सांसद ने लोकसभा ने उठाया नीलगायों के आतंक का मामला
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जौनपुर। मछलीशहर लोकसभा क्षेत्र के भाजपा सांसद रामचरित्र निषाद ने सोमवार
को मानसून सत्र के दौरान नीलगायों और वन सुवरों के प्रकोप से किसानों को हो
रही भारी क्षति का मामला लोकसभा में उठाया। श्री निषाद ने मुख्य रूप से
अपनी लोकसभा क्षेत्र में इन जंगली जानवरों द्वारा किसानों की फसल को आये
दिन बर्बाद करने देने को गंभीर मामला बताते हुए इनपर कार्यवाही करने की
मांग की।
सांसद ने कहा की उनके क्षेत्र के किसान सिर्फ दैवीय आपदाओं जैसे सूखा या ओलावृष्टि से ही नहीं बल्कि आये दिन हो रहे नीलगायों और वन सुवरों के आतंक से भी परेशान हैं। उन्होंने कहा की अगर मौसम ने साथ दिया और साग-सब्जी दलहन-तिलहन की फसल कभी अच्छी होती भी है तो नीलगायों का झुण्ड उसे चट कर जाता है, जिसके कारण किसान आत्महत्या करने पर मजबूर है।
उन्होंने कहा की ऐसे गंभीर मामले पर प्रदेश सरकार निष्क्रिय होकर हाथ पे हाथ धरे बैठी हुई है, जो की चिंताजनक है।
श्री निषाद ने कहा की नीलगाय फसलों को तबाह तो कर ही रही है, साथ ही हादसों का कारण भी बनते जा रहे हैं। नीलगायों के प्रकोप के कारण कई क्षेत्र में किसानों ने दलहनी फसलों की बुआई बंद कर दी है, रबी की फसलों को बचाने के लिए किसान खेतों में रतजगा करने को मजबूर हैं। उन्होंने ने कहा की पूरे प्रदेश में शायद ही कोई ऐसा गाँव हो जहाँ नीलगायों की धमाचौकड़ी से किसान परेशान ना हों।
सांसद ने कहा की उनके क्षेत्र के किसान सिर्फ दैवीय आपदाओं जैसे सूखा या ओलावृष्टि से ही नहीं बल्कि आये दिन हो रहे नीलगायों और वन सुवरों के आतंक से भी परेशान हैं। उन्होंने कहा की अगर मौसम ने साथ दिया और साग-सब्जी दलहन-तिलहन की फसल कभी अच्छी होती भी है तो नीलगायों का झुण्ड उसे चट कर जाता है, जिसके कारण किसान आत्महत्या करने पर मजबूर है।
उन्होंने कहा की ऐसे गंभीर मामले पर प्रदेश सरकार निष्क्रिय होकर हाथ पे हाथ धरे बैठी हुई है, जो की चिंताजनक है।
श्री निषाद ने कहा की नीलगाय फसलों को तबाह तो कर ही रही है, साथ ही हादसों का कारण भी बनते जा रहे हैं। नीलगायों के प्रकोप के कारण कई क्षेत्र में किसानों ने दलहनी फसलों की बुआई बंद कर दी है, रबी की फसलों को बचाने के लिए किसान खेतों में रतजगा करने को मजबूर हैं। उन्होंने ने कहा की पूरे प्रदेश में शायद ही कोई ऐसा गाँव हो जहाँ नीलगायों की धमाचौकड़ी से किसान परेशान ना हों।

