हजरत अली के जन्मदिन पर महफिल का हुआ आयोजन
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जौनपुर। शिया समुदाय के पहले इमाम हजरत अली अलै. के जन्मदिन पर अब्बासी कमेटी ने जश्न-ए-मौलाए कायनात के सिलसिले में महफिल का आयोजन किया जहां जनपद के अलावा गैर जनपद से आये तमाम शायरों अहलेबैत ने हिस्सा लेते हुये मीर मोहम्मद बिलाल के दिये मिसरे को तरहा। तत्पश्चात् पैदा हुये काबे में खुदा की मर्जी पर शेर पढ़कर शायरों ने महफिल में चार चांद लगाकर खूब वाहवाही लूटी गयी। इसके पहले कार्यक्रम की शुरूआत हदिसे किसा से हुई। इसी क्रम में जाकिरे अहलेबैत सैयद डा. कमर अब्बास आजमी ने मौला अली की रवानाए काबा में पैदाइश के सिलसिले में विस्तार से रोशनी डालते हुये कहा कि मौला अली हजरत मोहम्मद के भाई ही नहीं, बल्कि दामाद और एक ही नूर के दो टुकड़े हैं। कार्यक्रम का संचालन शबाब जौनपुरी ने किया। इस अवसर पर जमाल सलमानी, बिलाल जानी, दानिश, शारिब, शारिब, राजा अकबरपुरी, रौजानुल हसन, मुस्लिम, मेंहदी, इशरत, मुश्ताक, अफरोज, बातिक, मो. मुस्लिम हीरा, अबूशमामा, अली एहराम, नसीम हैदर, शाहिल, अरबाज सहित अन्य लोग उपस्थित रहे। अन्त में कार्यक्रम संयोजक हसीन हैदर ने सभी के प्रति आभार जताया।
