इस्लाम जिन्दा होता है हर कर्बला के बाद....
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जौनपुर। कत्ले हुसेन असलम में मरगे यजीद है, इस्लाम जिन्दा होता है हर कर्बला के बाद। उक्त बातंे इराक से आये मौलाना सैयद रजा अब्बास दायम ने एक मजलिस में कही। इसके बाद अलम व शबीह जुलजनाह बरामद हुआ जो फिरोज मरहूम के घर से होता हुआ सरफराज बेग, सुल्तान बेग के दरवाजे से होता हुआ बैंककर्मी ज्ञान कुमार के दरवाजे पर पहुंचा जहां तमाम अंजुमनों ने नौहा व मातम किया। जुलूस के मुख्य आयोजक बैंककर्मी श्री कुमार व उनका पूरा परिवार रहा जहां हिन्दू-मुस्लिम का अद्भुत सौहार्द देखने को मिला। जुलूस में मनोज, जयंत कुमार व ऋषि कुमार ने छूरे का मातम किया। इस अवसर पर हसनैन कमर दीपू, आरिफ हुसैनी, मिण्टू, इन्द्रजीत मौर्य, आनन्द यादव, सुहेल असगर, एसएम मासूम, दयाराम यादव, सै. कैसर रजा, मिर्जा वसीम, प्रेम कुमार, शौकत हुसैन, शोला जौनपुरी, तवक्कल हुसैन, जैगम हुसैन के अलावा अन्य लोग उपस्थित रहे। अन्त में हिन्दुस्तान मानवाधिकार के प्रदेश सचिव वकार हुसैन ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया।

