नगमा हुईं सबसे ज्यादा छेड़छाड़ की शिकार, जया- स्मृति को भी होना पड़ा शर्मसार
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चुनावी सभाओं और जनसंपर्क के दौरान महिला नेत्रियों से हो रही छेड़छाड़ राजनीति को शर्मिंदा कर रही है। इनमें से भी वे महिलाएं ज्यादातर शिकार हो रही हैं, जिनके साथ फिल्मों का ग्लैमर जुड़ा है या वे ग्लैमर वर्ल्ड में दखल रखती हैं। पिछले काफी दिनों से राजनीति में ऐसी घटनाएं बढ़ी हैं। और आश्चर्यजनक रूप से इनमें से किसी भी घटना के बाद किसी पक्ष से सफाई या शर्मिंदगी का बयान नहीं आया।
छेड़छाड़ झेलने वाली नेत्रियों में फिल्म अभिनेत्री और कांग्रेस नेता नगमा सबसे ऊपरी पायदान पर हैं। विधानसभा चुनाव हों या लोकसभा, उनके साथ अक्सर ऐसी घटनाएं होती रही हैं। पिछले दिनों मेरठ, जहां से वे इस बार लोकसभा चुनाव भी लड़ रही हैं, में भी नगमा को छेड़छाड़ का शिकार होना पड़ा था, वहीं भोपाल में भी उनके साथ दुर्व्यवहार हुआ।
नगमा के अलावा आरएलडी की नेता और अभिनेत्री जयाप्रदा, बीजेपी नेत्री और अमेठी से चुनाव लड़ रहीं स्मृति ईरानी को भी छेड़छाड़ झेलनी पड़ी। जबकि दक्षिण फिल्मों की अभिनेत्री नवनीत कौर राणा की बेहद हॉट और आपत्तिजनक तस्वीरें कुछ लोगों ने वॉट्सअप पर अपलोड कर दी थी। ऐसी हरकतों की शिकार चेहरों की यह फेहरिस्त लंबी है।
मंगलवार (15 अप्रैल) को नगमा भोपाल में थीं। कांग्रेस प्रत्याशी पीसी शर्मा के समर्थन में नगमा को एक जनसभा लेनी थी। इसके लिए वे स्थानीय जिंसी चौराहे पर पहुंची, तो मंच पर स्थानीय नेताओं की भारी भीड़ देखकर बिफर गईं। जब उन्होंने आपत्ति जताई तो शर्मा ने लोगों को हटाना शुरू किया। इस बीच काफी धक्का-मुक्की भी हुई। इसके बाद जब नगमा माइक पर आईं, तभी पीछे से किसी ने कोई कमेंट कर दिया। टिप्पणी काफी आपत्तिजनक थी जो नगमा को इतनी नागवार गुजरी कि वे तुरंत ही मंच से उतर गईं और चली गईं। दो साल पहले विधानसभा चुनावों के दौरान यूपी के बिजनौर में भी नगमा के साथ कुछ ऐसा हुआ था, जिसने एक नए विवाद को जन्म दे दिया। यहां की बरहापुर सीट से कांग्रेस प्रत्याशी हुसैन अहमद अंसारी ने नगमा को माला पहनाते वक्त उनके कंधे पर हाथ रखने की कोशिश की। इसपर नगमा ने उनका हाथ झटक दिया। हुसैन अंसारी यहीं नहीं रुके और नगमा की आंख और जुल्फों की तारीफ में कसीदे पढ़ने शुरू कर दिए। इसके अलावा अंसारी ने मंच पर सार्वजनिक रूप से नगमा को इशारे भी किए। यह सब जब हो रहा था तो मंच पर कांग्रेस प्रवक्ता राशिद अल्वी भी मौजूद थे। उनके समझाने से भी कांग्रेस प्रत्याशी नहीं माने और नगमा की सुंदरता का गुणगान करते रहे। स्थिति यहां तक पहुंची कि नाराज नगमा मंच छोड़ कर चली गईं। पहले सपा, फिर आरएलडी की नेता बनीं मशहूर फिल्म अभिनेत्री जयाप्रदा को भी तब शर्मिंदगी उठानी पड़ी थी, जब उनके न्यूड पोस्टर प्रसारित होने लगे थे। जयाप्रदा ने इन आपत्तिजनक पोस्टरों के पीछे यूपी में मंत्री आज़म खान का हाथ होने का आरोप लगाया था। यह तब हुआ, जब जया, आजम एक ही पार्टी सपा में थे। बात दो साल पहले हुए यूपी विधानसभा चुनावों की है, जब जया रामपुर सीट से सपा प्रत्याशी थीं। उन्होंने चुनाव आयोग से उनके क्षेत्र में अश्लील पोस्टर और सीडी बांटे जाने की शिकायत की थी। हालांकि जया यहां से चुनाव हार गईं, लेकिन इस घटना से उनकी छवि पर गहरा आघात पहुंचा था।
