पुलिस द्वारा कई तरह की शर्त रखने से नाराज ताजियादारो ने दसवी का जुलूस नही निकालने का लिया निर्णय, डीएम से वार्ता के बाद निकला जुलुस
https://www.shirazehind.com/2015/10/blog-post_304.html
खेतासराय (जौनपुर)। नौवी का जुलुस निकालने पर पुलिस द्वारा कई तरह की शर्त रखने से नाराज ताजियादारो ने आज दसवी का जुलूस नही निकालने का निर्णय ले लिया। जिसके कारण डीएम एसपी समेत पूरा प्रशासनिक अमला खेतासराय में सूबह से डेरा डालकर ताजियादारो को मनाने की कोशिश में जुट गया। पहले एसडीएम शाहगंज और एसपी सिटी ताजियादारो से कई चक्र वार्ता किया लेकिन नतीजा सिफर ही रहा। अंत में डीएम भानुचंद्र गोस्वामी और एसपी राजूबाबू खुद मौके पर जाकर ताजियादारो से वार्ता करके जुलूस को शांतिपूर्ण माहौल में निकलवाया।
शुक्रवार को कस्बा में एक वर्ग के दो युवको की पिटायी करने के आरोप को लेकर साम्प्रदायिक तनाव की स्थिति बन गयी थी।कस्बे की दुकाने बन्द हो गयी थी। जो खुली थी उसे सायं तक पुलिस ने बन्द करा दिया था।रात्रि में ताजियेदारों का नौवीं का जुलूस निकलना था।ताजियेदारों का आरोप है कि पुलिस प्रशासन से जुलूस के लिये शर्ते रख दी।शर्त में कहा गया था कि केवल जुलूस में सीमित संख्या में लोग रहेंगे। और तबल (ढोल )' अखाड़ा जुलूस में नहीं रहना चाहिये।पुलिस प्रशासन की यह शर्ते ताजियेदार मानने को तैयार नहीं हुए।परम्परागत तरीके से जुलूस निकालने पर अनुमति न मिलने से नाराज ताजियेदारों ने नौवीं का जुलूस नहीं निकाला।और मोहर्रम की दसवीं को भी यौम-ए-आशूरा का जुलूस न निकालने का निर्णय ले लिया।
उधर कस्बे में तनाव की स्थिति देखते हुए शनिवार को कस्बे की दुकानें बन्द रही।प्रशासन ने चप्पे चप्पे पर पुलिस व पीएसी का पहरा बैठा दिया।कस्बे में कहीं भी कोई सड़क पर निकलने का प्रयास करता तो पुलिस उसे घर के अन्दर रहने को मजबूर कर देती।हालात अघोषित कर्फ्यू जैसी दिखने लगी।
डीएम भानुचन्द्र गोस्वामी और एसपी राजूबाबू सिंह सुबह साढे़ दस बजे थाने पर पहुंच आये।थाने से ही हर क्षण की रिपोर्ट लेते रहे।और अधिकारियों आवश्यक दिशा निर्देश देते रहे।दसवीं का जूलूस निकालने के लिये एडीएम रजनीश चन्द्र और एसपी सिटी रामजी सिंह यादव को लगा दिया गया।दोनों अधिकारी ताजियेदारों से कई चक्र में वार्ता की।लेकिन ताजियेदारों में आपसी सहमति न बन पाने पर हर बार वार्ता बिफल रही।आखिरी वार्ता दो बजे हुई।
निर्णायक परिणाम न मिलने पर सवा तीन बजे डीएम और एसपी मौके फर पहुंचे।अधिकारी द्वय ने पूर्व चेयरमैन वसीम अहमद, सैयद ताहिर, मो.असलम, मजहरुल इस्लाम शकील अंसारी आदि को बुलवाकर अलग से कमरे में वार्ता की।आधा घण्टे तक हुई वार्ता के बाद लोग जुलूस निकालने को राजी हो गये।लेकिन चौहट्टा चौक के लोग समय न रहने की बात कह कर जुलूस निकालने राजी नहीं थे।डीएम और एसपी चौहट्टा चौक पहुंचकर समझाया बुझाया और पूरा भरोसा दिलाया।तब जाकर ताजियेदार तैयार हुए।और डीएम एसपी की मौजूदगी में देर शाम यौमे आशूरा का जुलूस निकला।जुलूस निकलने पर प्रशासन ने राहत भरी सांस ली।
शुक्रवार को कस्बा में एक वर्ग के दो युवको की पिटायी करने के आरोप को लेकर साम्प्रदायिक तनाव की स्थिति बन गयी थी।कस्बे की दुकाने बन्द हो गयी थी। जो खुली थी उसे सायं तक पुलिस ने बन्द करा दिया था।रात्रि में ताजियेदारों का नौवीं का जुलूस निकलना था।ताजियेदारों का आरोप है कि पुलिस प्रशासन से जुलूस के लिये शर्ते रख दी।शर्त में कहा गया था कि केवल जुलूस में सीमित संख्या में लोग रहेंगे। और तबल (ढोल )' अखाड़ा जुलूस में नहीं रहना चाहिये।पुलिस प्रशासन की यह शर्ते ताजियेदार मानने को तैयार नहीं हुए।परम्परागत तरीके से जुलूस निकालने पर अनुमति न मिलने से नाराज ताजियेदारों ने नौवीं का जुलूस नहीं निकाला।और मोहर्रम की दसवीं को भी यौम-ए-आशूरा का जुलूस न निकालने का निर्णय ले लिया।
उधर कस्बे में तनाव की स्थिति देखते हुए शनिवार को कस्बे की दुकानें बन्द रही।प्रशासन ने चप्पे चप्पे पर पुलिस व पीएसी का पहरा बैठा दिया।कस्बे में कहीं भी कोई सड़क पर निकलने का प्रयास करता तो पुलिस उसे घर के अन्दर रहने को मजबूर कर देती।हालात अघोषित कर्फ्यू जैसी दिखने लगी।
डीएम भानुचन्द्र गोस्वामी और एसपी राजूबाबू सिंह सुबह साढे़ दस बजे थाने पर पहुंच आये।थाने से ही हर क्षण की रिपोर्ट लेते रहे।और अधिकारियों आवश्यक दिशा निर्देश देते रहे।दसवीं का जूलूस निकालने के लिये एडीएम रजनीश चन्द्र और एसपी सिटी रामजी सिंह यादव को लगा दिया गया।दोनों अधिकारी ताजियेदारों से कई चक्र में वार्ता की।लेकिन ताजियेदारों में आपसी सहमति न बन पाने पर हर बार वार्ता बिफल रही।आखिरी वार्ता दो बजे हुई।
निर्णायक परिणाम न मिलने पर सवा तीन बजे डीएम और एसपी मौके फर पहुंचे।अधिकारी द्वय ने पूर्व चेयरमैन वसीम अहमद, सैयद ताहिर, मो.असलम, मजहरुल इस्लाम शकील अंसारी आदि को बुलवाकर अलग से कमरे में वार्ता की।आधा घण्टे तक हुई वार्ता के बाद लोग जुलूस निकालने को राजी हो गये।लेकिन चौहट्टा चौक के लोग समय न रहने की बात कह कर जुलूस निकालने राजी नहीं थे।डीएम और एसपी चौहट्टा चौक पहुंचकर समझाया बुझाया और पूरा भरोसा दिलाया।तब जाकर ताजियेदार तैयार हुए।और डीएम एसपी की मौजूदगी में देर शाम यौमे आशूरा का जुलूस निकला।जुलूस निकलने पर प्रशासन ने राहत भरी सांस ली।

