गोबर से निर्मित उत्पादों को विश्वविद्यालय उपलब्ध कराएगा बाजार: कुलपति

 जौनपुर। गऊ, पर्यावरण संरक्षण एवं स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में शुक्रवार को महिला अध्ययन केंद्र एवं कौशल विकास केंद्र के संयुक्त तत्वावधान में पांच दिवसीय निशुल्क प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। विश्वविद्यालय के कौशल विकास केंद्र में महिलाओं के लिए आयोजित प्रशिक्षण शिविर के उद्घाटन सत्र में कुलपति प्रो निर्मला एस मौर्य ने कहा कि गाय हमारी संस्कृति से जुड़ी है। गाय गाय का दूध, घी और दही अमृत है। सनातन धर्म में कोई भी शुभ कार्य बिना पंचगव्य के नहीं होता। गाय के गोबर से बने दीपक वातावरण को शुद्ध करेंगे एवं बहुत सारी बीमारियों से निजात मिलेगी। विश्वविद्यालय महिलाओं द्वारा गाय के गोबर से निर्मित किए गए उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने में हर स्तर पर मदद करेगा। प्रशिक्षिका रीना तिवारी ने कहा कि अगरबत्ती जलाने से प्रदूषण होता है क्योंकि उसमें बांस की लकड़ी का प्रयोग होता है जबकि गोबर से निर्मित उत्पाद पर्यावरण के लिए नुकसानदायक नहीं होते। महिलाओं को गाय के गोबर से दीप,धूपबत्ती, दशांग, मूर्ति, एंटी रेडिएशन चिप बनाने का प्रशिक्षण भी दिया। कुलसचिव महेंद्र कुमार में प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि यह प्रशिक्षण महिलाओं को आर्थिक संपन्नता देगा। 

कार्यक्रम संयोजक महिला अध्ययन केंद्र के प्रभारी डॉ. जान्हवी श्रीवास्तव ने प्रशिक्षण की रूपरेखा प्रस्तुत की एवं अतिथियों का स्वागत किया। 
इस अवसर पर आचार्य विक्रम देव, डॉ मनोज मिश्र,सहायक कुलसचिव दीपक सिंह, डॉ के एस तोमर, डॉ झांसी मिश्रा, डॉ विनय मौर्य डॉ विजय प्रताप तिवारी डॉ लक्ष्मी प्रसाद मौर्य, डॉ प्रमोद कुमार अनंग, संतोष कुमार यादव, राजेंद्र गुप्ता, अभिषेक यादव समेत तमाम लोग मौजूद रहे।

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