पूर्वांचल विश्विद्यालय में अनियमितताओं पर छात्रों का अल्टीमेटम, 9 से आंदोलन की चेतावनी
जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के व्यवसाय प्रबंधन विभाग में संचालित एमबीए, एमबीए (एग्रीबिजनेस), एमबीए (ई-कॉमर्स) एवं बीबीए पाठ्यक्रमों में गंभीर शैक्षणिक अनियमितताओं, कक्षाओं के नियमित संचालन में विफलता और छात्रों के साथ असंवेदनशील व्यवहार को लेकर छात्रों का आक्रोश फूट पड़ा है। छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन को 8 फरवरी 2026 तक का अल्टीमेटम देते हुए स्पष्ट किया है कि समाधान न होने की स्थिति में 9 फरवरी से शांतिपूर्ण एवं व्यापक आंदोलन शुरू किया जाएगा।
छात्र नेता दिव्यांशु सिंह एवं ईश्विका सिंह के नेतृत्व में सैकड़ों छात्रों के प्रतिनिधिमंडल ने कुलपति, कुलसचिव एवं कुलानुशासक को ज्ञापन सौंपकर विभाग की शैक्षणिक एवं प्रशासनिक स्थिति से अवगत कराया। छात्रों ने बताया कि 26 नवंबर 2025 को भी इस संबंध में ज्ञापन दिया गया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, जिससे शैक्षणिक व्यवस्था लगातार प्रभावित हो रही है और छात्रों पर मानसिक दबाव बढ़ रहा है।
छात्रों का आरोप है कि विभागाध्यक्ष के नियमित रूप से समय पर उपस्थित न रहने से शैक्षणिक एवं प्रशासनिक कार्य बाधित हो रहे हैं। कक्षाओं का नियमित संचालन नहीं हो रहा है तथा कभी पेंटिंग तो कभी अन्य प्रशासनिक कार्यों का हवाला देकर कक्षाएं स्थगित कर दी जाती हैं। समय-सारिणी में बार-बार बिना पूर्व सूचना बदलाव से पढ़ाई प्रभावित हो रही है। शिकायत करने पर छात्रों के साथ गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार किए जाने का भी आरोप लगाया गया है।
छात्रों ने यह भी कहा कि शैक्षणिक भ्रमण के नाम पर शुल्क लिया गया, लेकिन अब तक न तो कोई स्पष्ट योजना सामने आई और न ही समुचित संवाद किया गया। पिछले दो सेमेस्टर से मेंटर प्रणाली लागू न होने से छात्रों को शैक्षणिक एवं मानसिक समस्याओं के समाधान में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
छात्र नेता ईश्विका सिंह ने कहा कि आंदोलन किसी शिक्षक को व्यक्तिगत रूप से निशाना बनाने के लिए नहीं है। उन्होंने विश्वविद्यालय परिसर में लगे एआई आधारित कैमरों एवं प्रशासनिक साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच की मांग की। वहीं दिव्यांशु सिंह ने कहा कि यह आंदोलन गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और छात्रों के अधिकारों की रक्षा के लिए अंतिम प्रयास है। छात्रों ने वर्तमान विभागाध्यक्ष को हटाकर किसी योग्य, अनुभवी एवं संवेदनशील शिक्षक को विभागाध्यक्ष नियुक्त करने और छात्रों के साथ बैठक कर समयबद्ध समाधान की मांग की।
इस दौरान कुलपति ने छात्रों को आश्वस्त किया कि उनकी समस्याओं का समाधान विश्वविद्यालय की प्राथमिकता है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
इस मौके पर सरल श्रीवास्तव, धीरज सिंह, साईं राम यादव, रवि प्रजापति, प्रभात तिवारी, अंकित सिंह, आलोक पांडेय, सिद्धार्थ, अमन, आंशिक, सचिन, ऋतिक, निकिता, शिवानी, स्मृति, आदित्य, सैयद अली सहित बड़ी संख्या में छात्र मौजूद रहे।

