बिजली + बलात्कार = अखिलेश सरकार
https://www.shirazehind.com/2014/06/blog-post_11.html
लोक सभा चुनाव समाप्त होते ही यूपी में बिजली की विकराल समस्या हो गई है और बलात्कार , हत्या ,लूट समेत अन्य अपराधिक घटनाओ का ग्राफ तेज़ी से बढ़ा है । मुलायम और उनके परिवार के चुनावी क्षेत्र और प्रधान मंत्री मोदी के वाराणसी में 24 घंटे बिजली मिल रही है लेकिन अन्य जनपदो में बा मुश्किल 10 से 12 घंटे बिजली मिल पा रही है । कही कही ट्रान्सफारमर जलने व लोकल फाल्ट होने के कारण एक एक हफ्ते जनता इस भीषण गर्मी में बिलबिला रही है। दूसरी तरफ प्रदेश में अपराधिक सेंन्सेक्स में काफी तेजी से उछाल आया है। आये दिन लूट हत्या और बालात्कार जैसी घटनाओं को अंजाम देकर अपराधी यह साबित कर दिया है कि उत्तर प्रदेश में कानून का राज नही बल्की माफियाओं का राज चल रहा है।
बिजली तो मुख्यमंत्री अखिलेश यादव अपनें परिवार के सांसदों और विधायको के क्षेत्र में पहुंचा रहे है। लेकिन परिवारिक सीटों पर हो रहे अपराधिक घटनाओं पर लगाम लगानें में फिलहाल अभी तक नाकाम ही दिख रहे। इसका उदाहरण आप लोगो ने खुद देख लिया बदायू में । इस जिलें के सांसद मुख्यमंत्री के भाई धमेन्द्र यादव है। यहां पर बेखौफ बदमाशों नें दो बहनों का रेप करनें बाद उन्हे फासी पर लटका कर देश ही नही विदेशों में यूपी का सिर नीचा करनें काम किया। इस मामलें का पर्दाफास कर अपराधियों कड़ी सी कड़ी सजा दिलाने के बजाय सपा सरकार अपराधियों की ढ़ाल बनती नजर आयी है। इस मामलें पर सही दिशा में काम करनें वाले एसएसपी अतुल सक्सेना को निलंबित कर दिया गया। उधर डीजीपी नें मीडिया सें कहा कि एक लड़की के साथ रेप होनें की पुष्टि तों पोस्टमार्टम रिर्पोट में हुई हैं लेकिन दूसरी के साथ रेप नही हुआ है। जबकि पोस्टमाटर्म रिर्पोट में दोनों के साथ रेप होनें पुष्टि पहलें ही हो चुकी थी। इस कटु सत्य को छिपा कर सफेद झूठ बोलने के पीछे क्या मंशा होगी इसका अंदाजा आप खुद लगा सकते है। सीएम के पिता मुलायम सिंह यादप के क्षेत्र आजमगढ़ में एक दरोगा की पत्नी के साथ रेप की कोशिश हुई एक विवाहिता की उसके माइके में ही गोलीमारकर हत्या कर दियें जाने समेत दर्जनों लूट हत्या बलात्कार की घटनाएं हुई है। एक दो घटनाएं छोड किसी का भी पर्दाफास पुलिस नही कर पायी है। इसी तरह जौनपुर समेत पूरे प्रदेश में प्रतिदिन लूट बलात्कार हत्या जैसी गम्भीर वारदातें हो रही है। इस पर अखिलेश सरकार अकुंश लगानें के बजाय मीडिया पर सैतेला व्यवहार करनें का तोहमत लगा रहे है।
बिजली तो मुख्यमंत्री अखिलेश यादव अपनें परिवार के सांसदों और विधायको के क्षेत्र में पहुंचा रहे है। लेकिन परिवारिक सीटों पर हो रहे अपराधिक घटनाओं पर लगाम लगानें में फिलहाल अभी तक नाकाम ही दिख रहे। इसका उदाहरण आप लोगो ने खुद देख लिया बदायू में । इस जिलें के सांसद मुख्यमंत्री के भाई धमेन्द्र यादव है। यहां पर बेखौफ बदमाशों नें दो बहनों का रेप करनें बाद उन्हे फासी पर लटका कर देश ही नही विदेशों में यूपी का सिर नीचा करनें काम किया। इस मामलें का पर्दाफास कर अपराधियों कड़ी सी कड़ी सजा दिलाने के बजाय सपा सरकार अपराधियों की ढ़ाल बनती नजर आयी है। इस मामलें पर सही दिशा में काम करनें वाले एसएसपी अतुल सक्सेना को निलंबित कर दिया गया। उधर डीजीपी नें मीडिया सें कहा कि एक लड़की के साथ रेप होनें की पुष्टि तों पोस्टमार्टम रिर्पोट में हुई हैं लेकिन दूसरी के साथ रेप नही हुआ है। जबकि पोस्टमाटर्म रिर्पोट में दोनों के साथ रेप होनें पुष्टि पहलें ही हो चुकी थी। इस कटु सत्य को छिपा कर सफेद झूठ बोलने के पीछे क्या मंशा होगी इसका अंदाजा आप खुद लगा सकते है। सीएम के पिता मुलायम सिंह यादप के क्षेत्र आजमगढ़ में एक दरोगा की पत्नी के साथ रेप की कोशिश हुई एक विवाहिता की उसके माइके में ही गोलीमारकर हत्या कर दियें जाने समेत दर्जनों लूट हत्या बलात्कार की घटनाएं हुई है। एक दो घटनाएं छोड किसी का भी पर्दाफास पुलिस नही कर पायी है। इसी तरह जौनपुर समेत पूरे प्रदेश में प्रतिदिन लूट बलात्कार हत्या जैसी गम्भीर वारदातें हो रही है। इस पर अखिलेश सरकार अकुंश लगानें के बजाय मीडिया पर सैतेला व्यवहार करनें का तोहमत लगा रहे है।

