गंगा में तैर रहे हैं मानव शव
https://www.shirazehind.com/2014/01/blog-post_1810.html
इलाहाबाद। गंगा में कभी जानवरों की लाशें बहती नजर जाती हैं तो कभी मानव
शव तैरते हैं। दैनिक जागरण ने दो दिन पहले पशुओं की बहती लाशों से नदी
जल के प्रदूषित होने की खबर प्रकाशित की थी जिसके बाद डीएम ने लाशों के गंगा में आने से रोकथाम के लिए टीम गठित की थी लेकिन लगता है टीम ने कोई सबक नहीं लिया और शनिवार को भी एक मानव शव गंगा में बहता हुआ मेला क्षेत्र तक आ गया। मेला क्षेत्र स्थित पाटून पुल नंबर तीन
(झूंसी की तरफ से दाहिनी ओर) में शनिवार को एक पुरुष का शव फंसा हुआ था। वहा पर उसे देखने वालों की भीड़ लगी थी मगर सुबह से शाम हो गई, मेला प्रशासन को जानकारी नहीं हो पाई। शव आधे से ज्यादा सड़ चुका था। धड़ से पैर तक का हिस्सा ही दिख रहा था। गंगा की दुर्दशा का यह हाल तब है, जब हाईकोर्ट ने गंगा की सफाई के लिए सख्त आदेश जारी कर रखा है। इसके बावजूद सभी आख मूंदे हुए हैं। सेक्टर तीन के सहायक प्रबंधक राजू कुमार को जानकारी दी गई तो
वह हैरत में पड़ गए। कहा कि पाटून पुल नंबर तीन मेला सेक्टर चार में है। शव को हटाने के लिए तत्काल कदम उठाए जाएंगे। नियमानुसार पाटून पुलों की देखरेख के लिए कर्मचारी तैनात होने चाहिए लेकिन इस तरह के इंतजाम का इस बार अभाव है।
जल के प्रदूषित होने की खबर प्रकाशित की थी जिसके बाद डीएम ने लाशों के गंगा में आने से रोकथाम के लिए टीम गठित की थी लेकिन लगता है टीम ने कोई सबक नहीं लिया और शनिवार को भी एक मानव शव गंगा में बहता हुआ मेला क्षेत्र तक आ गया। मेला क्षेत्र स्थित पाटून पुल नंबर तीन
(झूंसी की तरफ से दाहिनी ओर) में शनिवार को एक पुरुष का शव फंसा हुआ था। वहा पर उसे देखने वालों की भीड़ लगी थी मगर सुबह से शाम हो गई, मेला प्रशासन को जानकारी नहीं हो पाई। शव आधे से ज्यादा सड़ चुका था। धड़ से पैर तक का हिस्सा ही दिख रहा था। गंगा की दुर्दशा का यह हाल तब है, जब हाईकोर्ट ने गंगा की सफाई के लिए सख्त आदेश जारी कर रखा है। इसके बावजूद सभी आख मूंदे हुए हैं। सेक्टर तीन के सहायक प्रबंधक राजू कुमार को जानकारी दी गई तो
वह हैरत में पड़ गए। कहा कि पाटून पुल नंबर तीन मेला सेक्टर चार में है। शव को हटाने के लिए तत्काल कदम उठाए जाएंगे। नियमानुसार पाटून पुलों की देखरेख के लिए कर्मचारी तैनात होने चाहिए लेकिन इस तरह के इंतजाम का इस बार अभाव है।

