कड़ाके की ठण्ड शुरू , नही बटा कम्बल, नही जल रहा है अलाव
https://www.shirazehind.com/2014/12/blog-post_163.html
जौनपुर। एक हफ्ते से जौनपुर में कड़ाके की ठण्ड पड़ रही है. ठण्ड से लोगो जाने बचाने की मुक्कमल व्यस्था जिला प्रशासन ने किया है जरुर लेकिन वह कागजो पर ही सीमित है जमीनी हकीकत यह है न ही कही अलाव जल रहा है न ही रैन बसेरा है ऍसी हालत में बाहर से आने जाने वाले यात्रियों और गरीब जनता ठिठुर रही है
दिसम्बर महीना शुरू होते ही ठण्ड ने पूरे जिले को चपेट में ले लिया हालत यह है की सुबह दोपहर शाम या रात हर पहर एक ही जैसा है। हर व्यक्ति ठण्ड से जान बचाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे इसके बाद भी लोगो को राहत नही मिल रहा है जिला प्रशासन ने जिन स्थानों पर अलाव जलाने का दावा किया है उसमे है रेलवे स्टेशन यहाँ पर प्रशासन कितना गर्मी पैदा किया है उसकी गवाह है ये ठण्ड से ठिठुरते यात्री इनमे कोई पंजाब से आया है तो कोई कोलकाता से सभी लोगो ने गर्म कपडे पहन रखे है इसके बावजूद लोगो के हाड़ कांप रहे है इस स्थान पर नगर पालिका प्रशासन दोनों टाइम अलाव जलवा रहा है यही अकड़ा जिला अस्पताल रोडवेज और शहर की मुख्य चौराहों की है नगर पालिका इन स्थानों पर अलाव जलवाकर कर राहगीरों को गर्मी दे रहा है एडीएम गंगा राम गुप्ता ने बताया कि सभी तहसीलो में कम्बल वितरण के लिए 5 -5 लाख रूपये और 50 -50 हजार रूपये अलाव जलाने भेज दिया गया है।
जिला प्रशासन के दावे की जब तहकीकात किया गया तो रेलवे स्टेशन पर जो अलाव जलता मिला वह आटो रिक्शा और रिक्शो वाले के चंदे के पैसे से जल रहा था जिला अस्पताल में तीमारदार अपने संसाधन से अपने जान की रक्षा करते मिले यही स्थिति रोडवेज और अन्य चौराहों पर देखी गई उधर कबल बाटे जाने का दावा भी खोखला निकला है जिले में कही भी रैन स्थापित नही है।
सरकारी आकंडो पर तो पूरा जिला आग के गोलों से ठण्ड से राहत पा रहा है यदि जिला प्रशासन का यही हाल रहा तो ठण्ड से मरने की भी खबर आ सकती है
जिला प्रशासन के दावे की जब तहकीकात किया गया तो रेलवे स्टेशन पर जो अलाव जलता मिला वह आटो रिक्शा और रिक्शो वाले के चंदे के पैसे से जल रहा था जिला अस्पताल में तीमारदार अपने संसाधन से अपने जान की रक्षा करते मिले यही स्थिति रोडवेज और अन्य चौराहों पर देखी गई उधर कबल बाटे जाने का दावा भी खोखला निकला है जिले में कही भी रैन स्थापित नही है।
सरकारी आकंडो पर तो पूरा जिला आग के गोलों से ठण्ड से राहत पा रहा है यदि जिला प्रशासन का यही हाल रहा तो ठण्ड से मरने की भी खबर आ सकती है


३३, लाख रुपये,ना मालूम किस समय खर्च किये जायेंगे।
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