दो साल पहले गुजरात विधानसभा चुनावों के विश्लेषण के लिए एक न्यूज चैनल पर नेताओं में बहस हो रही थी। इस बहस में कांग्रेस सांसद संजय निरुपम और बीजेपी नेत्री स्मृति ईरानी भी मौजूद थीं। बहस के दौरान निरुपम ने स्मृति को 'ठुमके लगाने वाली' तक बता दिया, जिस पर स्मृति और निरुपम के बीच तीखी बहस हो गई। निरुपम के इस भद्दे कमेंट के बाद राजनीति खासी गरमा गई थी। स्मृति ने निरुपम को जहां कानूनी नोटिस भेजा, वहीं उनकी पार्टी बीजेपी ने सोनिया गांधी से शिकायत करने के साथ साथ निरुपम के बहिष्कार का भी फैसला कर लिया था। बीजेपी ने तब कहा था कि जब तक निरुपम माफी नहीं मांगते, तब तक टीवी या किसी भी सार्वजनिक मंच पर निरुपम के साथ कोई बीजेपी नेता नहीं बैठेगा और न ही किसी कार्यक्रम में हिस्सा लेगा। 2013 में मलयालम और हिंदी फिल्मों की अभिनेत्री श्वेता मेनन भी छेड़छाड़ की शिकार हुईं। श्वेता ने कांग्रेस सांसद एन. पीताम्बरा कुरूप पर कोल्लम पुलिस थाने में छेड़छाड़ का मामला दर्ज कराया था। हालांकि आंध्र प्रदेश कांग्रेस ने अपने सांसद का बचाव करते हुए कहा था कि वे निर्दोष हैं और उन्होंने ऐसा कुछ नहीं किया, लेकिन कोल्लम की यूथ कांग्रेस के गुस्साए कार्यकर्ताओं ने श्वेता मेनन का पुतला जला दिया। मामला तब और बिगड़ गया जब घटना के बाद एक विधायक ने भी श्वेता को लेकर अभद्र कमेंट कर दिया। श्वेता ने अपने साथ छेड़छाड़ करने वाले का नाम लिए बगैर कहा था कि प्रेसीडेंट ट्रॉफी बोट रेसिंग समारोह स्थल पर उनसे छेड़छाड़ की गई। मीडिया में आई फुटेज में दिखाया गया कि कुरूप अभिनेत्री की ओर बढ़ रहे हैं और उन्हें छू रहे हैं। (देखें फोटो) श्वेता मेनन ने कहा था कि वह फिल्म मलयालम अभिनेता संघ (एएमएमए) से मामले पर विचार-विमर्श करने के बाद आगे की कार्रवाई तय करेंगी। श्वेता ने कहा कि उन्होंने इस कड़वे अनुभव के बारे में जिला कलेक्टर को अवगत करा दिया है। हालांकि कलेक्टर ने ऐसी कोई शिकायत होने से इनकार किया। यह मामला बाद में दबा दिया गया और न ही श्वेता की ओर से इस पर कोई बयान आया।
मंगलवार (15 अप्रैल) को नगमा भोपाल में थीं। कांग्रेस प्रत्याशी पीसी शर्मा के समर्थन में नगमा को एक जनसभा लेनी थी। इसके लिए वे स्थानीय जिंसी चौराहे पर पहुंची, तो मंच पर स्थानीय नेताओं की भारी भीड़ देखकर बिफर गईं। जब उन्होंने आपत्ति जताई तो शर्मा ने लोगों को हटाना शुरू किया। इस बीच काफी धक्का-मुक्की भी हुई। इसके बाद जब नगमा माइक पर आईं, तभी पीछे से किसी ने कोई कमेंट कर दिया। टिप्पणी काफी आपत्तिजनक थी जो नगमा को इतनी नागवार गुजरी कि वे तुरंत ही मंच से उतर गईं और चली गईं। दो साल पहले विधानसभा चुनावों के दौरान यूपी के बिजनौर में भी नगमा के साथ कुछ ऐसा हुआ था, जिसने एक नए विवाद को जन्म दे दिया। यहां की बरहापुर सीट से कांग्रेस प्रत्याशी हुसैन अहमद अंसारी ने नगमा को माला पहनाते वक्त उनके कंधे पर हाथ रखने की कोशिश की। इसपर नगमा ने उनका हाथ झटक दिया। हुसैन अंसारी