सत्ता के आगे लाचार परिवहन विभाग
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जौनपुर। जिले की सभी सड़कों पर परिवहन विभाग की बसों को दौड़ाने के साथ यात्रियों को सुलभ यात्रा का लाभ देने की कवायत में प्रदेश सरकार लगी है दूसरी ओर दबंग डग्गामार वाहनों के मालिक और चालक रोडवेज की बसों को चलने नहीं दे रहे है। जिससे राजस्व को चपत तो लग ही रहा है आम नागरिकों को सरकारी बस सेवा का लाभ नहीं मिल पा रहा है। यही हाल केराकत-वाराणसी वाया खुज्झी मोढ़ के बीच चलने वाली सिटी बस सेवा का है। जिसे पिछले दिनों से बंद कर दिया गया है और इस बस को चलाने वाले चालक को अन्यत्र लगा दिया गया है। जिससे ग्रामीणों को परेशानी तो हो ही रही है सबसे ज्यादा उन लोगों को परेशान होना पड़ रहा है जिन्होंने अपनी एमएसटी बना ली थी। ज्ञात हो कि केराकत क्षेत्र के लोगों की मांग पर विचार करते हुए वाराणसी कैंट डिपो से एक सिटी बस का परिचालन किया जा रहा था। जो कैंट डिपों से चोलापुर, दानगंज, चंदवक वाया खुज्झी होते हुए केराकत तक चल रही थी। यह बस दिन दो-दिन फेरा केराकत-वाराणसी के बीच में लगाया करती थी। रात्रि में इस बस का हाल्ट केराकत में होता था। सुबह यही बस 6 बजे वाराणसी के लिए रवाना हुआ करती थी जिससे वाराणसी जाने वाले लोगों को काफी सुगमता हो गई थी। व्यापारी, छात्र, अधिवक्ता सहित और मेहनतकश लोगों से लेकर दूधिया आदि भी इस बस की सेवा लेने लगे थे। इस बस के चालक और परिचालक दोनों ही स्थानीय थे इससे इस बस के परिचालन से यात्रियों के साथ-साथ विभाग को भी भरपूर आय होने लगी थी। केराकत-वाराणसी मार्ग पर अपना दबदबा बनाये हुए दबंग वाहन चालकों और मालिकों ने क्षेत्रीय सत्ताधारी दल के विधायक के लेटर पैड का उपयोग करते हुए इस बस के चालक पर मगढंत आरोप लगाते हुए चालक की शिकायत करने के साथ बस के परिचालन में भी अवरोध उत्पन्न करने का काम किया। परिणाम यह रहा कि विभाग ने भी आंख मंूद कर सत्ताधारी दल के विधायक के पत्र को संज्ञान में लेते हुए कार्रवाई कर तो दी लेकिन जरासा भी उन यात्रियों के बारे में सोचने की जहमत नहीं उठाई जिन्हें सुबह वाराणसी आने के लिए यह बस लाभप्रद साबित हो रही थी। और तो और एमएसटी धारक यात्रियों के बारे में भी नहीं सोचा गया कि अब उनका क्या होगा। प्रबुद्व जनों और एमएसटी धारकों ने कहा है कि यदि उक्त बस का यथावत परिचालन नहीं किया गया तो वह सम्पूर्ण मामले की जानकारी से मुख्यमंत्री को अवगत कराने के साथ आंदोलन करने के लिए भी बाध्य होगें।

