बरामद विस्फोटक मामले में हुआ खुलासा, बीटेक का छात्र निकला आरोपी
https://www.shirazehind.com/2014/06/blog-post_4552.html
वाराणसी. पीएम के लोकसभा क्षेत्र वाराणसी में पिछले दिनों एक कार से 145 किलो विस्फोटक बरामद किए जाने के मामले में लंका पुलिस ने युवक को गिरफ्तार कर लिया है। इस गिरफ्तारी से पूरे मामले में बड़ा खुलासा होने की आशंका है। आरोपी इलाहाबाद का छात्र हैं, जो की बीटेक की तैयारी कर रहा है।
बताते चलें कि 14 जून को वाराणसी के टोल नाके पर 145 किलो विस्फोटक अमोनियम नाइट्रेट बरामद किया गया था। तीन थैलों में भरा यह विस्फोटक एक लावारिस कार से बरामद हुआ था। पुलिस नेशनल हाइवे2 पर वाहनों की जांच कर रही थी। इसी दौरान इलाहाबाद से आ रही कार के ड्राइवर ने जांच के लिए खड़ी पुलिस को देखकर सड़क किनारे गाड़ी खड़ी कर दी और भाग निकला। ड्राइवर को भागते देखा तो पुलिस ने वाहन की जांच की। उसमें विस्फोटक सामग्री मिली थी। एसपी सिटी सुधाकर यादव ने बताया कि 14 जून को पुलिस के हाथ अमोनियम नाइट्राइट के अलावा कोई आरोपी हाथ नहीं लगा था। मामले की जांच के लिए पुलिस ने एक टीम बिहार भी भेजा था, तभी से इस मामले की तह तक पहुंचने में लगी थी। पुलिस को शुक्रवार उस वक्त कामयाबी मिली जब इस गिरोह का एक आरोपी पकड़ा गया। आरोपी का नाम जीतेंद्र सिंह चौहान, जो अपने को बीटेक का छात्र बता रहा है। हालांकि अन्य आरोपी अभी पुलिस के गिरफ्त में नहीं आए हैं।
वाराणसी पुलिस के अनुसार अभी यह मामला खनन को लेकर हैं। पहाड़ तोड़ने के लिए अवैध अमोनियम नाइट्राइट मध्यप्रदेश और यूपी के बॉर्डर पर शंकरगढ़ जा रहा था। अक्सर अवैध तरीके से ये काम करते थे। इसका पैसा भी इन्हें मिलता था। हालांकि पुलिस ने इस बात से भी इनकार नहीं किया हैं की इनकी संलिप्तता नक्सलियों को भी विस्फोटक सप्लाई करने में न हो। पुलिस हर बिंदु पर पूछताछ कर रही है। साथ ही इस गिरोह के अन्य साथियों की तलाश में लगी हैं ताकि मामले की गुत्थी पूरी तरह सुलझ सके।
बताते चलें कि 14 जून को वाराणसी के टोल नाके पर 145 किलो विस्फोटक अमोनियम नाइट्रेट बरामद किया गया था। तीन थैलों में भरा यह विस्फोटक एक लावारिस कार से बरामद हुआ था। पुलिस नेशनल हाइवे2 पर वाहनों की जांच कर रही थी। इसी दौरान इलाहाबाद से आ रही कार के ड्राइवर ने जांच के लिए खड़ी पुलिस को देखकर सड़क किनारे गाड़ी खड़ी कर दी और भाग निकला। ड्राइवर को भागते देखा तो पुलिस ने वाहन की जांच की। उसमें विस्फोटक सामग्री मिली थी। एसपी सिटी सुधाकर यादव ने बताया कि 14 जून को पुलिस के हाथ अमोनियम नाइट्राइट के अलावा कोई आरोपी हाथ नहीं लगा था। मामले की जांच के लिए पुलिस ने एक टीम बिहार भी भेजा था, तभी से इस मामले की तह तक पहुंचने में लगी थी। पुलिस को शुक्रवार उस वक्त कामयाबी मिली जब इस गिरोह का एक आरोपी पकड़ा गया। आरोपी का नाम जीतेंद्र सिंह चौहान, जो अपने को बीटेक का छात्र बता रहा है। हालांकि अन्य आरोपी अभी पुलिस के गिरफ्त में नहीं आए हैं।
वाराणसी पुलिस के अनुसार अभी यह मामला खनन को लेकर हैं। पहाड़ तोड़ने के लिए अवैध अमोनियम नाइट्राइट मध्यप्रदेश और यूपी के बॉर्डर पर शंकरगढ़ जा रहा था। अक्सर अवैध तरीके से ये काम करते थे। इसका पैसा भी इन्हें मिलता था। हालांकि पुलिस ने इस बात से भी इनकार नहीं किया हैं की इनकी संलिप्तता नक्सलियों को भी विस्फोटक सप्लाई करने में न हो। पुलिस हर बिंदु पर पूछताछ कर रही है। साथ ही इस गिरोह के अन्य साथियों की तलाश में लगी हैं ताकि मामले की गुत्थी पूरी तरह सुलझ सके।

