प्रशासन की मिलीभगत से वक्फ बोर्ड की जमीन पर अवैध निर्माण
https://www.shirazehind.com/2016/04/blog-post_54.html?m=0
नगर पालिका के ईओ के पत्र के बावजूद भी उपजिलाधिकारी मौन
जौनपुर। मडि़याहूं नगर के मिलेगा मोहल्ले के करोड़ों रूपये के वक्फ बोर्ड की जमीन पर तहसील प्रशासन की सह पर दबंगदो दिन से अवैध निर्माण करा रहे हैं जिसको रोकने वाला कोई नहीं है। हालांकि इस संदर्भ में नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी धर्मराज राम का कहना है कि यह जमीन सरकार की है परन्तु राजस्व विभाग जान-बूझकर ऐसा करा रहा है। इतना ही नहीं, इस संदर्भ में नगर पंचायत मडि़याहूं द्वारा पत्र भेजे जाने के बावजूद भी पुलिस व तहसील प्रशासन खामोश है। बता दें कि दो वर्ष पूर्व तत्कालीन उपजिलाधिकारी विजय बहादुर सिंह ने स्वयं मौके पर जाकर अतिक्रमण को गिरवाया था। वर्तमान उपजिलाधिकारी ने भी निर्माण पर रोक लगायी थी लेकिन न जाने किसके दबाव में अवैध निर्माण चल रहा है। वहीं इस संदर्भ में पूछे जाने पर प्रभारी कोतवाल अखिलेश यादव का कहना है कि पुलिस ने स्वयं जाकर निर्माण कार्य रोका था लेकिन दबंग कुछ घण्टे बाद पुनः जबरन निर्माण करने लगे। चर्चाओं की मानें तो उपजिलाधिकारी राकेश यादव का कहना है कि निर्माण अवैध है लेकिन राजनीतिक दबाव के आगे मजबूर हूं। नगर पंचायत के सभासद ने जिलाधिकारी महोदय से तत्काल हस्तक्षेप कर सरकारी जमीन की रक्षा की मांग की है।
जौनपुर। मडि़याहूं नगर के मिलेगा मोहल्ले के करोड़ों रूपये के वक्फ बोर्ड की जमीन पर तहसील प्रशासन की सह पर दबंगदो दिन से अवैध निर्माण करा रहे हैं जिसको रोकने वाला कोई नहीं है। हालांकि इस संदर्भ में नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी धर्मराज राम का कहना है कि यह जमीन सरकार की है परन्तु राजस्व विभाग जान-बूझकर ऐसा करा रहा है। इतना ही नहीं, इस संदर्भ में नगर पंचायत मडि़याहूं द्वारा पत्र भेजे जाने के बावजूद भी पुलिस व तहसील प्रशासन खामोश है। बता दें कि दो वर्ष पूर्व तत्कालीन उपजिलाधिकारी विजय बहादुर सिंह ने स्वयं मौके पर जाकर अतिक्रमण को गिरवाया था। वर्तमान उपजिलाधिकारी ने भी निर्माण पर रोक लगायी थी लेकिन न जाने किसके दबाव में अवैध निर्माण चल रहा है। वहीं इस संदर्भ में पूछे जाने पर प्रभारी कोतवाल अखिलेश यादव का कहना है कि पुलिस ने स्वयं जाकर निर्माण कार्य रोका था लेकिन दबंग कुछ घण्टे बाद पुनः जबरन निर्माण करने लगे। चर्चाओं की मानें तो उपजिलाधिकारी राकेश यादव का कहना है कि निर्माण अवैध है लेकिन राजनीतिक दबाव के आगे मजबूर हूं। नगर पंचायत के सभासद ने जिलाधिकारी महोदय से तत्काल हस्तक्षेप कर सरकारी जमीन की रक्षा की मांग की है।

