ई-लाटरी से 457 शराब की दुकानों का आवंटन, 387 नए ठेकेदारों को मौका
https://www.shirazehind.com/2018/03/457-387.html?m=0
जौनपुर। वित्तीय वर्ष 2018-19 के लिए शराब व बीयर की कुल 457 दुकानों की
ई-लाटरी से आवंटन किया गया, जबकि 23 दुकानों के लिए किसी के भी आवेदन न
करने के कारण रिक्त घोषित कर दिया गया। निर्विवाद और पारदर्शिता के लिए
स्वयं प्रमुख सचिव दुग्ध विकास सुधीर एम बोबडे़ मौजूद रहे। वहीं रात आठ बजे
तक संबंधित दुकान स्वामी का विवरण एनआईसी की वेबसाइट पर अपलोड कर दिया
गया।
आवटंन प्रक्रिया शाम पांच बजे से होनी तय थी। इसके लिए आवेदक दोपहर से ही कलेक्ट्रेट स्थित प्रेक्षागृह के आसपास डट गए। करीब साढ़े तीन बजे से लोगों ने प्रेक्षागृह के भीतर प्रवेश शुरू कर दिया। देखते ही देखते कुर्सियां भर गई। अगल-बगल दर्जनों आवेदक खड़े भी हो गए। साढ़े चार बजे माइक से सभी आवेदकों को बाहर निकलने की घोषणा कर दी गई। इसके बाद भी लोग बाहर निकलने में आनाकानी कर रहे थे। इसके लिए आखिर में प्रशासन को पुलिस बल की मदद लेनी पड़ी, जिसके बाद सभी निकले। वहीं प्रेक्षागृह की बाउंड्री में लगे गेट से बाहर खड़े आवेदकों को एक-एक कर अंदर लेकर विधिवत तलाशी के बाद प्रवेश दिया गया। पुलिस ने सभी के मोबाइल फोन बाहर रखवा दिए। वास्तविक आवेदक को ही प्रवेश दिया गया। इसके अलावा किसी के प्रतिनिधि को अंदर नहीं जाने दिया गया, लेकिन बाउंड्री के बाहर सैकड़ों लोग डटे रहे। प्रमुख सचिव दुग्ध विकास ने पहले डेमो दिखाते हुए कहा कि ई-लाटरी पूरी पारदर्शिता के साथ होगी। इसके बाद ई-लाटरी शुरू हुई। दस हजार बार नाम में जिसका नाम अधिक बार आया उसके नाम संबंधित शराब और बीयर की दुकान आवंटित कर दी गई। हालांकि 23 दुकानों के लिए एक भी आवेदन नहीं आए, जिसमें देशी शराब की 22 और बीयर की एक दुकान है। विभाग इन दुकानों के लिए फिर से आवेदन लेने की बात कही।
आवटंन प्रक्रिया शाम पांच बजे से होनी तय थी। इसके लिए आवेदक दोपहर से ही कलेक्ट्रेट स्थित प्रेक्षागृह के आसपास डट गए। करीब साढ़े तीन बजे से लोगों ने प्रेक्षागृह के भीतर प्रवेश शुरू कर दिया। देखते ही देखते कुर्सियां भर गई। अगल-बगल दर्जनों आवेदक खड़े भी हो गए। साढ़े चार बजे माइक से सभी आवेदकों को बाहर निकलने की घोषणा कर दी गई। इसके बाद भी लोग बाहर निकलने में आनाकानी कर रहे थे। इसके लिए आखिर में प्रशासन को पुलिस बल की मदद लेनी पड़ी, जिसके बाद सभी निकले। वहीं प्रेक्षागृह की बाउंड्री में लगे गेट से बाहर खड़े आवेदकों को एक-एक कर अंदर लेकर विधिवत तलाशी के बाद प्रवेश दिया गया। पुलिस ने सभी के मोबाइल फोन बाहर रखवा दिए। वास्तविक आवेदक को ही प्रवेश दिया गया। इसके अलावा किसी के प्रतिनिधि को अंदर नहीं जाने दिया गया, लेकिन बाउंड्री के बाहर सैकड़ों लोग डटे रहे। प्रमुख सचिव दुग्ध विकास ने पहले डेमो दिखाते हुए कहा कि ई-लाटरी पूरी पारदर्शिता के साथ होगी। इसके बाद ई-लाटरी शुरू हुई। दस हजार बार नाम में जिसका नाम अधिक बार आया उसके नाम संबंधित शराब और बीयर की दुकान आवंटित कर दी गई। हालांकि 23 दुकानों के लिए एक भी आवेदन नहीं आए, जिसमें देशी शराब की 22 और बीयर की एक दुकान है। विभाग इन दुकानों के लिए फिर से आवेदन लेने की बात कही।

