डीडीएस की पहल पर दर्जनों परिवार ले रहे शिक्षा
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जौनपुर। नगर
के डीडीएस वेलफेयर सोसायटी के तहत चल रहे 'उड़ान उम्मीदों की" अभियान के
अंतर्गत धरनीधरपुर में निरक्षर लोगों को साक्षर करने के साथ ही जागरुक किया
जा रहा है। सोमवार को लगभग दर्जन भर परिवारों को शिक्षा ग्रहण करने,
बच्चों को स्कूल भेजने और नशा छोड़ने के लिए तैयार कर लिया गया है। साथ ही
बाल विवाह को रोकने के लिए भी जागरुक किया गया।
संचालिका आरती
सिंह ने गरीब परिवारों को जागरुक करते हुए बताया कि कम उम्र में शादी करने
से न सिर्फ उनकी पुत्री को विभिन्न परेशानियों का सामना करना पड़ेगा बल्कि
कानून की नजर में यह एक अपराध है। जिससे उनके जेल की भी हवा खानी पड़ सकती
है। इसके अलावा जो लोग अपने बच्चों से कार्य करवा रहे है और उन्हें स्कूल
नहीं भेजते है उनके खिलाफ भी शिकायत पर पुलिस कार्रवाई कर सकती है। इससे
कुछ परिवारों ने यह स्वीकार किया कि वह अब अपने बच्चों को नये सत्र में
विद्यालय भेजेंगे साथ ही अब अपनी पुत्रियों का विवाह व्यस्क होने की बात ही
करेंगे। उन्होंने कुछ अभिभावकों से नशा छोड़ने की पहल करते हुए भविष्य के
लिए पैसे को सुरक्षित रखने की बात कही। साथ ही लोगों को गुल्लक इस शर्त पर
वितरित किया गया कि वह नशा छोड़ देंगे। गौरतलब हो कि यह शिविर धरनीधरपुर में
लगाया गया है जहां पर संस्थान द्वारा लगभग दर्जन भर परिवारों को जागरुक कर
शिक्षा के प्रति जागरुक किया जा रहा है। साथ ही नशा छोड़ने, बाल विवाह
रोकने आदि विभिन्न मुद्दों पर परिवारों को जागरुक कर रहे है। ग्रामीण विकास
सामाजिक सेवा संस्थान के अध्यक्ष रमेश यादव ने भी मौके पर पहुंचकर लोगों
को जागरुक करने का कार्य किया। इस अवसर पर संस्थान के माधवी बिंद, नेहा,
जयमाला, मासूम खान, अंकित आदि द्वारा लोगों को शिक्षित किया जा रहा है।