यहीं नहीं रुके और नगमा की आंख और जुल्फों की तारीफ में कसीदे पढ़ने शुरू कर दिए। इसके अलावा अंसारी ने मंच पर सार्वजनिक रूप से नगमा को इशारे भी किए। यह सब जब हो रहा था तो मंच पर कांग्रेस प्रवक्ता राशिद अल्वी भी मौजूद थे। उनके समझाने से भी कांग्रेस प्रत्याशी नहीं माने और नगमा की सुंदरता का गुणगान करते रहे। स्थिति यहां तक पहुंची कि नाराज नगमा मंच छोड़ कर चली गईं। पहले सपा, फिर आरएलडी की नेता बनीं मशहूर फिल्म अभिनेत्री जयाप्रदा को भी तब शर्मिंदगी उठानी पड़ी थी, जब उनके न्यूड पोस्टर प्रसारित होने लगे थे। जयाप्रदा ने इन आपत्तिजनक पोस्टरों के पीछे यूपी में मंत्री आज़म खान का हाथ होने का आरोप लगाया था। यह तब हुआ, जब जया, आजम एक ही पार्टी सपा में थे। बात दो साल पहले हुए यूपी विधानसभा चुनावों की है, जब जया रामपुर सीट से सपा प्रत्याशी थीं। उन्होंने चुनाव आयोग से उनके क्षेत्र में अश्लील पोस्टर और सीडी बांटे जाने की शिकायत की थी। हालांकि जया यहां से चुनाव हार गईं, लेकिन इस घटना से उनकी छवि पर गहरा आघात पहुंचा था।
दो साल पहले गुजरात विधानसभा चुनावों के विश्लेषण के लिए एक न्यूज चैनल पर नेताओं में बहस हो रही थी। इस बहस में कांग्रेस सांसद संजय निरुपम और बीजेपी नेत्री स्मृति ईरानी भी मौजूद थीं। बहस के दौरान निरुपम ने स्मृति को 'ठुमके लगाने वाली' तक बता दिया, जिस पर स्मृति और निरुपम के बीच तीखी बहस हो गई। निरुपम के इस भद्दे कमेंट के बाद राजनीति खासी गरमा गई थी। स्मृति ने निरुपम को जहां कानूनी नोटिस भेजा, वहीं उनकी पार्टी बीजेपी ने सोनिया गांधी से शिकायत करने के साथ साथ निरुपम के बहिष्कार का भी फैसला कर लिया था। बीजेपी ने तब कहा था कि जब तक निरुपम माफी नहीं मांगते, तब तक टीवी या किसी भी सार्वजनिक मंच पर निरुपम के साथ कोई बीजेपी नेता नहीं बैठेगा और न ही किसी कार्यक्रम में हिस्सा लेगा। 2013 में मलयालम और हिंदी फिल्मों की अभिनेत्री श्वेता मेनन भी छेड़छाड़ की शिकार हुईं। श्वेता ने कांग्रेस सांसद एन. पीताम्बरा कुरूप पर कोल्लम पुलिस थाने में छेड़छाड़ का मामला दर्ज कराया था। हालांकि आंध्र प्रदेश कांग्रेस ने अपने सांसद का बचाव करते हुए कहा था कि वे निर्दोष हैं और उन्होंने ऐसा कुछ नहीं किया, लेकिन कोल्लम की यूथ कांग्रेस के गुस्साए कार्यकर्ताओं ने श्वेता मेनन का पुतला जला दिया। मामला तब और बिगड़ गया जब घटना के बाद एक विधायक ने भी श्वेता को लेकर अभद्र कमेंट कर दिया। श्वेता ने अपने साथ छेड़छाड़ करने वाले का नाम लिए बगैर कहा था कि प्रेसीडेंट ट्रॉफी बोट रेसिंग समारोह स्थल पर उनसे छेड़छाड़ की गई। मीडिया में आई फुटेज में दिखाया गया कि कुरूप अभिनेत्री की ओर बढ़ रहे हैं और उन्हें छू रहे हैं। (देखें फोटो) श्वेता मेनन ने कहा था कि वह फिल्म मलयालम अभिनेता संघ (एएमएमए) से मामले पर विचार-विमर्श करने के बाद आगे की कार्रवाई तय करेंगी। श्वेता ने कहा कि उन्होंने इस कड़वे अनुभव के बारे में जिला कलेक्टर को अवगत करा दिया है। हालांकि कलेक्टर ने ऐसी कोई शिकायत होने से इनकार किया। यह मामला बाद में दबा दिया गया और न ही श्वेता की ओर से इस पर कोई बयान आया।



