प्रदेश अध्यक्ष के निर्देश के बावजूद दो स्थानों पर मनी कांशीराम जयंती, सपा में दिखी अलग-अलग सक्रियता
जौनपुर। बहुजन नायक मान्यवर कांशीराम की 92वीं जयंती पर समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने जिले में दो अलग-अलग स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित किए। प्रदेश नेतृत्व के एक स्थान पर जयंती मनाने के निर्देश के बावजूद जिला मुख्यालय और केराकत में अलग-अलग आयोजन होने से राजनीतिक हलकों में चर्चा बनी रही।
जिला मुख्यालय पर एक होटल में समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष की अगुवाई में बहुजन नायक मान्यवर कांशीराम की जयंती भव्य समारोह के रूप में मनाई गई। जनपद के कोने-कोने से पीडीए समाज और बहुजन समाज के लोग कांशीराम की तस्वीर हाथों में लेकर पैदल और वाहनों से बड़ी संख्या में कार्यक्रम स्थल पहुंचे और उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष राकेश मौर्य ने की, जबकि संचालन जिला महासचिव आरिफ हबीब ने किया।
मुख्य वक्ता मछलीशहर की विधायक रागिनी सोनकर ने कहा कि कांशीराम ने दलितों, शोषितों और पिछड़ों को राजनीतिक चेतना देकर उन्हें हुक्मरान बनने का सपना दिखाया। उन्होंने कहा कि पीडीए समाज को अधिकार दिलाने के लिए सभी को अखिलेश यादव के नेतृत्व में एकजुट होना होगा।
कार्यक्रम को पूर्व मंत्री शैलेंद्र यादव ललई, विधायक लकी यादव , विधायक पंकज पटेल , पूर्व मंत्री श्रीराम यादव, पूर्व विधायक लालबहादुर यादव, पूर्व विधायक मोहम्मद अरशद खान, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष राजबहादुर यादव, संगीता यादव सहित कई नेताओं ने संबोधित किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में पीडीए समाज के लोग और सपाजन मौजूद रहे।
उधर केराकत क्षेत्र के सिहौली चौराहे स्थित समाजवादी पार्टी कार्यालय पर भी कांशीराम जयंती मनाई गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता नीरज पहलवान ने की। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे केराकत विधायक तूफानी सरोज ने कहा कि कांशीराम और नेताजी के सपनों को अखिलेश यादव अपने संघर्ष और संविधान की ताकत से पूरा करेंगे।
कार्यक्रम में बसपा छोड़कर समाजवादी पार्टी की नीतियों में विश्वास जताते हुए सैकड़ों लोगों ने सदस्यता ग्रहण की। इस दौरान अधिवक्ता संघ अध्यक्ष सुरेश कुमार, श्रीकांत निराला, सत्य नारायण, भगवती सरोज, आजाद कुरैशी, संजय राजभर सहित भारी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन पावन मंडल ने किया।
प्रदेश अध्यक्ष के एक स्थान पर जयंती मनाने के निर्देश के बावजूद दो स्थानों पर आयोजन होने से जिले की राजनीति में इसे लेकर चर्चाओं का दौर जारी है।

