकत और बख्शा के प्रभारी चिकित्साधिकारी (एमओआईसी) पर नाराजगी जताई। आयुष्मान कार्ड न बन पाने के बारे में पूछताछ में 28 प्रतिशत लाभार्थी परिवारों के एक भी सदस्य का आयुष्मान कार्ड नहीं होने की जानकारी हुई। साथ ही अंत्योदय के लाभार्थियों में से 10 प्रतिशत लोगों का कार्ड नहीं बना होने के बारे में बताया गया। उन्होंने इन कमियों अतिशीघ्र दुरुस्त कराने के लिए निर्देशित किया। बैठक में अपर मुख्य चिकित्साधिकारी एसीएमओ डॉ राजीव कुमार, डॉ एसपी मिश्रा, डॉ एससी वर्मा सहित बड़ी संख्या में अधिकारी मौजूद थे।

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