24 हजार गायत्री महामंत्र का हुआ मौन मानसिक जाप
https://www.shirazehind.com/2016/02/24.html
जौनपुर। गायत्री प्रज्ञा मण्डल महिला मण्डल जज कालोनी के प्रांगण में बसंत पंचमी पर विविध धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन हुआ जिसकी शुरूआत मां सरस्वती की अर्चना से हुई। इस दौरान प्रातः 5 से 7 बजे तक 24 हजार गायत्री महामंत्र का मौन मानसिक जाप हुआ जिसके बाद 9 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ का अनुष्ठान भक्ति भजनों से आरम्भ हुआ। भक्ति गीतों से सम्पूर्ण मण्डल परिसर सहित आस-पास का वातावरण आध्यात्मिक आनन्द से भर उठा। इसके बाद 9 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ हुआ जो 5 पारियों में सम्पन्न हुआ जहां गायत्री महामंत्र, महामृत्यंजय आहूति एवं अनिष्ट निवारण की आूतियां समर्पित की गयीं। यज्ञ के पश्चात् प्रभातफेरी निकाली गयी जिसमें शामिल सैकड़ों भक्त जयघोष करते चल रहे थे। यज्ञ के पश्चात् प्रसाद वितरित हुआ जिसके बाद 24 सौ दीपों से दीप यज्ञ हुआ। दीपों की नयनाभिराम ज्योति से पूरा वातावरण एक अनिर्वचनीय अलौकिक प्रकाश से भर उठा। इस दौरान आचार्य देशबंधु पद्माकर मिश्र ने कहा कि दीप हमें त्याग, संघर्ष व बलिदान की प्रेरणा देते हैं। इसी क्रम में इलाहाबाद उच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मिश्र ने श्रद्धालुओं को यज्ञ कार्यक्रम में भागीदारी के लिये धन्यवाद दिया। इस अवसर पर ममता पाठक, कुसुम पाठक, बिन्दू पाठक, चिरई देवी, गीता सिंह, किरन सिंह, मीना सिंह, गायत्री राय, इन्दू राय, विभा राय, मीना सिंह, छाया सिंह, आनन्द मिश्र, विरेन्द्र बहादुर, रामजी मौर्य, रेणुका साहू, राहुल सिंह, अनिल सेठ, संध्या सेठ, दिनेश सेठ के अलावा सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।
9 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ के तीसरे दिन मनाया गया बसंत पर्व
जौनपुर। गायत्री परिवार द्वारा आयोजित 9 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ के तीसरे दिन शुक्रवार को बसंत पर्व धूमधाम से मना जहां पीत वस्त्रधारी भक्तों की उपस्थिति से लगा, मानो धरती पर बसंत का आगमन हो गया है। इस दौरान टोली नायक आचार्य बनवारी लाल सैनी ने बसंत को ऋतुओं का संधिकाल बताते हुये कहा कि गायत्री परिवार ही नहीं, बल्कि देश के हर बड़े कार्य बसंत पर्व से आरम्भ हुये हैं। इस दौरान विद्या की देवी मां सरस्वती का पूजन मुख्य यजमान डा. शैलेश सिंह व डा. पूनम सिंह द्वारा हुआ जिनके द्वारा वाद्य यंतों, मयूर, कलम की पूजा करायी गयी। इसी क्रम में दीप महायज्ञ का आयोजन हुआ जहां हजारों दीप एक साथ जलाये गये। इस दौरान महामृत्युंजय मंत्र के साथ महाकाल को आहूतियां समर्पित की गयीं। इस अवसर पर विश्वनाथ सिंह, डा. शीतला प्रसाद सिंह, इन्द्रपति मिश्र, केके सिंह, अभय सिंह, प्रशांत, संजय, दिलीप श्रीवास्तव, शिव कुमार, मेजर सीएम यादव उपस्थित रहे।
9 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ के तीसरे दिन मनाया गया बसंत पर्व
जौनपुर। गायत्री परिवार द्वारा आयोजित 9 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ के तीसरे दिन शुक्रवार को बसंत पर्व धूमधाम से मना जहां पीत वस्त्रधारी भक्तों की उपस्थिति से लगा, मानो धरती पर बसंत का आगमन हो गया है। इस दौरान टोली नायक आचार्य बनवारी लाल सैनी ने बसंत को ऋतुओं का संधिकाल बताते हुये कहा कि गायत्री परिवार ही नहीं, बल्कि देश के हर बड़े कार्य बसंत पर्व से आरम्भ हुये हैं। इस दौरान विद्या की देवी मां सरस्वती का पूजन मुख्य यजमान डा. शैलेश सिंह व डा. पूनम सिंह द्वारा हुआ जिनके द्वारा वाद्य यंतों, मयूर, कलम की पूजा करायी गयी। इसी क्रम में दीप महायज्ञ का आयोजन हुआ जहां हजारों दीप एक साथ जलाये गये। इस दौरान महामृत्युंजय मंत्र के साथ महाकाल को आहूतियां समर्पित की गयीं। इस अवसर पर विश्वनाथ सिंह, डा. शीतला प्रसाद सिंह, इन्द्रपति मिश्र, केके सिंह, अभय सिंह, प्रशांत, संजय, दिलीप श्रीवास्तव, शिव कुमार, मेजर सीएम यादव उपस्थित रहे।

