रोजा इफ्तार से बढ़ता है आपसी भाईचारा
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आशिकाने रसूल वेलफेयर सोसाइटी ने आयोजित किया रोजा इफ्तार
जौनपुर। आशिकाने रसूल वेलफेयर सोसाइटी के सौजन्य से रविवार को शहर के मोहल्ला ढालगर टोला स्थित सारा पैलेस में रोजा इफ्तार का आयोजन किया गया। जिसमें सभी धर्म व मजहब के लोगों ने शिरकत किया। इफ्तार के बाद मुल्क में अमन चैन के लिए दुआ मांगी गयी।
इस दौरान मौलाना वसीम अहमद शेरवानी ने रमजान के पाक महीने के बारे में बताया कि यह महीना ऐसा महीना है जिसमें अल्लाह अपने बन्दों की एक नेकी पर सत्तर नेकियों का पुण्य देता है। यह महीना इबादत, मगफिरत व रहमत वाला महीना है। इस महीने में मुसलमानों को रोजा रखना फर्ज किया गया है। उन्होंने बताया कि इस समय रमजान का आखिरी अशरा चल रहा है। इस अशरे में अधिक से अधिक इबादत करनी चाहिए। रमजानुल मुबारक का आखिरी अशरा अपने अंदर बेशुमार बरकतें और फजीलतें रखता है। यह अशरा इसलिए भी खास है क्योंकि इस अशरे की एक रात (शबे-ए-कद्र) का बेहद खास मुकाम है। इसी क्रम में पूर्व विधायक हाजी अफजाल अहमद व नगर पालिका अध्यक्ष दिनेश टण्डन ने संयुक्त रूप से कहा कि इस तरह के आयोजनों से आपसी सौहार्द कायम होता है जो कि हमारे शहर व देश की गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल है। इस अवसर पर डा. मजहर एहसन जाफरी, डा. सैफ, डा. फैज, अब्दुल अहद एडवोकेट, सलाम एडवोकेट, पीसी विश्वकर्मा, शकील अहमद, सोमेश्वर केसरवानी, सोम वर्मा, अनुराग मिश्रा, डा. हसीन बब्लू, शकील मंसूरी आदि शहर के सभी धर्म व मजहब के लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अन्त में संस्था के अध्यक्ष तारिक इकबाल एडवोकेट ने रोजा इफ्तार में आये हुए सभी लोगों का अपने व अपनी कमेटी की तरफ से शुक्रिया अदा किया।
जौनपुर। आशिकाने रसूल वेलफेयर सोसाइटी के सौजन्य से रविवार को शहर के मोहल्ला ढालगर टोला स्थित सारा पैलेस में रोजा इफ्तार का आयोजन किया गया। जिसमें सभी धर्म व मजहब के लोगों ने शिरकत किया। इफ्तार के बाद मुल्क में अमन चैन के लिए दुआ मांगी गयी।
इस दौरान मौलाना वसीम अहमद शेरवानी ने रमजान के पाक महीने के बारे में बताया कि यह महीना ऐसा महीना है जिसमें अल्लाह अपने बन्दों की एक नेकी पर सत्तर नेकियों का पुण्य देता है। यह महीना इबादत, मगफिरत व रहमत वाला महीना है। इस महीने में मुसलमानों को रोजा रखना फर्ज किया गया है। उन्होंने बताया कि इस समय रमजान का आखिरी अशरा चल रहा है। इस अशरे में अधिक से अधिक इबादत करनी चाहिए। रमजानुल मुबारक का आखिरी अशरा अपने अंदर बेशुमार बरकतें और फजीलतें रखता है। यह अशरा इसलिए भी खास है क्योंकि इस अशरे की एक रात (शबे-ए-कद्र) का बेहद खास मुकाम है। इसी क्रम में पूर्व विधायक हाजी अफजाल अहमद व नगर पालिका अध्यक्ष दिनेश टण्डन ने संयुक्त रूप से कहा कि इस तरह के आयोजनों से आपसी सौहार्द कायम होता है जो कि हमारे शहर व देश की गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल है। इस अवसर पर डा. मजहर एहसन जाफरी, डा. सैफ, डा. फैज, अब्दुल अहद एडवोकेट, सलाम एडवोकेट, पीसी विश्वकर्मा, शकील अहमद, सोमेश्वर केसरवानी, सोम वर्मा, अनुराग मिश्रा, डा. हसीन बब्लू, शकील मंसूरी आदि शहर के सभी धर्म व मजहब के लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अन्त में संस्था के अध्यक्ष तारिक इकबाल एडवोकेट ने रोजा इफ्तार में आये हुए सभी लोगों का अपने व अपनी कमेटी की तरफ से शुक्रिया अदा किया।
