कोर्ट ने संसद पर हमले समेत 6 विधि व्यवस्थाओं का दिया हवाला

 

हिमांशु श्रीवास्तव

मच्छी सिंह के मामले में बताया गया कि किन मामलों में होगा मृत्युदंड 

जौनपुर। श्रमजीवी बम विस्फोट कांड में आतंकी हिलाल व नफीकुल को मृत्युदंड की सजा सुनाए जाते समय कोर्ट ने संसद भवन पर हमले समेत 6 विधि व्यवस्थाओं का हवाला दिया।

दिल्ली बनाम नवजोत संधू 2005 सुप्रीम कोर्ट के मामले में आतंकवादियों द्वारा कई लोगों की हत्या की गई थी इसमें कोर्ट के मामले को विरलतम माना था। मच्छी सिंह बनाम पंजाब राज्य 1983 सुप्रीम कोर्ट में कोर्ट ने बताया था कि किन मामलों में मृत्युदंड दिया जा सकता है जिसमें कहा गया था कि जब हत्या अधिक क्रूर ढंग से या धन के लिए हथियारों द्वारा हत्या की गई हो या जब हत्यारा विश्वास की स्थिति में हो तब की गई हत्या, मातृभूमि से विश्वास घात में की गई हत्या या जब अनुसूचित जाति या अल्पसंख्यक समुदाय के व्यक्ति की हत्या उन प्रक्रिया में की गई हो जिससे समाज में रोष हो। जब किसी परिवार के सभी व्यक्तियों की हत्या की गई हो या क्षेत्र के अधिकतर व्यक्तियों की हत्या की गई हो तो यह मामले विरलतम श्रेणी के होंगे। बच्चन सिंह बनाम पंजाब राज्य 1980 के प्रकरण में, होली राम 2005 सुप्रीम कोर्ट के निर्णय में चार व्यक्तियों को झोपड़ी में जिंदा जलाने के मामले में, गुरमीत सिंह 2006 सुप्रीम कोर्ट के प्रकरण में सोते समय निकट संबंधियों की जगह निधन से हत्या, अंकुश मारुति शिंदे 2009 सुप्रीम कोर्ट के मामले में एक ही परिवार के पांच लोगों की निर्दयतापूर्वक हत्या को क्रूर एवं पाश्विक मानते हुए मृत्यु दंड दिया गया था।

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